यूके की संसद ने 22 अप्रैल 2024 को विवादास्पद यूके-रवांडा योजना पारित की, जिसके लिए ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने रवांडा योजना को लागू करने हेतु लगभग £20मिलियन से अधिक खर्च किया है।[i] ब्रिटेन की राजनीति में अनियमित प्रवासन बार-बार सुर्खियों में आ रहा है, खासकर आम चुनाव के मद्देनजर। रवांडा योजना से ब्रिटेन की राजनीति में हलचल मच गई है और इसे तीन प्रधानमंत्रियों - बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस और ऋषि सुनक के कार्यकाल में बरकरार रखा गया है। इस योजना के तहत, छोटी नावों पर अवैध तरीकों से ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों को उनके आवेदन पर आगे की कार्यवाही होने तक रवांडा भेज दिया जाएगा। इस योजना की ब्रिटेन द्वारा अपनी शरण संबंधी जिम्मेदारियों को 'ऑफशोर' करने का प्रयास माना जाने के कारण काफी आलोचना हुई है, जो प्रवासन प्रशासन पर ब्रिटेन के नए रुख को दर्शाती है।
इस विशेष रिपोर्ट में रवांडा योजना की समय-सीमा, इससे जुड़े घटनाक्रम और संबंधित परिणाम का विवरण दिया गया है। इसमें आप्रवासन एवं शरण प्रशासन के लिए योजना के व्यापक निहितार्थों पर भी चर्चा की गई है।
ब्रिटेन में आप्रवासन संबंधी हालिया रिकॉर्ड:
अनियमित प्रवासन ब्रिटेन की घरेलू तथा विदेश नीति में एक बड़ा विषय बन गया है। इसमें अनियमित तरीकों से यानी, आव्रजन कानूनों एवं विनियमों के तहत राज्य द्वारा अधिकृत नहीं किए गए माध्यम शामिल हैं। आम तौर पर दर्ज की जाने वाली अनियमित प्रवासन विधियों में कंटेनरों में छिपकर प्रवेश करना, लॉरी के नीचे या उसके नीचे छिपकर प्रवेश करना, या वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना छोटी नाव में इंग्लिश चैनल पार करना शामिल है। गृह कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में, यूके में 36,704 लोगों ने अवैध तरीकों से प्रवेश किया थीा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33% कम है। इनमें से 80% लोगों ने छोटी नावों के जरिए यूके में प्रवेश किया था।[ii] यूके गृह कार्यालय ने इंग्लिश चैनल को पार करने वाली 'छोटी नावों' के ज़रिए अवैध प्रवासन की बढ़ती घटनाओं को दर्ज किया (चित्र 1 देखें) है।
यह विशेष रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश ड़ालती है कि यूके 'छोटी नावों' के ज़रिए होने वाले प्रवासन से कैसे निपट रहा है, जिसे वह यूके में प्रवेश करने का अवैध माध्यम मानता है। छोटी नावें ऐसी जहाज हैं जिन पर क्रॉसिंग बनाई जाती है। इसमें से ज्यादातर हवा भरकर फुलाए जा सकने वाली नावें, कश्ती या कयाक हैं जिनसे लंबी दूरी की यात्रा नहीं की जा सकती और ज्यादा मजबूत नहीं हैं।

चित्र 1: इंग्लिश चैनल का मानचित्र[iii]
छोटी नावों के ज़रिए अवैध प्रवेश के मामले सबसे अधिक हैं और लगातार दर्ज किए जाते हैं। हालाँकि, अवैध प्रवेश का यह तरीका हाल ही में सामने आया है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में पिछले बीस वर्षों में इसका जिक्र है। 2018 के बाद छोटी नावों का प्रवेश काफी बढ़ गया है, जिसकी सबसे बड़ी वजह कोविड-19 महामारी है। गृह कार्यालय के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में, 45,755 व्यक्ति छोटी नावों के माध्यम से इंग्लिश चैनल पार करके यूके आए।[iv] तुलना करें तो, 2023 के पहले छह महीनों में, ऐसे आने वाले लोगों में 10% की कमी आई, जिसमें 11,434 लोगों ने चैनल पार किया। इन 'छोटी नाव' से अवैध तरीको से प्रवेश करने वाले लोगों में ईरानी (21%), अल्बानियाई (15%), इराकी (15%), अफगान (13%), या सीरियाई (7%) नागरिक शामिल हैं।[v]
अध्ययनों से इन संख्याओं में मौसमी उतार-चढ़ाव का भी पता चलता है और इसलिए इसमें एक निरंतर पैटर्न नहीं दिखता है। यूके स्थित प्रवासन विशेषज्ञों का मानना है कि उपलब्ध डेटा से यह भी नहीं पता चलता कि प्रवासी जान जोखिम में डालकर ऐसी यात्रा क्यों करते हैं। छोटी नावों के ज़रिए अवैध तरीके से प्रवेश करने के मामले में वृद्धि के कई कारण हैं, जिसमें कोविड-19 महामारी भी शामिल है, जिसने अन्य मार्गों को बाधित कर दिया और मानव तस्करों के नेटवर्क द्वारा वैकल्पिक साधन के रूप में छोटी नावों को अधिक अपनाए जाने लगा।[vi] कई लोग यूके की ओर इसलिए भी आकर्षित होते हैं क्योंकि उनके बीच अच्छे संबंध और भाषा की जानकारी है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन द्वारा प्रकाशित 'मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट' में कहा गया है कि 2014 के बाद से, इंग्लिश चैनल पार करने की कोशिश के दौरान 240 से अधिक प्रवासी या तो मर गए हैं या गायब हो गए हैं।[vii]
सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी ने ऐसी "नावों को रोकने" का वादा करते हुए तर्क दिया है कि छोटी नावों के ज़रिए ब्रिटेन आने वाले अधिकांश व्यक्ति ब्रिटेन में शरण के लिए आवेदन करके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चाहते हैं। इनमें से कई व्यक्तियों को बाद में शरणार्थी के रूप में मान्यता दी गई और उन्हें ब्रिटेन में बसने की अनुमति दी गई। ऑक्सफ़ोर्ड स्थित माइग्रेशन ऑब्ज़र्वेटरी द्वारा दर्ज किए गए डेटा में कहा गया है कि कुल मिलाकर छोटी नावों से आने वाले लोगों में से लगभग 92% ने यूके में शरण के लिए आवेदन किया है या उन्हें आवेदन के ज़रिए आश्रित नामित किया गया है।[viii] इन आंकड़ों ने यूके में पहले से ही संकटग्रस्त शरण प्रणाली को और अधिक प्रभावित किया है। हालाँकि, यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि ब्रिटेन वर्तमान में दुनिया भर में जबरन विस्थापित किए गए 27.1 मिलियन शरणार्थियों में से लगभग 1% को शरण देता है।[ix]

चित्र 2: 'छोटी नावों' के आने और शरण के लिए आवेदनों के बीच तुलना[x]
ब्रिटेन और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों में छोटी नावों के ज़रिए अवैध तरीके से प्रवेश एक बड़ी परेशानी बन गया है, यह देखते हुए कि इनमें से अधिकतर यात्राएं फ्रांस के उत्तरी तट पर होती हैं। दोनों सरकारों ने इस मुद्दे पर कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।[xi] हालाँकि, नवंबर 2021 में इंग्लिश चैनल पार करते समय अफ्रीका और पश्चिम एशिया के 27 प्रवासियों के डूबने से यूके और फ्रांस के बीच तनाव अधिक बढ़ गया।[xii]
घरेलू स्तर पर, इस समस्या के समाधान के लिए यूके सरकार द्वारा भी कई कदम उठाए गए हैं, जिसकी शुरुआत ब्रेक्सिट रेफरेंडम 2016 और हाल ही में 2022 में यूके रवांडा योजना से हुई है, जो विशेषकर 'छोटी नावों' के माध्यम से अवैध प्रवासन पर लक्षित है। इसके बाद 2023 में रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आव्रजन) विधेयक पेश किया गया, जिसे अब संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। उसी वर्ष, प्रधानमंत्री सुनक ने देश की आर्थिक भलाई के लिए 'स्टॉप द बोट्स (नावों को रोको)' को अपनी पांच सूत्री रणनीति का आधार बनाया था।[xiii]
यूके-रवांडा संबंध:
यूके और रवांडा के बीच आपसी साझेदारी का एक लंबा इतिहास रहा है। 2009 में, रवांडा ब्रिटेन के साथ ऐतिहासिक संबंधों के बिना राष्ट्रमंडल में शामिल होने वाला दूसरा देश बन गया। हालाँकि, रवांडा योजना से, यूके रवांडा के साथ अपने भू-राजनीतिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले गया है। दोनों देशों के बीच साझेदारी अब नियमित विकास सहायता एवं आर्थिक विकास सहायता से कहीं आगे बढ़ गई है। आलोचकों का कहना है कि रवांडा योजना को यूके की अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी के रुप में माना जा सकता है, लेकिन पारंपरिक रूप से इसकी सीमाओं के भीतर प्रबंधित ऑफलोडिंग जिम्मेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी देखा जा सकता है।[xiv]
रवांडा के लिए ऐसी रिलोकेशन पॉलिसी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले, 2013 से 2018 तक इज़राइल के साथ इसी तरह की व्यवस्था थी, जिसके तहत इज़राइल ने शरण मांगने वाले इरिट्रिया और सूडानी नागरिकों को रवांडा भेजना शुरू कर दिया था।[xv]
यूके-रवांडा योजना: समय-सीमा
यूके-रवांडा योजना का सबसे पहले पूर्व प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन की सरकार द्वारा रवांडा सरकार के साथ 14 अप्रैल 2022 को संसद में पेश किया गया था, जिसे प्रवासन एवं आर्थिक विकास साझेदारी (एमईडीपी) के रूप में जाना जाता है। एमईडीपी में एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) में पांच साल की 'शरण साझेदारी व्यवस्था' शामिल है। एमईडीपी को बाद में यूके-रवांडा असाइलम पार्टनरशिप (शरण साझेदारी) का नाम दिया गया। हालाँकि, यूके सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में रवांडा योजना को गैरकानूनी घोषित कर दिया। इसके बाद, सुनक सरकार के दौरान, दोनों सरकारों ने 5 दिसंबर, 2023 को यूके-रवांडा शरण साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए और यूके सरकार ने रवांडा योजना को और मजबूत करने के लिए 6 दिसंबर, 2023 को रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक का प्रस्ताव (समय-सीमा के लिए तालिका 1 देखें) रखा।[xvi]
रवांडा योजना 1.0:
"हमारी नई प्रवासन एवं आर्थिक विकास साझेदारी से यह होगा कि ब्रिटेन में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को - साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी (2022) से अवैध रूप से आए हैं - उन्हें अब रवांडा भेजा जा सकता है"।[xvii]
रवांडा योजना उन प्रवासियों पर लक्षित है जो ब्रिटेन में अवैध रूप से आते हैं। जैसा कि ऊपर बताया गया है, छोटी नावों के ज़रिए ऐसे अवैध प्रवेश की संख्या बढ़ रही हैं। इसलिए, यूके-रवांडा योजना का उद्देश्य बढ़ती छोटी नावों की समस्या का हल तलाशना है। इस योजना के तहत, जैसा कि कहा गया है, "जिन लोगों के शरण के आवेदन अस्वीकार्य हो चुके हैं और जिन्होंने 1 जनवरी 2022 के बाद अवैध रूप से यूके में प्रवेश किया है, उन्हें उस देश की शरण प्रणाली के तहत रवांडा भैजा किया जा सकता है।"[xviii] हालांकि, रवांडा के नागरिकों और अकेले शरण चाहने वाले बच्चों को नहीं भेजा जाएगा।
रवांडा जा चुके व्यक्तियों के शरण के आवेदन का आकलन रवांडा में किया जाएगा, और जिन लोगों को वहां शरणार्थी का दर्जा दिया गया है, उनके पास यूके लौटने का विकल्प नहीं होगा।[xix] असफल आवेदकों को स्वेच्छा से जाने या रवांडा में किसी अन्य प्रकार की प्रवासी स्थिति (जैसे आर्थिक प्रवासी) पाने के लिए कहा जाएगा और शरणार्थियों के रूप में मान्यता प्राप्त लोगों के साथ ऐसी ही व्यवहार किया जाएगा। ब्रिटेन से रवांडा निर्वासित लोगों पर अंतिम निर्णय रवांडा सरकार पर निर्भर करेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री जॉनसन ने इसका संकेत दिया कि राष्ट्रमंडल का सदस्य रवांडा लगभग ऐसे "लाखों हज़ार" प्रवासियों को रख सकता है, उन्होंने पुष्टि की कि रवांडा प्रवासियों के लिए एक सुरक्षित जगह (चाहे उनकी स्थिति कुछ भी हो) है।[xx]
पूर्व प्रधानमंत्री जॉनसन ने ऐसा कहा कि राष्ट्रमंडल का सदस्य रवांडा लगभग ऐसे "लाखों" प्रवासियों को रख सकता है, इस बात की पुष्टि करते हुए कि रवांडा प्रवासियों के लिए आश्रय की एक सुरक्षित जगह (भले ही उनकी स्थिति कुछ भी हो) है।[xxi]
प्रतिक्रियाएँ:
यूके-रवांडा योजना को पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिलीं हैं, जिससे प्रवासन नीतियों के संबंध में सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी और यूके राजनीतिक प्रणाली के भीतर गंभीर अंतर उजागर हो गया है। यह योजना यूक्रेन और अफगानिस्तान में संकटों के दौरान लागू की गई, जिसके दौरान यूके ने अफगान नागरिक पुनर्वास योजना (एसीआरएस) और 2022 में होम्स फॉर यूक्रेन जैसी कई पहल की शुरुआत की, जो शरणार्थियों को शरण देने के देश तथा उसके नागरिकों की इच्छा को दर्शाता है। इन पहलों को यूके के आतिथ्य और उदारता का उदाहरण माना गया। हालाँकि, अन्य देशों के नागरिकों के लिए शरणार्थी पुनर्वास की ऐसी योजनाएँ काफी कम हैं।
रवांडा योजना की कई विपक्षी दलों, कानूनी एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और प्रवासियों एवं शरणार्थियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने कड़ी आलोचना की। इन संस्थाओं ने योजना को न केवल "राष्ट्रीय घोटाला" और "क्रूर" बल्कि प्रवासियों के प्रति "गैरकानूनी" भी बताया है।[xxii] यूएनएचसीआर (यूएन की प्रमुख शरणार्थी एजेंसी) ने कहा कि यह समझौता '1951 कन्वेंशन के अक्षरशः एवं भावना से मेल नहीं खाता' है। यूके 1951 शरणार्थी कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है और इसलिए, प्रवासियों को उनकी पसंद के किसी भी देश में शरण हेतु आवेदन करने से प्रतिबंधित नहीं कर सकता है। यह कन्वेंशन किसी देश में प्रवेश करने के उनके तरीके के कारण प्रवासियों को दंडित करने से मना रोकता है, यह दर्शाता है कि यूके आने के उनके तरीके से उनके शरण का आवेदन प्रभावित नहीं होना चाहिए।[xxiii]
यह सवाल करना कि क्या रवांडा योजना इस समस्या का हल करने में सफल होगी और अवैध प्रवेश को कम करेगी, शरण प्रदान करने की यूके की नैतिक और नैतिक जिम्मेदारी के साथ भी है। रिफ्यूजी काउंसिल यूके का तर्क है कि चैनल पार करने वाले अधिकांश व्यक्ति - जिनमें से कई महिलाएं और बच्चे हैं - संभवतः उनके शरण आवेदनों का आकलन होने के बाद यूके में शरणार्थी स्थिति के लिए अर्हता प्राप्त करेंगे।[xxiv]
रवांडा स्थित मानवाधिकार संगठनों ने इस योजना पर सवाल उठाया। गार्जियन में लिखते हुए, रवांडा के एक विपक्षी नेता ने रवांडा में मानवाधिकारों के प्रति सम्मान की कमी के ठोस सबूत बताए।[xxv]
बहरहाल, यूके सरकार के रवांडा योजना के मजबूत समर्थन और वोट क्रॉसिंग को रोकने पर उसके सख्त रुख की वजह से ऐसी आलोचनाएं जारी हैं। योजना के लिए गृह कार्यालय का समर्थन खतरनाक क्रॉसिंग और आपराधिक नेटवर्क द्वारा प्रवासियों के शोषण को रोकने हेतु सरकार के इरादे के अनुरुप था। रवांडा योजना को अवैध प्रवासन को रोकने, आपराधिक नेटवर्क और मानव तस्करी को बाधित करने और ऐसी खतरनाक समुद्री यात्राओं के दौरान मौतों के जोखिम को कम करने की सरकार की रणनीति बताया गया है। ब्रिटेन में शरणार्थियों और आप्रवासियों के विभिन्न समूहों को संभालने के विरोधाभासी दृष्टिकोण ने ब्रिटेन की प्रवासन नीतियों की स्थिरता और नैतिकता पर बहस छेड़ दी है।
रवांडा योजना को 'गैरकानूनी' घोषित किया गया:
योजना की कड़ी प्रतिक्रियाओं के बावजूद, यूके सरकार 14 जून 2022 को शरण चाहने वाले लोगों को लेकर पहली फ्लाइट रवांडा भेजना चाहती थी। यह फ्लाइट यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) द्वारा जारी निषेधाज्ञा के कारण रद्द कर दी गई थी, जिसमें यूके एक सदस्य है। शरण संबंधी सात मामलों में से एक पर स्ट्रासबर्ग कोर्ट के फैसले ने अन्य छह मामलों के वकीलों को उनको रवांडा भेजे जाने को निलंबित करने हेतु अपील करने की अनुमति दी। इस प्रारंभिक कानूनी जीत ने पूरी नीति की वैधता को उन शरण चाहने वाले लोगों द्वारा यूके उच्च न्यायालय में चुनौती देने हेतु प्रेरित किया जो स्थानांतरण के लिए बाध्य थे। 19 दिसंबर 2022 को उच्च न्यायालय के फैसले ने योजना के पक्ष में फैसला सुनाया। हालाँकि, इस निर्णय के खिलाफ जून 2023 में अपील न्यायालय में अपील की गई, जहाँ 2 न्यायाधीशों के बहुमत से इस नीति को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया।[xxvi]
गृह कार्यालय ने इस फैसले के खिलाफ यूके सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसने सर्वसम्मति से 15 नवंबर 2023 को योजना को 'गैरकानूनी' घोषित कर दिया क्योंकि यह गैर-वापसी के सिद्धांत के अनुरुप नहीं थी और प्रवासियों को सताए जाने के जोखिम में डालता था। सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष रॉबर्ट रीड ने कहा कि फैसले को राजनीतिक बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और यह पूरी तरह से यूके के कानून पर आधारित होना चाहिए, बल्कि ईसीएचआर में अंतर्निहित सिद्धांतों के अनुरुप भी होना चाहिए।[xxvii]
सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासियों (जो संभावित शरण चाहने वाले हैं) को रवांडा भेजने पर तीन प्राथमिक चिंताएं जताई[xxviii]:
कई प्रवासी अधिकार संगठनों, राजनेताओं और प्रवासी समूहों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। शरणार्थी चैरिटी केयर4कैलाइस के प्रमुख एवं मामले में दावेदार स्टीव स्मिथ ने कहा कि यह फैसला "मानवता की जीत है।" इस फैसले से सत्तारूढ़ दल के भीतर भी तनाव बढ़ गया, जिसमें कुछ कंजर्वेटिव नेताओं ने अधिक सख्त निर्वासन नियमों के साथ इसमें संशोधन करने की मांग की। इसके विपरीत, अन्य टोरी नेताओं ने इस मुद्दे पर एक नया दृष्टिकोण सामने रखा।[xxix]
रवांडा योजना 2.0: रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक, 2023
"शायद मैं यह बयान नहीं दे सकता कि मेरे विचार में, रवांडा सुरक्षा (शरण एवं अप्रवासन) विधेयक के प्रावधान कन्वेंशन के अधिकारों के साथ संगत हैं, लेकिन सरकार फिर भी चाहती है कि सदन विधेयक पर आगे बढ़े।"[xxx]
- गृह सचिव जेम्स क्लेवरली (प्रस्तावित हाल ही में पारित रवांडा विधेयक के पहले पृष्ठ पर)
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए और 'स्टॉप द बोट्स' पर अपनी प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट करते हुए, सुनक सरकार ने 5 दिसंबर 2023 को यूके-रवांडा शरण साझेदारी संधि पर तुरंत हस्ताक्षर किए, जिससे रवांडा के साथ पहले हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) बदल गया। इसके अलावा, इस द्विपक्षीय समझौते को मजबूत करने और प्रवासियों एवं शरण चाहने वालों की सुरक्षा के लिए रवांडा की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं का सीधे जवाब देने के लिए, सरकार ने 7 दिसंबर 2023 को रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक पेश किया। कुछ महीनों में, इस विधेयक पर ब्रिटेन की संसद के निचली तथा ऊपरी सदन में कई चर्चाएँ और संशोधन हुए हैं। विधेयक अंततः 22 अप्रैल 2024 को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। यह कानून संसद को सुरक्षित तीसरे देश के रूप में रवांडा गणराज्य की स्थिति की पुष्टि करने में सक्षम बनाता है, जिससे आप्रवासन अधिनियम (अवैध प्रवासन अधिनियम 2023, राष्ट्रीयता और सीमा अधिनियम 2022) के तहत यूनाइटेड किंगडम (यूके) में आने वाले व्यक्तियों को बाहर निकालना सुनिश्चित हो सके।
रवांडा योजना के संशोधित संस्करणों और भी तीखी प्रतिक्रियाएँ मिलीं। कुछ प्रवासन विशेषज्ञ इसे ऑफशोरिंग शरण प्रक्रियाओं पर सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिया गया फैसला मानते हैं जिसके कहीं अधिक गंभीर कानूनी, भूराजनीतिक एवं मानवाधिकार प्रभाव हो सकते हैं। संसदीय बहसों में, उदारवादी कंजर्वेटिव सांसदों ने कहा कि यदि विधेयक ब्रिटेन के मानवाधिकार दायित्वों का उल्लंघन करता है तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे। एक बड़ी प्रतिक्रिया में आप्रवासन मंत्री रॉबर्ट जेनरिक का इस्तीफा भी शामिल था, जिन्होंने अधिक सख्त उपायों के लिए दबाव डाला था।[xxxi]
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मुख्य तिथियां |
रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक की विधायी यात्रा की प्रमुख घटनाएँ |
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नवंबर, 2021 |
राष्ट्रीयता और सीमा विधेयक पेश किया गया: विधेयक ने अनियमित तरीकों से ब्रिटेन में प्रवेश को एक आपराधिक अपराध बना दिया। विधेयक ने संबंधित अधिकारियों को शरण चाहने वालों को गिरफ्तार करने और वापस भेजने की गुंजाइश भी दी। |
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13-14 अप्रैल-22 |
रवांडा सरकार के साथ प्रवासन एवं आर्थिक विकास साझेदारी (एमईडीपी) पर हस्ताक्षर किए गए। तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अगले दिन एक भाषण में रवांडा योजना की घोषणा की। |
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अप्रैल, 2022 |
राष्ट्रीयता एवं सीमा विधेयक संसद से पारित हुआ। |
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जून, 2022 |
यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) के एक अंतरिम निर्णय से रवांडा की पहली निर्वासन फ्लाइट रोक दी गई। |
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मार्च, 2023 |
अवैध प्रवासन विधेयक ने रवांडा योजना के प्रति सरकार के समर्थन को और मजबूत किया। विधेयक में छोटी नावों के क्रॉसिंग से निपटने हेतु सख्त कदम उठाए गए हैं। उसी साल जुलाई में यह कानून बन गया। |
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15-नवंबर-23 |
रवांडा योजना को यूके सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'गैरकानूनी' घोषित किया गया है। |
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05-दिसंबर-23 |
गृह सचिव, जेम्स क्लेवरली ने किगाली में यूके-रवांडा शरण साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए, जो पहले के एमईडीपी समझौता ज्ञापन की जगह लेगी। |
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07-दिसंबर -23 |
हाउस ऑफ कॉमन्स में रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक पेश किया गया। |
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29-जनवरी-24 |
दूसरा वाचन: हाउस ऑफ कॉमन्स में विधेयक के प्रमुख सिद्धांतों पर पूरी बहस। |
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12, 14, 19 फरवरी 2024 |
समिति चरण: इन तिथियों के दौरान विधेयक की पंक्ति-दर-पंक्ति जांच। |
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4, 6 मार्च 2024 |
रिपोर्ट चरण: संशोधनों पर चर्चा सहित विधेयक की विस्तृत जांच। |
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12-मार्च-24 |
तीसरा वाचन: हाउस ऑफ कॉमन्स से हाउस ऑफ लॉर्ड्स में पारित होने से पहले, सदस्य बिल को सुधारने करने और इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए छोटे बदलाव किए गए। |
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18 जनवरी - 12 मार्च 2024 |
संसदीय 'पिंग पोंग' प्रक्रिया में हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटने से पहले बिल पर हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा विचार किया गया था। |
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20-मार्च-24 |
हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने कॉमन्स द्वारा किए गए परिवर्तनों पर विचार किया। जिन संशोधनों पर चर्चा की गई उनमें घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान, रवांडा संधि का कार्यान्वयन, व्यक्तिगत दावों एवं अपीलों पर निर्णय, बिना माता-पिता वाले बच्चों की उम्र का आकलन, आधुनिक दासता और मानव तस्करी के पीड़ितों को हटाना और विदेशों में ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए छूट शामिल हैं। |
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15-16 अप्रैल-24 |
हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा सुझाए गए संशोधनों पर आगे विचार करने हेतु विधेयक हाउस ऑफ कॉमन्स में वापस आ गया। |
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22-अप्रैल-24 |
रवांडा सुरक्षा (शरण एवं आप्रवासन) विधेयक ब्रिटेन की संसद द्वारा पारित किया गया। |
तालिका: यूके-रवांडा योजना की समय-सीमा[xxxii]
नई योजना कैसे अलग है?
यूके-रवांडा संधि को अब 24 अप्रैल 2024 को दी गई शाही सहमति के अनुसार रवांडा सुरक्षा अधिनियम के रूप में अनुमोदित किया गया है। संधि को "पायलट" या "ट्रायल" बताया गया है और यह आगे बढ़ाए जाने की संभावना के साथ 13 अप्रैल, 2027 तक चलेगी। रवांडा के साथ पहले हस्ताक्षरित एमओयू (प्रवासन एवं आर्थिक विकास साझेदारी (एमईडीपी)) से मुख्य अंतर यहां दिए गए हैं: [xxxiii]
संधि अलग से रेखांकित करती है कि कुछ समूह, जैसे कि बिना माता-पिता के नाबालिगों, का इसकी शर्तों के तहत स्थानांतरण नहीं होगा। जबकि संधि के तहत बच्चों वाले परिवारों का स्थानांतरण सैद्धांतिक रूप से संभव है, गृह कार्यालय ने संकेत दिया है कि वह शुरुआत में परिवारों को स्थानांतरित करने की योजना नहीं बनाता है। इसके अलावा, ब्रिटेन में पहले से मौजूद रवांडा के शरण चाहने वालों को स्थानांतरण समझौते में शामिल नहीं किया गया है।
दो-स्तरीय दृष्टिकोण:
गृह कार्यालय ने कहा कि रवांडा में स्थानांतरण की उपयुक्तता और क्या रवांडा को शरण चाहने वालों के लिए सुरक्षित माना जा सकता है, इस पर निर्णय हर मामले के आधार पर किया जाना चाहिए। इसमें किसी भी स्थानांतरण से पहले सुरक्षा आलकन के दो स्तर शामिल हैं[xxxiv]:
यह दो-स्तरीय दृष्टिकोण बताता है कि गृह कार्यालय अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैर-वापसी के सिद्धांत के तहत अपने दायित्वों को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है - यानी, शरण चाहने वालों को ऐसी जगह नहीं भेजना जहां वे खतरे में हों। पहला परीक्षण यह सुनिश्चित करता है कि रवांडा, एक देश के रूप में, वहां भेजे गए लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा करने में आम तौर पर सक्षम और इच्छुक है। दूसरा परीक्षण उन जोखिमों को स्वीकार करता है जिनका व्यक्तियों को सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें व्यापक-स्ट्रोक आकलन में नहीं जाना जा सकता है।
इसकी आवश्यकता क्यों है, और रवांडा योजना पर कितना ख़र्च है?
संशोधित रवांडा योजना पेश करते हुए, पूर्व गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने कहा कि वर्तमान शरण प्रणाली में खामिया है और इसे ठीक करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अवैध तरीको से शरणार्थियों के आगमन की वर्तमान संख्या ने शरण प्रणाली को प्रभावित किया है, जिसमें बैकलॉग 160,000 से अधिक है। वर्तमान शरण प्रणाली का वित्तीय ख़र्च बहुत अधिक है, जिसका अनुमान ब्रिटिश करदाताओं के लिए सालाना लगभग £3 बिलियन है।[xxxv]
हालाँकि, किसी भी अन्य सीमा बाह्यीकरण सीमा नीति की तरह, रवांडा योजना का भी कुछ वित्तीय ख़र्च है। योजना का वास्तविक ख़र्च अभी ज्ञान नहीं है। सार्वजनिक सूत्रों से पता चलता है कि यूके ने 2022 में सौदे के पहले वर्ष में रवांडा को £140 मिलियन का भुगतान किया था। इसमें से £20 मिलियन से अधिक शरण साझेदारी समझौते के लिए प्रारंभिक सेट-अप लागत हेतु किया गया अग्रिम भुगतान था।[xxxvi] यूके भेजे गए प्रत्येक व्यक्ति के आवास एवं शरण प्रक्रिया की लागत के लिए जिम्मेदार है, साथ ही रवांडा में शरण लेने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त पांच साल के एकीकरण पैकेज के लिए भी जिम्मेदार है। अस्थायी राशि यूके की घरेलू शरण प्रक्रिया लागत के बराबर है, जो 2022 में प्रति व्यक्ति लगभग £12,000 थी।[xxxvii]
इन प्रति-व्यक्ति खर्चों के अलावा, यूके प्रारंभिक स्क्रीनिंग, केसवर्क, कानूनी सहायता एवं कानूनी चुनौतियों और यात्रा पर होने वाले खर्चों को भी कवर करता है। किसी व्यक्ति को रवांडा जैसे सुरक्षित तीसरे देश में स्थानांतरित करने का गृह कार्यालय का अनुमान £169,000 है - जो यूके के भीतर शरण दावे को संसाधित करने के लिए अनुमानित £106,000 से काफी अधिक है। इन आंकड़ों की उनकी अंतर्निहित धारणाओं के लिए जांच की गई है।[xxxviii]
रवांडा योजना के निहितार्थ: आप्रवासन एवं शरण शासन-विधि के लिए योजना का क्या अर्थ है?
प्रवासन विशेषज्ञ अवैध प्रवासन को कम करने पर रवांडा योजना के वास्तविक बनाम संभावित प्रभाव पर संदेह कर रहे हैं।[xxxix] विवादास्पद योजना निम्नलिखित तरीकों से प्रवासन प्रशासन के लिए एक गलत मिसाल कायम कर सकती है:
1. शरण जिम्मेदारियों का बाह्यकरण:
यह विशेष रिपोर्ट रवांडा योजना की जटिल यात्रा की व्याख्या करती है। कई कानूनी दुविधाओं के अलावा, यह योजना प्रवासन से निपटने में देशों की नैतिक जिम्मेदारी को फिर से समझने को भी प्रेरित करती है। क्या देश अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कानून से समझौता किए बिना अलग से क्षेत्रीय उपाय कर सकते हैं? ये नीतियां किस हद तक शरण और शरणार्थी के अधिकार की रक्षा करती हैं?
रवांडा योजना को अब तक मिली अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया से पता चलता है कि यह शरण जिम्मेदारियों का बाह्यीकरण है क्योंकि यह शरण चाहने वालों को संभालने के यूके के दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। अपनी सीमाओं के भीतर शरण दावों से निपटने के बजाय, यूके ने रवांडा को यह जिम्मेदारी सौंपने का एक असाधारण उपाय किया है। इसको इस तरह से भी समझा जा सकता है कि यूके अपने अंतरराष्ट्रीय एवं मानवीय दायित्वों को किसी तीसरे देश को आउटसोर्स कर रहा है, शरणार्थी सुरक्षा और शरण आकलन जैसी जिम्मेदारियों को अपने क्षेत्र से दूर स्थानांतरित कर रहा है। योजना में यूके का वित्तीय निवेश शरण के लिए लेन-देन संबंधी दृष्टिकोण का सुझाव देता है, अन्यथा यूके के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का प्रबंधन करने के लिए रवांडा को भुगतान करना होगा।
इसके अलावा, यह रणनीति यूके को शरण व्यवस्था के कुछ अधिक चुनौतीपूर्ण पहलुओं, जैसे कानूनी जटिलताओं, सार्वजनिक एवं राजनीतिक प्रतिक्रिया, और शरण चाहने वालों को रखने की संसाधन मांगों को संभावित रूप से दरकिनार करने की अनुमति देती है। हालाँकि, आलोचकों का तर्क है कि इससे शरण चाहने वालों के अधिकारों और कल्याण को नुकसान हो सकता है और उन्होंने सुरक्षा के समान मानकों और उचित प्रक्रिया का पालन करने की रवांडा की क्षमता पर सवाल उठाया है, जिसकी यूके के भीतर अपेक्षा की जानी चाहिए।[xl] रवांडा योजना की प्रभावकारिता का समर्थन करने के लिए, यूके अवैध प्रवास को रोकने के लिए कई अन्य उपाय भी कर रहा है और छोटी नावों के माध्यम से अवैध प्रवास को रोकने के लिए अल्बानिया और वियतनाम जैसे प्रमुख देशों में सोशल मीडिया अभियानों को वित्त पोषित कर रहा है।[xli] अवैध प्रवासन को रोकने में इन हस्तक्षेपों की सफलता अस्पष्ट बनी हुई है और इस पर और शोध की आवश्यकता है।
2. प्रवासियों के अधिकार और एजेंसी:
हालांकि, यूके सरकार ने अवैध प्रवासन को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया हो सकता है, कई यूके-आधारित गैर सरकारी संगठनों, दान एवं पारस्परिक सहायता समूहों ने जरूरतमंद प्रवासियों का समर्थन करना और उनकी ओर से वकालत करना जारी रखा है।[xlii] यूके और प्रमुख गंतव्य देशों में प्रवासी अधिकार एजेंसियों ने भी कई सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किए हैं, जिसमें बताया गया है कि रवांडा योजना प्रवासियों के मुक्त आवागमन के अधिकार और शरण के अधिकार का हनन करती है। उनका दावा है कि रवांडा योजना प्रवासियों के दृष्टिकोण और वास्तविकता पर विचार किए बिना बनाई गई है।[xliii]
उदाहरण के लिए, 18 दिसंबर 2023 को प्रवासी दिवस पर यूके होम ऑफिस के सामने "स्टॉप द हेट" विरोध प्रदर्शन में रवांडा योजना की निंदा की गई और इस बात पर प्रकाश डाला गया कि ऐसी नीतियों के स्थान पर, विकसित देशों को ऐसी पहल एवं नियमों को अपनाना चाहिए जो प्रवासन और शरणार्थियों के सकारात्मक योगदान को उजागर करता है, सरकारें नियमित प्रवासन रास्ते तलाशने और मानवाधिकार-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर सकती हैं।[xliv]
अधिकांश मीडिया रिपोर्ट्स और शोध ब्रिटेन की प्रवासन नीति पर रवांडा योजना के प्रभाव पर केंद्रित है। लेकिन, इस योजना का रवांडा और वहां पहले से मौजूद शरणार्थियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? : जैसे बड़े सवाल पर अभी भी चर्चा नहीं हो रही है। रवांडा अफ्रीका के सबसे घनी आबादी वाले देशों में से एक है और इस क्षेत्र में शरणार्थियों को रखने के लिए जाना जाता है। यहां वर्तमान में 135,000 से अधिक शरणार्थी और शरण चाहने वाले व्यक्ति रहते हैं।[xlv] अधिकांश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और बुरुंडी से हैं। रवांडा को अधिक गरीबी दर सहित विकास चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जो शरणार्थियों को अपने यहां रखने के लिए आवश्यक है। यूके से अन्य एक लाख प्रवासियों की मेजबानी करने से अतिरिक्त प्रशासनिक और संसाधन बोझ पड़ सकता है। इस प्रकार, प्रवासी अधिकार और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि रवांडा योजना वहां के क्षेत्र में प्रवासियों और शरण चाहने वालों के लिए शांति एवं स्थिरता को नुकसान पहुंचाती है।
3. प्रवासन नीति का भविष्य:
रवांडा योजना को लेकर उठाए गए कई सवालों का जवाब अभी नहीं मिला है - क्या यह 'अवैध प्रवासन' की समस्या का समाधान करेगी या शेष यूरोप के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करेगी?
चूंकि, यूके रवांडा में अपनी पहली फ्लाइट भेजने के लिए तैयार है, प्रमुख गंतव्य देशों से बड़ी प्रतिक्रियाएं आनी अपेक्षित हैं और इसको समझना महत्वपूर्ण होगा। ब्रिटेन सरकार द्वारा इस सप्ताह रवांडा निर्वासन विधेयक पारित करने और रवांडा योजना पर अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया देने के कुछ ही दिनों बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रॉन ने इस योजना की आलोचना करते हुए इसे [यूरोपीय] 'मूल्यों के साथ विश्वासघात' बताया। अफ्रीकी देशों के साथ यूरोप के जटिल इतिहास को देखते हुए, रवांडा योजना बाह्यीकरण, संसाधन साझाकरण और बोझ साझाकरण को लेकर बड़ी बहस छेड़ सकती है। काउंसिल ऑफ यूरोप (सीओई) के मानवाधिकार आयुक्त माइकल ओ'फ्लेहर्टी के एक बयान में कहा, "यूनाइटेड किंगडम सरकार को रवांडा नीति के तहत लोगों को हटाने से बचना चाहिए और न्यायिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले बिल को हटा देना चाहिए।"[xlvi]
हालाँकि, रवांडा योजना सीमा बाह्यीकरण का पहला प्रयोग नहीं है। 2001 में, ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा ही 'ऑफशोर' समाधान तैयार किया था। अपनी पैसिफिक पॉलिसी सॉल्यूशन के तहत, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने छोटे नाव से आने वाले अवैध को नाउरू और पापुआ न्यू गिनी भेजना शुरू किया। 2021 में, ऑस्ट्रेलिया ने पापुआ न्यू गिनी के साथ अपना समझौता समाप्त कर दिया, और नाउरू को अपना एकमात्र अपतटीय मेजबान रखा।
यूरोप में हमेशा से प्रवासी आते रहे हैं। इसलिए, यूके-रवांडा योजना के अधिक बड़े प्रभाव हैं। यह न केवल ब्रिटेन की प्रवासन राजनीति में खामियों को उजागर करता है बल्कि आप्रवासन नीति के भविष्य को लेकर भी चिंता पैदा करता है। बढ़ती वैश्विक प्रवासी विरोधी भावनाओं और प्रवास के बढ़ते अवैध मामलों के साथ, कई सरकारें इसी तरह के उपायों पर विचार कर रही हैं, जो रवांडा योजना का दबे पांव समर्थन दर्शाता है। डेनमार्क और इटली सहित पड़ोसी देशों ने एक समान अपतटीय शरण प्रक्रिया ढांचे के विचार के साथ प्रयोग किया। उदाहरण के लिए, 2023 में, इटली ने सालाना 36,000 अवैध प्रवासियों को रखने के लिए अल्बानिया में दो केंद्र बनाने की योजना की घोषणा की। हालाँकि, अल्बानिया की संवैधानिक अदालत ने इस योजना को अस्थायी रूप से रोक दिया। ऑस्ट्रिया और जर्मनी भी अपतटीय प्रक्रिया के लिए समान ढांचे पर विचार कर रहे हैं।[xlvii]
ओवरसीज़ डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की माइग्रेशन विशेषज्ञ जेसिका हेगन ज़ंकर ट्यूनीशिया के साथ यूरोपीय संघ के हालिया समझौता ज्ञापन (एमओयू) को "कैश फॉर माइग्रेशन कंट्रोल" नीतियों का नया उदाहरण बताती हैं। एमओयू में प्रवासन और आवागमन को स्तंभों के रूप में शामिल किया गया है। इसमें ट्यूनीशिया की प्रवासन नियंत्रण क्षमताओं को बढ़ाने सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए €150 मिलियन देने का वादा किया गया है।[xlviii]
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यूके-रवांडा योजना वैश्विक प्रवासन एवं शरण नीति पर चर्चा में एक निर्णायक क्षण को दर्शाती है। अब जब रवांडा की सुरक्षा विधेयक यूके की संसद द्वारा पारित कर दिया गया है, तो योजना प्रवासन प्रशासन एवं शरण नीतियों को कैसे प्रभावित करेगी, इस पर अधिक शोध और अध्ययन की आवश्यकता है। इस विशेष रिपोर्ट में रवांडा योजना के पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है और इसके माध्यम से, यूके में आप्रवासन बहस के बदलते तर्क का उदाहरण दिया गया है। विशेष रिपोर्ट शरण संबंधी जिम्मेदारियों को दूसरे को सौंपने के नैतिक और व्यावहारिक आयामों पर बहस पर भी प्रकाश डालती है, खासकर जब ऐसा किसी विकसित देश द्वारा किया जाता है। विवाद और कानूनी असफलताओं के बावजूद, कंजर्वेटिव पार्टी की 'स्टॉप द बोट्स' की प्रतिबद्धता अब सामने आती दिख रही है।
आलोचकों का तर्क है कि यह योजना यूके के शरण दायित्वों को रवांडा को आउटसोर्स करके प्रवासियों के कल्याण की अनदेखी करती है, जो ऐसा देश है जो पहले से ही अपनी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों एवं अधिक शरणार्थी आबादी से जूझ रहा है। यह बहस ब्रिटेन की सीमाओं से आगे तक बढ़ चुकी है, जो वैश्विक प्रवासन प्रशासन के निहितार्थों पर प्रकाश डालती है। सार्वजनिक विरोध और वकालत के उदाहरण ऐसी नीतियों की आवश्यकता पर जोर देते हैं जो केवल प्रतिबंधात्मक उपायों को लागू करने के बजाय प्रवासियों के अधिकारों का सम्मान करती हैं और उनके योगदान को चिन्हित करती हैं।
इसके अलावा, यूके के दृष्टिकोण ने अन्य देशों को भी प्रभावित किया है, जिससे पूरे यूरोप और अन्य देशों में भी प्रवासन नीतियों का फिर से आकलन शुरु हो गया है। सीमा पर बाहरी नियंत्रण की ओर बढ़ती प्रवृत्ति इस बात में बदलाव को दर्शाती है कि राष्ट्र अक्सर मानवाधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को अनदेखा करते हुए किस तरह से प्रवासन से निपटने का प्रयास करते हैं।
जैसे-जैसे देश समान रणनीतियों को अपनाने पर विचार कर रहे हैं, प्रवासन नीति का भविष्य अधर में लटक गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शरण एवं प्रवासन व्यवस्था को निर्देशित करने वाले सिद्धांतों की समीक्षा की आवश्यकता हो रही है। इसलिए, यूके-रवांडा योजना न केवल ब्रिटिश प्रवासन नीति को नया आकार देती है; बल्कि यह एक मिसाल भी कायम करती है जो प्रवासन से निपटने के वैश्विक दृष्टिकोण को फिर से परिभाषित कर सकता है, जिसका दुनिया भर में प्रवासियों के अधिकारों और सम्मान पर गहरा असर होगा।
*****
*अम्बि, रिसर्च एसोसिएट, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली
अस्वीकरण: व्यक्त किए गए विचार व्यक्तिगत हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण
[i] UK Parliament Committees. 2024. “Asylum Accommodation & Rwanda: Public Accounts Committee Launches Inquiry - Committees - UK Parliament.” 2024. https://committees.parliament.uk/committee/127/public-accounts-committee/news/200242/asylum-accommodation-rwanda-public-accounts-committee-launches-inquiry/.
[ii] UK Home Office. n.d. “Irregular Migration to the UK, Year Ending December 2023.” GOV.UK. Accessed May 1, 2024. https://www.gov.uk/government/statistics/irregular-migration-to-the-uk-year-ending-december-2023/irregular-migration-to-the-uk-year-ending-december-2023.
[iii] Limited, Alamy. n.d. “Vector Map of the English Channel between United Kingdom and France Stock Vector Image & Art - Alamy.” Accessed May 1, 2024. https://www.alamy.com/vector-map-of-the-english-channel-between-united-kingdom-and-france-image459037384.html.
[iv] Walsh, Peter William, and Mihnea. V Cuibus. n.d. “People Crossing the English Channel in Small Boats.” Migration Observatory. Accessed April 25, 2024. https://migrationobservatory.ox.ac.uk/resources/briefings/people-crossing-the-english-channel-in-small-boats/.
[v] Ibid
[vi]. Ibid. (ii)
[vii] The Time. 2024. “2 Men Charged After Deaths of 5 Migrants in English Channel | TIME.” April 2024. https://time.com/6969960/five-migrants-dead-uk-channel/.
[viii] Walsh, Peter William, and Mihnea. V Cuibus. n.d. “People Crossing the English Channel in Small Boats.” Migration Observatory. Accessed April 25, 2024. https://migrationobservatory.ox.ac.uk/resources/briefings/people-crossing-the-english-channel-in-small-boats/.
[ix] Refugee Council UK, n.d. “The Truth about Asylum.” Accessed May 1, 2024. https://www.refugeecouncil.org.uk/information/refugee-asylum-facts/the-truth-about-asylum/.
[x] Ibid
[xi] Noack, and Karla Adam. 2021. “After More than Two Dozen Migrants Drown in the English Channel, France and Britain Spar over Solutions to the Problem - The Washington Post.” 2021. https://www.washingtonpost.com/world/europe/france-migrants-english-channel-drowning/2021/11/25/e4d984f2-4d7f-11ec-a7b8-9ed28bf23929_story.html.
[xii] Gower, Melanie. 2024. “Irregular Migration: A Timeline of UK-French Co-Operation,” January. https://commonslibrary.parliament.uk/research-briefings/cbp-9681/
[xiii] UK Government. 2023. “Prime Minister Outlines His Five Key Priorities for 2023.” GOV.UK. January 5, 2023. https://www.gov.uk/government/news/prime-minister-outlines-his-five-key-priorities-for-2023.
[xiv] Davidoff-Gore, Hanne Beirens, Samuel. 2022. “The UK-Rwanda Agreement Represents Another Blow to Territorial Asylum.” Migrationpolicy.Org. April 21, 2022. https://www.migrationpolicy.org/news/uk-rwanda-asylum-agreement.
[xv] Walsh, Peter William. 2024. “Q&A: The UK’s Policy to Send Asylum Seekers to Rwanda.” Migration Observatory. 2024. https://migrationobservatory.ox.ac.uk/resources/commentaries/qa-the-uks-policy-to-send-asylum-seekers-to-rwanda/.
[xvi] UNHCR. n.d. “UK-Rwanda Asylum Partnership.” UNHCR UK. Accessed April 2, 2024. https://www.unhcr.org/uk/what-we-do/uk-asylum-policy-and-illegal-migration-act/uk-rwanda-asylum-partnership.
[xvii] UK Parliament. 2022. “PM Speech on Action to Tackle Illegal Migration: 14 April 2022.” GOV.UK. April 14, 2022. https://www.gov.uk/government/speeches/pm-speech-on-action-to-tackle-illegal-migration-14-april-2022.
[xviii] UK Home Office. n.d. “Migration and Economic Development Partnership with Rwanda: Equality Impact Assessment.” GOV.UK. Accessed May 1, 2024. https://www.gov.uk/government/publications/migration-and-economic-development-partnership-with-rwanda/migration-and-economic-development-partnership-with-rwanda-equality-impact-assessment-accessible.
[xix] Ibid.
[xx] Ibid
[xxi] Ibid. (xviii)
[xxii] Donnell, Emillie. 2023. “UK Supreme Court Finds UK-Rwanda Asylum Scheme Unlawful | Human Rights Watch.” November 15, 2023. https://www.hrw.org/news/2023/11/15/uk-supreme-court-finds-uk-rwanda-asylum-scheme-unlawful.
[xxiii] Bullen, Poppy, and Naomi Bartram. 2024. “Rwanda Plan Explained: Why the UK Government Should Rethink the Scheme | International Rescue Committee (IRC).” January 16, 2024. https://www.rescue.org/uk/article/rwanda-plan-explained-why-uk-government-should-rethink-scheme.
[xxiv] Refugee Council. 2024. “The Truth about Asylum.” Refugee Council. 2024. https://www.refugeecouncil.org.uk/information/refugee-asylum-facts/the-truth-about-asylum/.
[xxv] Umuhoza, Victoire Ingabire. 2023. “The New ‘Rwanda Deal’ Was a Shock to Rwandans. We Know This Is No Place for Asylum Seekers.” The Guardian, December 12, 2023, sec. Opinion. https://www.theguardian.com/commentisfree/2023/dec/12/rwanda-deal-rwandans-asylum-seekers-human-rights.
[xxvi] Ibid. (ii)
[xxvii] Al Jazeera. 2023. “UK to Introduce Law to Override ECHR after Blocked Deportations.” Al Jazeera. 2023. https://www.aljazeera.com/news/2022/6/22/uk-to-introduce-law-to-override-echr-after-blocked-deportations.
[xxviii] Ibid. (ii)
[xxix] Ibid. (vii)
[xxx] UK Parliament. 2023. “Safety of Rwanda (Asylum and Immigration) Bill - Hansard - UK Parliament.” December 15, 2023. https://hansard.parliament.uk/commons/2023-12-12/debates/FA4DDF9F-19EF-4954-9BFA-6997E4A74E79/SafetyOfRwanda(AsylumAndImmigration)Bill.
[xxxi] Castle, Stephen, and Abdi Latif Dahir. 2023. “Sunak’s New Rwanda Bill Aims to Override Some Human Rights Law.” The New York Times, December 6, 2023, sec. World. https://www.nytimes.com/2023/12/06/world/europe/uk-bill-asylum-rwanda.html.
[xxxii] Compiled by the Researcher.
[xxxiii] Castle, Stephen, and Abdi Latif Dahir. 2023. “Sunak’s New Rwanda Bill Aims to Override Some Human Rights Law.” The New York Times, December 6, 2023, sec. World. https://www.nytimes.com/2023/12/06/world/europe/uk-bill-asylum-rwanda.html.
[xxxiv] Ibid.
[xxxv] Braverman, Suella. 2023. ‘Illegal Migration Bill - Hansard - UK Parliament’. 2023. https://hansard.parliament.uk/commons/2023-03-07/debates/87B621A3-050D-4B27-A655-2EDD4AAE6481/IllegalMigrationBill.
[xxxvi] Ibid. (xi)
[xxxvii] Ibid.
[xxxviii] Ibid
[xxxix] Ibid. (ii)
[xl] Sen, Piyal, Grace Crowley, Paul Arnell, Cornelius Katona, Mishka Pillay, Lauren Z. Waterman and Andrew Forrester. “The UK's exportation of asylum obligations to Rwanda: A challenge to mental health, ethics and the law.” Medicine, Science and the Law 62 (2022): 165 - 167.
[xli] UK Home Office. n.d. “International Social Media Campaign Launched to Stop the Boats.” GOV.UK. Accessed April 2, 2024. https://www.gov.uk/government/news/international-social-media-campaign-launched-to-stop-the-boats.
[xlii] McDonald, Anton. n.d. “The UK’s ‘Rwanda’ Immigration Bill, Explained.” FairPlanet. Accessed April 15, 2024. https://www.fairplanet.org/story/the-uks-rwanda-immigration-bill-explained/.
[xliii] Srivastava, Sanjay. 2024. “UK’s Rwanda Bill: Why It’s a Solution That Doesn’t Work.” The Indian Express (blog). April 25, 2024. https://indianexpress.com/article/opinion/columns/uks-rwanda-bill-why-its-a-solution-that-doesnt-work-9289157/.
[xliv]AfricaNews. 2023. “Protesters Rally against Government’s Migration Policies Outside UK Home Office.” Africanews. December 19, 2023. https://www.africanews.com/2023/12/19/protesters-rally-against-governments-migration-policies-outside-uk-home-office/.
[xlv] Easton-Calabria, Evan. 2023. “UK’s Failed Asylum Deportation Plan Puts Rwanda’s Human Rights and Refugee Struggles in the Spotlight.” The Conversation. November 24, 2023. http://theconversation.com/uks-failed-asylum-deportation-plan-puts-rwandas-human-rights-and-refugee-struggles-in-the-spotlight-218263.
[xlvi] France 24. 2024. “Council of Europe Calls on UK to Scrap Rwanda Migrant Plan.” France 24. April 23, 2024. https://www.france24.com/en/live-news/20240423-council-of-europe-calls-on-uk-to-scrap-rwanda-migrant-plan..
[xlvii] Ibid
[xlviii] Hagen-Zanker, Jessica. 2024. “Why Many Policies to Lower Migration Actually Increase It.” The Conversation. April 19, 2024. http://theconversation.com/why-many-policies-to-lower-migration-actually-increase-it-227271.