तुर्किये गणराज्य दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से है जो यूरोप और एशिया, दोनों ही महाद्वीपों का हिस्सा है। तुर्की 1980 के दशक से ही यूरोपीय संघ का हिस्सा बनना चाहता है, लेकिन उसकी यह आकांक्षा आज तक अधूरी रही है। व्यापार और सहयोग के संदर्भ में यूरोपीय संघ (ईयू) और तुर्की के संबंध बहुत अच्छे होने के बावजूद, तुर्किये के यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में न केवल कोई प्रगति हुई है, बल्कि 2018 से यूरोपीय संघ द्वारा इस मामले पर रोक लगा दी गई है। जहाँ स्पेन और स्वीडन जैसे कुछ देश अभी भी तुर्की की सदस्यता का समर्थन करते हैं, वहीं अन्य देशों ने तुर्की में मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे विभिन्न कारणों से इसका कड़ा विरोध किया है। यह शोधपत्र तुर्किये की यूरोपीय संघ की सदस्यता हेतु लंबे समय से चली आ रही कोशिश का विश्लेषण करने का प्रयास है, जिसमें ईयू द्वारा इसकी आलोचना और इसके प्रवेश में देरी के कारणों पर चर्चा की गई है।
प्रस्तावना
वर्ष 1923 में तुर्की गणराज्य की स्थापना के पश्चात् से ही, यह पश्चिम को अपना एक अनुकरणीय आदर्श मानता रहा है, खासकर संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क के नेतृत्व में, जो तुर्की का 'यूरोपीयकरण' करना चाहते थे। 1945 के पश्चात्, तुर्की उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल हो गया और मार्शल योजना में हिस्सा लिया। 1950 में तुर्की यूरोप परिषद के पहले सदस्य देशों में से एक था और 1963 के अंकारा समझौते और 1992 में क्रमशः यूरोपीय आर्थिक समुदाय और पश्चिमी यूरोपीय संघ का सहयोगी सदस्य बना। 1987 में पूर्ण सदस्यता हासिल करने और 1993 में मास्ट्रिच संधि द्वारा यूरोपीय संघ के गठन के बाद, तुर्की औपचारिक रूप से यूरोपीय संघ में शामिल होना चाहता था और उसने इसकी सदस्यता हेतु आवेदन भी किया था, लेकिन यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में तुर्किये को संघ में स्वीकार करने के मतभेद और वर्तमान राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की तुर्किये से संबंधित घरेलू एवं विदेशी नीतियों को लेकर उनकी सतर्कता की वजह से वार्ता रुकी रही।
यूरोपीय संघ द्वारा तुर्किये की घरेलू और विदेशी नीतियों की आलोचना
2016 तक, यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच 2016 के प्रवासन समझौते के साथ तुर्की की यूरोपीय संघ की सदस्यता को लेकर बातचीत धीमी लेकिन स्थिर गति से चल रही थी, जिसका उद्देश्य तुर्की को सीरियाई शरणार्थियों को स्वीकार करने और अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत करके इस प्रक्रिया को तेज करना था।[i] हालाँकि, 2016 में राष्ट्रपति और उनके समर्थकों से सत्ता छीनने के उद्देश्य से हुए असफल तख्तापलट के बाद तुर्की में राजनीतिक उठापटक के कारण बातचीत स्थगित कर दी गई थी।[ii] राष्ट्रपति ने इस तख्तापलट को दुश्मनों का सफ़ाया करने के उद्देश्य से "ईश्वर द्वारा दिया गया उपहार" बताया था। इसके बाद विपक्षी दल के सदस्यों और आलोचकों के ख़िलाफ़ क्रूर कार्रवाई की गई; 3,000 से ज़्यादा लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई और 77,000 से ज़्यादा लोगों को तख्तापलट में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया। 2016 से 2018 तक आपातकाल की घोषणा की गई थी।[iii] राष्ट्रपति एर्दोआन के नेतृत्व में, तुर्किये को देश में विपक्षी दलों, अल्पसंख्यकों और अभिव्यक्ति की आजादी को न मानने के कारण एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और यूरोपीय संघ जैसे मानवाधिकार संगठनों से तीखी प्रतिक्रिया और आलोचना का सामना करना पड़ा है।[iv] यूरोपीय संघ ने प्रेस की स्वतंत्रता को बाधित करने, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कम करने, विपक्षी अभियानों पर प्रतिबंध लगाने, मेयर एक्रेम इमामोग्लू जैसे विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी, 2013 में गेज़ी पार्क विरोध प्रदर्शनों के दमन और संसदीय प्रणाली को राष्ट्रपति प्रणाली में बदलने की वजह से एर्दोआन के शासन की आलोचना की है।[v] 2016 में तुर्किये द्वारा मृत्युदंड की संभावित बहाली को एर्दोआन द्वारा समर्थन दिए जाने को लेकर तत्कालीन यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जीन-क्लाउड जुनकर ने यह घोषणा की कि, ‘तुर्किये निकट भविष्य में यूरोपीय संघ का सदस्य बनने की स्थिति में नहीं है’।[vi] चूंकि यूरोपीय संघ में सदस्यता के लिए कोपेनहेगन मानदंडों को पूरा करना होता है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों एवं स्वतंत्रता को बनाए रखना भी शामिल है, तुर्किये की प्रवेश प्रक्रिया को यूरोपीय संघ द्वारा इन मानदंडों को पूरा नहीं करने के कारण रोक दिया गया था।[vii] उपर्युक्त के अलावा, यूरोपीय संघ में प्रवेश के मानदंडों में अच्छे पड़ोसी संबंधों को बनाए रखना भी शामिल है, और साइप्रस व ग्रीस के साथ तुर्की का विवाद, जो दोनों यूरोपीय संघ के सदस्य हैं, भी तुर्किये के यूरोपीय संघ में प्रवेश में एक बाधा साबित हुआ है।[viii] पूर्वी भूमध्य सागर में समुद्री प्रभुत्व बनाए रखने के लिए तुर्की की मुखर ‘मावी वतन’ (ब्लू होमलैंड) विदेश नीति, जैसे कि क्षेत्र में विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और ऊर्जा संसाधन, ग्रीस व तुर्की के बीच विवाद के कारणों में से एक है।
2005 में, यूरोपीय संघ ने तुर्की से साइप्रस गणराज्य और अर्मेनियाई नरसंहार को यूरोपीय संघ में शामिल होने की शर्त के तौरपर मान्यता देने की माँग की थी, जिसे अंकारा ने अस्वीकार कर दिया था। इसके अलावा, सीरिया, इराक, लीबिया और कराबाख में तुर्की के सैन्य अभियान और गाजा संघर्ष में इज़राइल की कार्रवाइयों पर उसका स्पष्ट आलोचनात्मक रुख यूरोपीय संघ को रास नहीं आ रहा है।[ix] रूस-यूक्रेन युद्ध में तुर्की का संतुलन बनाये रखने का रवैया यूरोपीय संघ की विदेश नीति से एक अन्य अलगाव को दिखाता है और यूरोपीय संघ-तुर्की संबंधों में एक अड़चन है।
तुर्किये पर यूरोपीय संघ के सदस्यों का अलग-अलग रुख
वर्तमान में, तुर्किये को यूरोपीय संघ का सदस्य बनने का हक है या नहीं, इस पर यूरोपीय संघ के सदस्यों के बीच काफी बहस चल रही है, जिसमें ऑस्ट्रिया, फ्रांस व जर्मनी जैसे देशों ने तुर्किये की दावेदारी का विरोध किया है, जबकि स्वीडन, स्पेन, पोलैंड, हंगरी और फिनलैंड ने इसका समर्थन किया है।[x] हालाँकि, समर्थन करने वाले देशों द्वारा समर्थन का कारण आपसी हित हो सकता है, जैसे कि तुर्किये को शामिल किए जाने के बाद स्वीडन का नाटो में प्रवेश का रास्ता खुलना, लेकिन विरोधी देशों को डर है कि अगर तुर्किये यूरोपीय संघ में शामिल हो जाता है, तो एनलार्जमेंट फटीग की स्थिति और बाद में अन्य देशों द्वारा शामिल होने की दावेदारी की जा सकती है। ऑस्ट्रिया और जर्मनी द्वारा तुर्किये की यूरोपीय संघ की सदस्यता की कोशिश का कड़ा विरोध करने का कारण अधिक आप्रवासन को लेकर उनका डर हो सकता है—उनके यहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी तुर्की आबादी रहती है, और तुर्किये के वीज़ा-मुक्त शेंगेन ज़ोन का हिस्सा बनने से प्रवासियों की संख्या और बढ़ सकती है। इन देशों ने यूरोपीय संघ में पूर्ण सदस्यता के बजाय तुर्की-यूरोपीय संघ संबंधों के लिए 'विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी' का प्रस्ताव रखा है।
यूरोपीय संघ में तुर्किये की प्रासंगिकता
तुर्किये की नीतियों को लेकर यूरोपीय संघ के असंतोष के बावजूद, यूरोपीय संघ में उसके प्रवेश की प्रक्रिया को केवल स्थगित किया गया है, पूरी तरह से अस्वीकार नहीं किया गया है।[xi] इसका कारण व्यापार, रक्षा और यूरोपीय संघ में अवैध आव्रजन पर अंकुश लगाने के संदर्भ में तुर्किये का भू-रणनीतिक महत्व है, जिसकी वजह से तुर्किये के प्रस्ताव को अभीतक पूरी तरह से अस्वीकार नहीं किया गया है।[xii] उदाहरण के लिए, 1995 से तुर्किये-यूरोपीय संघ सीमा शुल्क संघ ने तुर्की को यूरोपीय आपूर्ति श्रृंखला में काफी अधिक शामिल किया है, और तुर्की यूरोपीय संघ का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जबकि यूरोपीय संघ 2025 तक तुर्किये का शीर्ष व्यापारिक भागीदार बना रहेगा।[xiii] रक्षा गठबंधनों की बात करें तो, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा यूक्रेन को सहायता रोकने की धमकी के बाद, यूरोपीय संघ ने रक्षा खर्च और अन्य राष्ट्रों-राज्यों के साथ साझेदारी को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना लिया है, और तुर्किये इसका अपवाद नहीं है।[xiv] तुर्किये के पास नाटो की सबसे बड़ी स्थायी सेनाओं में से एक है और इसके पास बढ़ता हुआ स्वदेशी रक्षा उद्योग है जो ड्रोन व अन्य सैन्य तकनीक का निर्माण करता है, जिसकी वजह से यह यूरो-अटलांटिक सुरक्षा हेतु एक आकर्षक देश है।[xv] पूर्वी भूमध्य सागर और काकेशस के साथ क्षेत्रीय सहयोग को आसान बनाने में तुर्किये की भूमिका, जैसे कि काला सागर समुद्री सुरक्षा प्रमुख पहल और काला सागर समुद्री सुरक्षा केंद्र की स्थापना, यूरोपीय संघ को इस क्षेत्र के साथ ऊर्जा तथा अन्य महत्वपूर्ण आयात-निर्यात का एक पारगमन मार्ग बन सकता है।
अंत में, यूरोपीय संघ को पश्चिम एशिया जैसे क्षेत्रों से प्रवासन को रोकने हेतु तुर्किये की आवश्यकता है, जहाँ यूरोपीय संघ अक्सर शरणार्थियों या शरण चाहने वालों के लिए गेटवे के जैसा है, जो कि 2016 के प्रवासन समझौते से स्पष्ट होता है जो तुर्की में प्रवासियों और शरणार्थियों को फिर से बसाने के अपने उद्देश्य में कुछ हद तक प्रभावी साबित हुआ। तुर्किये के ज़रिए यूरोप में आने वाले प्रवासियों की संख्या में 97% की गिरावट आई है।[xvi] चूँकि तुर्किये यूरोपीय संघ के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है, इसलिए यूरोपीय संघ ने बातचीत ठप्प होने के बावजूद तुर्किये को यूरोपीय संघ की सदस्यता का लालच देना बंद नहीं किया है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में दशकों से चली आ रही आम सहमति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को देखते हुए, शायद अब समय आ गया है कि वैश्विक एजेंडे पर गंभीरता से विचार किया जाए, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी देश को उसकी भौगोलिक स्थिति की वजह से पहचान के जाल में न फँसाने देना हो।
निष्कर्ष
यूरोपीय संघ में तुर्किये को शामिल करने को लेकर बातचीत दशकों से चल रही है, लेकिन तुर्किये के लिए संघ के दरवाजे अभीतक बंद रहे हैं। जिस तरह यूरोपीय संघ तुर्किये पर अपना प्रभाव कम नहीं करना चाहता, उसी तरह तुर्किये के पास भी व्यापार व सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र के संदर्भ में यूरोपीय संघ को इसपर बातचीत जारी रखने हेतु मजबूर करने का पर्याप्त कारण है। हालाँकि, तुर्किये न केवल कोपेनहेगन के मानदंडों को पूरा करने में विफल रहा है, बल्कि उसके यहां हुए लोकतांत्रिक पतन ने यूरोपीय संघ के लिए बातचीत फिर से शुरू करना असंभव बना दिया है। भले ही स्पेन या स्वीडन जैसे सदस्य देश तुर्किये को शामिल करने का समर्थन करते हों, लेकिन सदस्य देशों के बीच समर्थन को लेकर असहमति तुर्किये में मानवाधिकारों के उल्लंघन, प्रेस की स्वतंत्रता और न्यायिक स्वतंत्रता के बारे में यूरोपीय संघ की चिंताओं को दरकिनार करने हेतु पर्याप्त नहीं है। जब तक अंकारा देश में बढ़ती तानाशाही को रोकने हेतु कदम नहीं उठाता, तब तक उसके पास चाहे जो भी दांव हो, यूरोपीय संघ को बातचीत फिर से शुरू करने हेतु राजी करने में अप्रभावी हो सकते हैं।
*****
*ऐश्वर्या उप्रेती, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण
[i] Turkey Attempted Coup .(n.d.). Al Jazeera. https://www.aljazeera.com/tag/turkey-attempted-coup/
[ii] Gotev, G., & Gotev, G. (2016, July 18). Erdogan says coup was ‘gift from God’ to reshape country, punish enemies. Euractive. https://www.euractiv.com/section/global-europe/news/erdogan-says-coup-was-gift-from-god-to-re-shape-country-punish-enemies
[iii] ECPS_Admin. (2025, March 6). Erdogan’s winning authoritarian populist formula and Turkey’s future - ECPS. ECPS. https://www.populismstudies.org/erdogans-winning-authoritarian-populist-formula-and-turkeys-future/
[iv] Turkey’s ambivalence is a threat to European security. Carnegie Endowment for International Peace. https://carnegieendowment.org/posts/2025/04/turkeys-ambivalence-is-a-threat-to-european-security?lang=en
[v] Reuters. (2016, July 25). Turkey in no position to become EU member any time soon: Juncker. Reuters. https://www.reuters.com/article/world/turkey-in-no-position-to-become-eu-member-any-time-soon-juncker-idUSKCN1050L9/
[vi] Türkiye’s EU accession process must remain frozen | News | European Parliament. (n.d.). https://www.europarl.europa.eu/news/en/press-room/20250502IPR28215/turkiye-s-eu-accession-process-must-remain-frozen
[vii] Majuri, A. (2021, March 4). The Eastern Mediterranean conflict: From Turkey-Greece confrontation to regional power struggles - FIIA -. FIIA - Finnish Institute of International Affairs. https://fiia.fi/en/publication/the-eastern-mediterranean-conflict
[viii] Greek and Turkish Cypriots Clash over Political Rights | EBSCO. (n.d.). EBSCO Information Services, Inc. | www.ebsco.com. https://www.ebsco.com/research-starters/ethnic-and-cultural-studies/greek-and-turkish-cypriots-clash-over-political
[ix] Understanding Turkey’s role in the Russia-Ukraine war. (2025, June 17). Hudson Institute. https://www.hudson.org/security-alliances/understanding-turkeys-role-russia-ukraine-war-zineb-riboua
[x] Uras, U. (2023, July 11). Why Turkey changed its stance on Sweden’s NATO membership. Al Jazeera. https://www.aljazeera.com/news/2023/7/11/why-turkey-changed-its-stance-on-swedens-nato-membership-2
[xi] THE MEMBERSHIP OF TURKEY IN EUROPEAN UNION. (n.d.). https://www.ifimes.org/en/researches/the-membership-of-turkey-in-european-union/2977?page=59
[xii] Biggest trading partner EU trade relations with Türkiye. (2025, July 1). Trade and Economic Security. https://policy.trade.ec.europa.eu/eu-trade-relationships-country-and-region/countries-and-regions/turkiye_en
[xiii] Schulten, L. (2025, March 4). Ukraine: Who is in Europe’s “coalition of the willing”? dw.com. https://www.dw.com/en/ukraine-who-is-in-europes-coalition-of-the-willing/a-71823102
[xiv] Carney, S. (2025, June 3). Turkey’s unfulfilled European hopes – GIS Reports. GIS Reports. https://www.gisreportsonline.com/r/turkey-eu-transactional/
[xv] Black Sea Tastan, K. (n.d.). EU-Turkey economic relations in the era of geo-economic fragmentation. Stiftung Wissenschaft Und Politik (SWP). https://www.swp-berlin.org/10.18449/2024C40/
[xvi] Uras, U. (2023, September 20). Analysis: Is Turkey’s bid for EU membership over? Al Jazeera. https://www.aljazeera.com/news/2023/9/20/analysis-is-turkeys-bid-for-eu-membership-over