सारांश: हाल की वर्षों में, भारत के वित्तीय पारितंत्र के डिजिटल सुधार ने इसे डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बना दिया है। यह सफलता, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई/ UPI) की सफलता से मिली है और यह इसकी विदेश नीति में, विशेष रूप से पड़ोसी देशों के साथ, सॉफ्ट पावर का साधन भी बन गई है। देश की प्रौद्योगिकी कूटनीति अब सीमा पार सरल एकीकरण एवं कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर, अपनी मशहूर पड़ोसी प्रथम के हिस्से के रूप में पूरे क्षेत्र में डिजिटल समावेशन को भी बढ़ावा दे रही है।
भारत में यूपीआई का शानदार सफ़र
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान नियम(एनपीसीआई/ NPCI) ने अप्रैल 2016 यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई/ UPI) की शुरुआत की थी। इसने डिजिटल भुगतान पारितंत्र में क्रांति ला दी है और भारत को नकदरहित अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ाया है।[i] अंतर– संचालन (इंटरऑपरेबिलिटी) को सक्षम करने के लिए बनाया गया यूपीआई (UPI) अब उपयोगकर्ताओं को किसी भी यूपीआई– सक्षम एप्लिकेशन से कई बैंक खातों को लिंक करने और एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तत्काल पैसे भेजने की सुविधा देता है। इस कुशल, सुरक्षित और उपयोगकर्ताओं के अनुकूल प्रणाली ने नागरिकों की वित्तीय आदतों को बहुत बदल दिया है और एक बड़े डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई/ DPI) पारितंत्र की नींव रखी है जिसमें आधार और डिजिलॉकर (DigiLocker) जैसी सार्वजनिक सेवाएं भी शामिल हैं।
एक अंदाज़ा देने के लिए, यूपीआई के माध्यम से, अगस्त 2025 में, कुल 24.85 लाख करोड़ रुपये के, 20.01 बिलियन लेन– देन किए गए।[ii] यूपीआई की जबरदस्त सफलता देश की सीमाओं को भी पार कर चुकी है क्योंकि इसमें रियल– टाइम भुगतान राशि में वीज़ा को पीछे छोड़ दिया है और विश्व में इसका कुल हिस्सा लगभग 50% है।[iii] भले ही वीज़ा अभी भी 13.2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के कुल भुगतान राशि के मामले में आगे चल रहा है जबकि यूपीआई 3.2 ट्रिलियन डॉलर (1 जून 2025 तक) पर ही है, यह देखते हुए कि वीज़ा यूपीआई की तुलना में लगभग पांच दशकों से सेवाएं दे रहा है, यूपीआई की तेज़ वृद्धि असाधारण है।[iv]

स्रोत: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
ध्यान दें: यूपीआई ने रोज़ाना के लेने– देन में वीज़ा को पीछे छोड़ दिया है और विश्व की शीर्ष रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बन गया है।
अपने पड़ोसियों के साथ भारत की फिनटेक राजनीति
भारत में यूपीआई की शानदार सफलता, अपनी बड़ी और अलग– अलग प्रकार की आबादी एवं बड़े सामाजिक– आर्थिक अंतर के बावजूद, विश्व भर में मशहूर हुई है औऱ यह एक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वस्तु बन गई है जिसे नई दिल्ली विदेशों में सक्रिए रूप से प्रचारित कर रही है। यह प्रचार इसके पड़ोसी देशों में भी दिख रहा है जहाँ इसने पड़ोसी देशों को अपना डिजिटल अवसंचरना बनाने के लिए प्रभावित किया है।
इलाके का पहला देश भूटान था जिसने जुलाई 2021 में यूपीआई को एकीकृत किया। दो पड़ोसी देशों ने पहले ही रूपे (RuPay) कार्ड के अंतर– संचालन को चालू कर दिया था जिसके बाद भीम यूपीआई (BHIM UPI) लॉन्च किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच वित्तीय समेकन और गहरा हुआ। एनपीसीआई (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल/ NIPL) ने भूटान में सीमा– पार क्यूआर– आधारित भुगतान को सक्षम बनाने के लिए भूटान की रॉयल मॉनेटरी अथॉरिटी (आरएमए/ RMA) के साथ मिल कर काम किया।[v] भूटान ने पहले ही एक किफायती क्यूआर कोड भुगतान प्रणाली विकसित कर ली थी। वर्ष 2024 तक, भूटान क्यूआर घरेलू स्तर पर, कुल डिजिलट भुगतान लेनदेन के 43.3% राशि के साथ दूसरा और लेन–देन के कुल मूल्य के 13.59% के साथ तीसरा सबसे बड़ा भुगतान चैनल बन चुका था।[vi]
स्रोत: भूटान की सालाना भुगतान प्रणाली रिपोर्ट (2024)
ध्यान दें: रिपोर्ट से पता चलता है कि बीते कुछ वर्षों में भूटान में घरेलू क्यूआर आधारित भुगतान के मामले में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।
श्रीलंका और नेपाल ने भी 2024 की शुरुआत में अपनी वित्तीय प्रणाली को डिजिटलीकृत करने के लिए यूपीआई को अपनाया। नेपाल में, एनआईपीएल (NIPL) ने देश के सबसे बड़े भुगतान नेटवर्क फोनपे (Fonepay) के साथ मिलकर मार्च 2024 में यूपीआई सिस्टम लॉन्च किया था।[vii] छह माह में ही, नेपाल में यूपीआई पर्सन– टू– मर्चेंट्स (पी2एम/ P2M) लेन–देन का आंकड़ा 100,000 के पार पहुँच गया।[viii] भारत और नेपाल के बीच सीमा– पार क्यूआर– आधारित लेन– देन 10 लाख (1 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गया है और इन लेन– देन की कुल राशि लगभग 2 अरब नेपाली रुपये तक पहुँच चुकी है।[ix]
इसके अलावा, देश ने अपने क्यूआर– आधारित भुगतान में जबरदस्त वृद्धि देखी है। यह 2021- 22 94.5 अरब नेपाली रुपये से बढ़कर 2024-25 में 499 अरब नेपाली रुपये हो गया जो डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेज़ी से हो रहे बदलाव को दिखाता है (भुगतान प्रणाली निरीक्षण रिपोर्ट)।[x]

स्रोत: भुगतान प्रणाली निरीक्षण रिपोर्ट
ध्यान दें: यह रिपोर्ट नेपाल राष्ट्र बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ नेपाल द्वारा प्रकाशित की गई है
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मिलकर श्रीलंका में यूपीआई सेवा की शुरूआत की थी। इस पहल की शुरूआत 15 मई 2024 को भारत की सफल यूपीआई कंपनी फोनपे (PhonePe) और श्रीलंका के नेशनल पेमेंट्स नेटवर्क – लंकापे (Lankapay) के बीच सहयोग से की गई थी।[xi] दिसंबर 2024 में राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायक के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने “जन-केंद्रित डिजिटलीकरण” के सिद्धांतों पर आधारित मजबूत डीपीआई अवसंरचना बनाने में श्रीलंका को सहयोग और मदद करने हेतु भारत की तैयारी की पुष्टि की थी।[xii]
प्रधानमंत्री मोदी के मालदीव दौरे (25 जुलाई, 2025) के दौरान, दोनों देशों ने 6 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और यूपीआई पर भी समझौते किए गए थे।[xiii] इस कदम से मालदीव भारत का चौथा ऐसा पड़ोसी राष्ट्र बन गया है जो इसके देसी डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाने जा रहा है। मालदीव का डिजिटल भुगतान पारितंत्र बहुत नया है, देश के केंद्रीय बैंक– मालदीव मोनेटरी अथॉरिटी (एमएमए/ MMA) ने अगस्त 2023 में अपना तत्काल भुगतान प्रणाली लॉन्च किया था जिसे “फ़वारा” के नाम से भी जाना जाता है।[xiv]
इसलिए यूपीआई को लॉन्च करने का इरादा केवल दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय संरचना को जोड़ना ही नहीं है बल्कि मालदीव में ओवरऑल वित्तीय समावेशन को भी मज़बूत करना है जो एमएमए के तीन– वर्ष की व्यापक रणनीतिक योजना का हिस्सा है।[xv]
मूल्यांकन
दक्षिण एशिया विश्व भर में सबसे कम एकीकृत इलाकों में से एक है जहाँ कुल व्यापार में अंतर– क्षेत्रीय व्यापार की हिस्सेदारी मुश्किल से 5% से थोड़ा अधिक है। इस इलाके में डिजिटल इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम के माध्यम से व्यापार और वाणिज्य को बढ़ाने की बहुत अधिक संभावना है। पड़ोसी देशों में क्यूआर– आधारित अंतर–संचालनीय भुगतान प्रणाली शुरू होने की वजह से करेंसी एक्सचेंज की बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है, जिसे आम तौर पर एक बड़ी बाधा माना जाता है और इससे इस क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, यूपीआई की न्यूनतम लेन– देन लागत इसे पूरे इलाके के उपयोगकर्ताओं के लिए एक वैकल्पिक विकल्प बना देती है। साल 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल– जून) में सीमा– पार यूपीआई लेन– देन 6.01 लाख तक पहुँच गया, जिनका मूल्य ₹169.29 करोड़ था, जबकि 2024 में कुल 7.55 लाख लेन– देन ही हुए थे।[xvi] आंकड़ों में हुई यह वृद्धि दक्षिण एशिया के डिजिटल युग में बढ़ते क्षेत्रीय सहयोग, आपसी निर्भरता और तकनीक में हुई तरक्की को साझा किया जाना दर्शाती है।
इस आधार पर यूपीआई भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का एक अहर स्तंभ बन कर उभरा है। आज भारत की सॉफ्ट पावर केवल उसकी संस्कृति, योग और फिल्मों से ही नहीं बल्कि उसके पड़ोसी देशों में डिजिटल और वित्तीय कनेक्टिविटी से भी बन रही है। एनएफपी, जो गैर– पारस्परिकता और क्षेत्रीय स्थिरता के आधार पर है, इसकी विदेश–नीति का आधार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका में यूपीआई के लॉन्च के दौरान कहा था कि यूपीआई के ज़रिए डिजिटल कनेक्टिविटी से भारत के अपने पड़ोसी देशों के साथ पुराने संबंधों, लोगों के बीच संबंधों, व्यापार और पर्यटन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।[xvii] उन्होंने यूपीआई को डिजिटल वित्त और कनेक्टिविटी में ‘ साझीदारों को भारत के साथ जोड़ने (यूनाइटिंग पार्टनर्स विद् इंडिया)’ का प्रतीक भी बताया।[xviii] इसलिए भारत की डीपीआई पहुँच ने पूरे दक्षिण एशिया में “सीमा– पार डिजिटल साझेदारी” की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है।
निष्कर्ष
यूपीआई की अगुवाई में भारत का डीपीआई आउटरीच, उसकी पड़ोसी– पहले की नीति में एक नई रणनीतिक पहल बन गया है। अपने डिजिटल मॉडल को पड़ोसी देशों तक पहुँचाकर भारत न केवल अपने डिजिटल फुटप्रिंट बढ़ा रहा है और प्रौद्योगिकी राजनीति को आकार दे रहा है बल्कि दक्षिण एशिया में डिजिटल समावेशन और क्षेत्रीय सहयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। यह सीमा– पार की डिजिटल भागीदारी भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर कूटनीति को दर्शाती है क्योंकि यह देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और विश्वास में आपसी निर्भरता को बढ़ाती है। इसलिए भारत यूपीआई के साथ– साथ डीपीआई के दूसरे हिस्सों जैसे आधार, डिजिलॉकर (DigiLocker) और ई– केवाईसी (e-KYC) को शामिल कर अपनी निर्यात हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। आखिरकार, डीपीआई (DPI) कूटनीति ने बेहतर डिजिटल और वित्तीय एकीकृत दक्षिण एशिया का मार्ग प्रशस्त किया है।
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*मोहम्मद हादी रजा, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण:
[i] Chopra, Chirag, and Piyush Gupta. 2023. “India’s Unified Payment Interface’s Impact on the Financial Landscape.” World Economic Forum. June 26, 2023. https://www.weforum.org/stories/2023/06/india-unified-payment-interface-impact/. Assessed September 04, 2025.
[ii] ET Online. 2025. “UPI Crosses 20 Billion Transactions in August, Records ₹24.85 Lakh Crore Value.” The Economic Times. Economic Times. September 9, 2025. https://economictimes.indiatimes.com/industry/banking/finance/banking/upi-crosses-20-billion-transactions-in-august-records-24-85-lakh-crore-value/articleshow/123633627.cms. Assessed September 13, 2025.
[iii] DH Web Desk. 2025. “India’s UPI Emerges as Global Leader in Fast Payments, Surpasses Visa: Report.” Deccan Herald. July 22, 2025. https://www.deccanherald.com/india/indias-upi-emerges-as-global-leader-in-fast-payments-surpasses-visa-report-3641784. Assessed September 15, 2025.
[iv] OBSERVER RESEARCH FOUNDATION. 2025. “Having Achieved Scale, UPI Must Power India’s Grand Strategy.” Orfonline.org. June 7, 2025. https://www.orfonline.org/english/expert-speak/having-achieved-scale-upi-must-power-india-s-grand-strategy. Assessed September 7, 2025.
[v] Rajeev Jayaswal. 2021. “After Singapore, Bhutan Adopts India’s BHIM-UPI| Business News.” Hindustan Times. July 13, 2021. https://www.hindustantimes.com/business/after-singapore-bhutan-adopts-india-s-bhimupi-101626175553601.html. Assessed September 08, 2025.
[vi] ANNUAL PAYMENTS SYSTEM REPORTS, 2024.” 2025. Department of Payments and Settlement Systems, ROYAL MONETARTY AUTHORITY OF BHUTAN. https://www.rma.org.bt/media/Publication/Payments%20&%20Settlement%20Systems/Annual%20Payment%20System%20Report%202024.pdf. Assessed September 10, 2025.
[vii] HT News Desk. 2024. “UPI Now Accepted in Nepal: How It Works and Other Key Details| Business News.” Hindustan Times. March 11, 2024. https://www.hindustantimes.com/business/upi-now-accepted-in-nepal-how-it-works-and-other-key-details-101710144313638.html. Assessed September 06, 2025.
[viii] ANI. 2024. “UPI Merchant Transactions in Nepal Cross 100,000 Milestone.” BusinessLine. August 11, 2024. https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/upi-merchant-transactions-in-nepal-cross-100000-milestone/article68512087.ece. Assessed September 15, 2025.
[ix] “Indians Paying by QR in Nepal for a Year but Nepalis Still Lack Access in India.” 2025. @Kathmandupost. The Kathmandu Post. July 16, 2025. https://kathmandupost.com/money/2025/07/16/indians-paying-by-qr-in-nepal-for-a-year-but-nepalis-still-lack-access-in-india. Assessed October 15, 2025.
[x] PAYMENT SYSTEMS OVERSIGHT REPORT.” 2025. Buluwatar, Kathmandu: Nepal Rastra Bank, Payment Systems Department. https://www.nrb.org.np/contents/uploads/2025/01/Payment-Oversight-Report-2023-24.pdf. Assessed October 11, 2025.
[xi] India. “PhonePe Partners with LankaPay, Launches UPI in Sri Lanka.” www.ndtv.com, NDTV, 15 May 2024, www.ndtv.com/india-news/phonepe-partners-with-lankapay-launches-upi-in-sri-lanka-5672025. Assessed September 20, 2025.
India++Sri+Lanka+Joint+Statement++Fostering+Partnerships+for+a+Shared+Future.
[xii] Ministry of External Affairs, Government of India, “India-Sri Lanka Joint Statement: Fostering Partnership for a Shared Future, 2024. Mea.gov.in. December 16, 2024. https://www.mea.gov.in/incoming-visit-detail.htm?38797/India++Sri+Lanka+Joint+Statement++Fostering+Partnerships+for+a+Shared+Future. Assessed October 16, 2025.
[xiii] Ministry of External Affairs, Government of India, “Prime Minister Meets the President of Maldives (July 25, 2025)”, July 25, 2025, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/39874/Prime_Minister_meets_the_President_of_Maldives_July_25_2025. Assessed September 10, 2025.
[xiv] Zyl, Salome Van. 2023. “‘Favara’ Instant Payment System: Propelling the Maldives towards a Financially Inclusive Future - Alliance for Financial Inclusion.” Alliance for Financial Inclusion - Bringing Smart Policies to Life. October 24, 2023. https://www.afi-global.org/opinion/favara-instant-payment-system-propelling-the-maldives-towards-a-financially-inclusive-future/. Assessed October 20, 2025.
[xv] Corporate Maldives. “Maldives to Link Favara with India’s UPI to Ease Cross-Border Payments.” corporatemaldives.com, July 26, 2025. https://corporatemaldives.com/maldives-to-link-favara-with-indias-upi-to-ease-cross-border-payments/. Assessed October 20, 2025.
[xvi] Ajinkya Kawale. 2025. “UPI Goes Global: Cross-Border Transactions Grow 20-Fold in a Year.” @Bsindia. Business Standard. August 25, 2025. https://www.business-standard.com/finance/news/upi-goes-global-cross-border-transactions-grow-20-fold-125082501180_1.html. Assessed October, 2025.
[xvii] Ministry of External Affairs, Government of India, “Prime Minister jointly inaugurates UPI services with Mauritius Prime Minister & Sri Lankan President”, February 12, 2024, Prime Minister jointly inaugurates UPI services with Mauritius Prime Minister & Sri Lankan President. Assessed September 13, 2025.
[xviii] Ibid