सारांश: तेज़ी से बढ़ती वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) जीवन के प्रमुख पहलुओं को प्रभावित कर रही है। ऐसे में मध्य पूर्व के देश भी खुले दिल से इस तकनीक को अपना रहे हैं। ये देश अपनी जरूरतों एवं क्षमताओं के अनुसार इसमें निवेश भी कर रहे हैं। इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर और तुर्किए इस क्षेत्र में अग्रणी हैं। ये देश समझते हैं कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वे इसे राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने और फिर क्षेत्रीय स्तर पर नेतृत्व करने का अवसर नहीं चूकना चाहते।
परिचय
भविष्य का दुर्लभ लक्ष्य, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता/एआई), एक उभरती हुई, शक्तिशाली, विघटनकारी और परिवर्तनकारी तकनीक है एवं मध्य पूर्व के देश इसे पूरी तरह से अपनाने के लिए तैयार एवं साधनों से लैस है। ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयों के माध्यम से कंप्यूटिंग शक्ति में उन्नति और इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सोशल मीडिया, ऐतिहासिक डेटाबेस, परिचालन डेटा स्रोतों एवं विभिन्न सार्वजनिक एवं सरकारी स्रोतों के माध्यम से विशाल मात्रा में डेटा की उपलब्धता के कारण 21वीं सदी में एआई मुख्य परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभरा है।[i]
गैर–अरब देशों में इज़रायल एआई में भारी निवेश के साथ अव्वल स्थान पर है। अरब देशों में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देश सबसे आगे हैं। इसमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और क़तर, मिस्त्र के साथ मिलकर इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा एआई में बहुत बड़े निवेश की घोषणा की गई और मई 2025 में जीसीसी के तीन देशों की अपनी यात्रा के दौरान 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का सौदा पक्का करना इस संबंध में बहुत मायने रखता है।
सऊदी की कंपनी डेटावोल्ट डेटा सेंटर और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है,[ii] जबकि यूएई ने अमेरिका में डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।[iii]
एआई किसी मशीन की सहायता के बिना किसी भी स्पष्ट आदेश पर सोचने, सीखने और काम करने की क्षमता को संदर्भित करता है।[iv] यह डेटा विश्लेषण और पैटर्न पहचान के माध्यम से कंप्यूटर प्रणालियों को अपने तरीके से उच्च गति से काम करने में सक्षम बनाता है। स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, साइबर सुरक्षा, बैंकिंग, उद्योग और सेना जैसे अलग– अलग क्षेत्रों में इसके निरंतर बढ़ते अनुप्रयोग एवं उपयोग के साथ एआई सर्वव्यापी होता जा रहा है। मध्य पूर्व के देश जानते हैं कि एआई भविष्य है और वे इस क्षेत्र में भी सबसे आगे रहना चाहते हैं।
तेज़ी से विस्तार करता एआई पारितंत्र को एक सहायक अवसंरचना, जैसे डेटा सेंटर की ज़रूरत है जिसकी पूर्वापेक्षाएं भूमि, ऊर्जा और कनेक्टिविटी हैं। मध्य पूर्व में विशाल भूमि संसाधन और हाइड्रोकार्बन के विशाल भंडार हैं और वह भारत मध्य– पूर्व– यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी/IMEC) जैसी विशाल एवं महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सक्रिए रूप से काम कर रहा है। अर्धचालक और महत्वपूर्ण खनिज एआई अवसंरचना का आधार बनते हैं और मध्य पूर्व इस क्षेत्र में सहयोग की आस लगा रहा है; सऊदी अरब- जिसके पास 2.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के अप्रयुक्त खनिज संसाधन हैं, के साथ ब्रिटेन महत्वपूर्ण खनिजों के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला है।[v]
दूसरा, नैतिक और इफिशंट डेटा कंप्यूटिंग एआई के विस्तार के लिए बहुत जरूरी है और इसे संग्रहण, भंडारण, तैयारी, प्रसंस्करण एवं सुरक्षा समेत उचित डेटा प्रबंधन सुनिश्चित करके ही प्राप्त किया जा सकता है।[vi] जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, जीपीयू के कारण डेटा कंप्यूटिंग में उन्नति उन कारकों में से एक है जिसने इस सदी में एआई के तेज़ी से विकास को जन्म दिया है और अमेरिकी चिप डिज़ाइनर एनवीआईडीआईए (NVIDIA) सीयूडीए (CUDA) इंटरफेस–एक समानांतर कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म जो सॉफ्टवेयर को जीपीयू की प्रसंस्करण शक्ति का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है, के साथ चिप डिजाइनिंग पर ज़ोर देने के साथ बाज़ार पर हावी है। [vii]
इसलिए, मई 2025 में संयुक्त अरब अमीरात द्वारा अमेरिका के साथ 500,000 NVIDIA उन्नत एआई चिप आयात करने के लिए किया गया आरंभिक समझौता बहुत महत्वपूर्ण था,[viii] हालाँकि अब अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने इस तकनीक के चीन को हस्तांतरित होने की चिंताओं के कारण इस सौदे को स्थगित कर दिया है।[ix] ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी/ TSMC) विश्व सेमिकंडर बाज़ार पर अपना दबदबा बनाए हुए है और Apple एवं NVIDIA जैसी प्रमुख कंपनियों को चिप्स की आपूर्ति करती है। मध्यपूर्व के देश चिप्स और सॉफ्टवेयर के लिए पश्चिमी देशों पर निर्भर हैं और उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई, अमेज़न, आईबीएम और गूगल जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बहुत सारे अनुबंध किए हैं।
बीते वर्ष, गूगल ने अपने एआई ऑपर्च्यूनिटी इनिशिएटिव की घोषणा की थी जिसमें मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) के लिए 2027 तक 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया गया था। इसका लक्ष्य इस क्षेत्र में 500,000 लोगों तक पहुँच बनाना है। यह अपने महारत–मिन गूगल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत अरबी भाषा में एआई पाठ्यक्रम के साथ अपने क्षेत्रीय प्रयासों को भी तेज़ कर रहा है।[x] यह संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, जॉर्डन, फिलिस्तीन, मिस्र, ट्यूनिशिया, मोरक्को, लेबनान, बहरीन और इराक में युवाओं, महिलाओं, प्रवासियों एवं हाशिए पर रहने वाले समुदायों को एआई कौशल विकास के अवसर उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा, गूगल स्वास्थ्य सेवा, जलवायु, शिक्षा और दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई सॉल्यूशंस पर काम करने वाले स्थानीय शोधकर्ताओं को वित्त पोषित भी कर रहा है।
इसने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी आबू धाबी को कमज़ोर समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवा में एआई संचालित ऐप शुरू करने हेतु अनुदान भी दिया है। सऊदी पीआईएफ के साथ साझेदारी में एआई के साथ दम्मम गूगल क्लाउड क्षेत्र का विस्तार किया है ताकि अरबी भाषा मॉडल में एआई अनुसंधान किया जा सके। गूगल ने जुलाई 2023 में अपना एआई पर्सनल असिस्टेंट जेमिनी भी अरबी भाषा में लॉन्च किया था और यह ऐप 16 से अधिक अरबी उपभाषाओं को समझ सकता है। [xi]
मध्य पूर्व के अग्रणी देश
यह क्षेत्र मध्य पूर्व में निवेश करने के साथ– साथ विभिन्न कंपनियों के साथ सहयोग करने पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए, वे मध्यपूर्व में एआई से संबंधित व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, मैकिन्से ने 2024 में जीसीसी में जनरेटिव एआई की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट जारी की,[xii] और पीडब्ल्यूसी ने 2018 में मध्य पूर्व में एआई के संभावित प्रभाव पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की।[xiii] डेलॉइट ने फरवरी 2025 में मध्य पूर्व में एआई की संभावनाओं को उजागर करने पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और क़तर के 155 से ज्यादा तकनीकी दिग्गज़ों एवं उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों के साक्षात्कार के बाद क्षेत्रीय बारीकियों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और क़तर मज़बूत सरकारी प्रतिबद्धताओं के साथ इस क्षेत्र में एआई के मामले में अग्रणी हैं।[xiv] कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष द्वारा जारी क्षेत्रीय एआई तैयारी सूचकांक में मध्य पूर्व और मध्य एशिया का स्कोर 0.40 है। [xv]
देशवार मध्य पूर्व एआई तैयारी सूचकांक (2023)
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इज़रायल |
0.73 |
|
संयुक्त अरब अमीरात |
0.63 |
|
सऊदी अरब |
0.58 |
|
तुर्किए |
0.54 |
|
क़तर |
0.53 |
|
ओमान |
0.53 |
|
बहरीन |
0.52 |
|
ज़ॉर्डन |
0.48 |
|
ट्यूनिशिया |
0.47 |
|
क़ुवैत |
0.46 |
|
मोरक्को |
0.43 |
|
लेबनान |
0.42 |
|
मिस्त्र |
0.39 |
|
इरान |
0.38 |
|
अल्ज़ीरिया |
0.37 |
|
सीरिया |
0.30 |
|
ईराक |
0.27 |
स्रोत: आईएमएफ, पर उपलब्ध है https://www.imf.org/external/datamapper/ai_pi[at]aipi/ADVEC/EME/LIC
इज़रायल क्षेत्रीय एआई की दौड़ में सबसे आगे है, जैसा कि प्रत्येक देश के एआई तैयारी स्कोर से पता चलता है। शून्य से एक के पैमाने पर, इज़रायल का एआई तैयारी स्कोर 0.73 है। इसके बाद खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देश, जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, ओमान और बहरीन का स्थान आता है। इज़रायल के पास एक सहयोगात्मक, समग्र और दीर्घकालिक राष्ट्रीय एआई प्रोग्राम है जो एआई के अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश सुनिश्चित करता है और एआई– समर्थक माहौल को बढ़ावा देता है। इज़रायल का लक्ष्य अनुसंधान एवं विकास और नैतिक एआई कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देकर स्वयं को एआई पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है।
हाल ही में इसने सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में एआई उपकरणों के परीक्षण हेतु एआई सैंडबॉक्स पायलट प्रोग्राम नाम की, 2.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की एक पहल की शुरुआत की है और मई 2025 में इसने अपना राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटर लॉन्च किया था जो इज़रायली स्टार्ट–अप्स, कंपनियों एवं शोधकर्ताओं को बड़े पैमाने पर एआई मॉडल प्रशिक्षित करने हेतु व्यापक पहुँच और सामर्थ्य प्रदान करता है। इसने अपने एआई उद्योग में विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर के इनिशिएटिव्स लॉन्च किए हैं और 2,200 से अधिक इज़रायली कंपनियां स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ऊर्जा, परिवहन और निर्माण जैसे उद्योगों में प्रगति हेतु एआई का उपयोग कर रही हैं।[xvi]
इस क्षेत्र में दूसरे स्थान पर और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में अग्रणी, संयुक्त अरब अमीरात ने ज्ञान– आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण के उद्देश्य से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस मंत्रालय बनाया है, एआई के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है और मौलिक एवं उन्नत अनुसंधान हेतु समर्पित एआई अनुसंधान केंद्र बनाने की योजना बनाई है। इसने अपनी एआई रणनीति को दीर्घकालिक, विज़न यूएई 2071 शताब्दी योजना के साथ जोड़ा है जो उन्नत प्रौद्योगिकियों पर ज़ोर देते हुए विविध ज्ञान अर्थव्यवस्था पर केंद्रित है।
इसने 2019 में आबू धाबी में एआई– केंद्रित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए मोहम्मद बिन जायद आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी। यूएई ने एक एआई परिषद भी बनाया है जो सरकारी विभागों एवं शिक्षा क्षेत्र में एआई एकीकरण की देखरेख करेगी। परिषद ने एआई में निवेश को प्रेरित करने और दुनिया भर से संबंधित कंपनियों और कोडर्स को गोल्डन वीज़ा देकर यूएई आने को आकर्षित करने के लिए एआई और कोडिंग लाइसेंस लॉन्च किया है।[xvii]
इसी तरह, क़तर ने 2019 में अपनी राष्ट्रीय एआई रणनीति की घोषणा की, जो उसके विज़न 2030 के आर्थिक विविधीकरण एवं तकनीकी क्षमता में उन्नति के उद्देश्य के अनुरूप है। इसका उद्देश्य क़तर को एआई– संचालित वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाना है। इसने राष्ट्रीय रणनीति को लागू करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी सरकारी एजेंसियाँ एआई परियोजनाओं पर मिलकर काम करें, 2021 में एआई समिति का गठन किया। यह समिति कुशल एआई पेशेवरों को बेहतर बनने में मदद करती है, विश्व में एआई की प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखती है और वैश्विक स्तर पर साझेदारियां करीत है। हमद बिन खलीफा यूनिवर्सिटी में क़तर कंप्यूटिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (क्यूसीआरआई/ QCRI) ने फ़नार नाम की एक अरबी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) विकसित किया है।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने निजी कंपनियों, सरकारी संस्थाओं, छात्रों एवं आम नागरिकों के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के नैतिक उपयोग के सिद्धांत एवं दिशानिर्देश जारी किए हैं।[xxii] क़तर की एआई अर्थव्यवस्था 2022 में 31 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी और 2026 में 17.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ इसके 58.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाने की आशा है।[xxiii] स्केल एआई कंपनी शिक्षा, सिविल सेवा, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन क्षेत्रों में एआई साधन विकसित करने के लिए क़तर के साथ मिल कर काम कर रही है।[xxiv] क़तर दिसंबर 2025 में विश्व एआई शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।[xxv]
ओमान, बहरीन और कुव़ैत समेत दूसरे खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) वाले देश भी एआई में निवेश करने, भविष्य के लिए तैयार होने और इसके लाभ प्राप्त करने के इच्छुक हैं। ओमान विज़न 2040 की रूपरेखा में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लिए ओमान के राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य सुल्तान हैथम बिन तारिक के एआई प्रौद्योगिकियों के स्थानीयकरण एवं इन प्रौद्योगिकियों को सक्षम करने के लिए तेज़ी से कानून बनाने पर ज़ोर दे कर सतत विकास को प्राप्त करने में सक्षम डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
यह कार्यक्रम ऑक्सफोर्ड इनसाइट्स द्वारा प्रकाशित सरकारी एआई रेडीनेस इंडेक्स में ओमान को 45वें देश के साथ शीर्ष 50 देशों में स्थान दिलाने में सफल रहा है।[xxvi] इसके हिस्से के रूप में, ओमान सरकार राष्ट्रीय ओपन डेटा प्लेटफॉर्म की स्थापना, एआई अनुसंधान और विकास के लिए राष्ट्रीय केंद्र बनाने, एआई स्टूडियो बनाना, ओमानी भाषा मॉडल “ओमान जीपीटी” विकसित करने और चौथे औद्योगिक क्रांति केंद्र की स्थापना जैसी पहल करेगी।[xxvii]
बहरीन ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के उपयोग हेतु राष्ट्रीय नीति जारी की है और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की ई– गवर्नेंस मंत्रिस्तरीय समिति द्वारा जारी जीसीसी में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के प्रयोग की नैतिकता पर मार्गदर्शक नियमावली को अपनाया है। इसका उद्देश्य 2030 तक 50,000 बहरीन निवासियों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित कर एआई– कुशल कार्यबल तैयार करना, एक इनोवेशन हब के माध्यम से शासन में एआई के प्रयोग को बढ़ावा देना और एआई पर कार्यशालाओं का आयोजन कर एआई जागरूकता को प्रेरित करना है।
बहरीन उपग्रह चित्रों के माध्यम से निर्माण क्षेत्र में उल्लंघनों का पता लगाने के लिए एआई का प्रयोग करता है और उसने न्यायपालिका में एआई पर पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया है। बैटेल्को के बास्मा, इला बैंक के फ़ातिमा, बहरीन इस्लामिक बैंक के दाना और बीआईबीएफ के नूरा जैसे एआई संचालित चैटबॉट्स की लोकप्रियता बताती है कि सरकार का एआई पर ध्यान कुछ सीमा तक सफल रहा है।[xxviii] नासेर एआई रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर का लक्ष्य बहरीन को क्षेत्र में अग्रणी नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है। [xxix]
एआई और सुपरकंप्यूटिंग कुव़ैत की राष्ट्रीय विकास योजना के अभिन्न अंग हैं। देश एआई और सुपरकंप्यूटिंग पहलों का समर्थन करने के लिए उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना में निवेश कर रहा है। कुव़ैती व्यवसाय एआई अनुप्रयोगों की खोज कर रहे हैं। वित्त में पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण और विनिर्माण में स्वचालन पर उनका ध्यान केंद्रित हैं। [xxx] राष्ट्रीय एआई रणनीति (2025–2028) को प्रस्तुत करके, कुव़ैत ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, शासन और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई को एकीकृत करने के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा तैयार की है।[xxxi]
यह रणनीति इसके एआई परिदृश्य का विश्लेषण करती है और कुव़ैत विज़न 2035 के तहत कुव़ैत के एआई लक्ष्यों की उन्नति के लिए पहल का प्रस्ताव करते हुए एक ज़िम्मेदार और सुरक्षित एआई रूपरेखा विकसित करने के महत्व को रेखांकित करती है। कुव़ैत एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहाँ 2028 तक वह एआई नवाचार में अव्वल होगा। ऊर्जा और परिवहन जैसे अलग– अलग क्षेत्रों में एआई को एकीकृत कर, कुव़ैत निकट भविष्य में बेहतर दक्षता प्राप्त कर सकता है, संसाधन आवंटन को अनुकूल बना सकता है और नवाचार को बढ़ावा दे सकता है।
कुव़ैत राष्ट्रीय रणनीति मसौदे द्वारा किए गए स्वॉट (SWOT) विश्लेषण के अनुसार, इसका ठोस पहलू हैं– मज़बूत सरकारी समर्थन, पर्याप्त वित्त संसाधन और रणनीतिक स्थान, जबकि इसकी कमियां डेटा इंटीग्रेशन, प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाज़ार में स्थिति और कुशल प्रतिभाओं की कमी है। कुव़ैत का लक्ष्य जिम्मेदार एआई को आगे बढ़ाकर और प्रमुख हितधारकों को शामिल कर एक मज़बूत एआई पारितंत्र बनाना है।[xxxii]
इज़रायल के अलावा दूसरे गैर– अरब देशों में, तुर्किए भी एआई में बहुत अधिक निवेश कर रहा है। तत्परता सूचकांक में उसके 0.54 अंक हैं जबकि ईरान अपनी भू– राजनीतिक बाधाओं की वजह से कम अंक प्राप्त कर पाया है। तुर्किए ने अगस्त 2021 में अपनी राष्ट्रीय एआई रणनीति 2021-2025 प्रकाशित की थी। यह ग्यारहवीं विकास योजना, राष्ट्रपति के वार्षिक कार्यक्रमों एवं डिजिटल तुर्किए नज़रिए के अनुरूप है।[xxxiii] एआई पर तुर्किए का फोकस राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के इस विश्वास के अनुरूप है कि तुर्किए एआई में मानवोन्मुख सफलता प्राप्त करे।
रणनीति में छह प्राथमिकताओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें एआई विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना और डेटा व बुनियादी ढांचे तक पहुँच को सुगम बनाना, सामाजिक– आर्थिक अनुकूलन में तेज़ी लाना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करना और संरचनात्मक व श्रम परिवर्तन में तेज़ी लाना शामिल है।[xxxiv] इसके लिए, नए शोध कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, स्टार्ट– अप्स को समर्थन दिया जाएगा और तुर्किए वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार एआई अध्ययनों में भाग लेगा। राष्ट्रीय रणनीति के माध्यम से, तुर्किए का लक्ष्य 2025 के आखिर तक अपने सकल घरेलू उत्पाद को 5 प्रतिशत तक बढ़ाना और 50,000 लोगों को रोज़गार देना है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय एआई सूचकांक में शीर्ष 20 देशों में स्थान बनाना था; हालाँकि मध्यपूर्व एआई तैयारी सूचकांक के अनुसार यह मध्यपूर्व के देशों में चौथे स्थान पर रहने वाला देश है।
विभिन्न स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना करने के बाद भी ईरान भी एआई के क्षेत्र में शीर्ष देशों में शामिल होने को उत्सुक है; वास्तव में यह ऑक्सफोर्ड इनसाइट्स इंडेक्स में तीन स्थान ऊपर चढ़ा– 2023 में यह 188 देशों में 94वें स्थान पर था, 2024 में 91वें स्थान पर आ गया। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने एआई क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपने शासन की प्रतिबद्धता की पुनःपुष्टि की है और उनकी सरकार ने एआई के क्षेत्र में क्षेत्रीय नेता के रूप में उभरने के उद्देश्य से अनुसंधान हेतु 115 मिलियन अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
वर्ष 2025 में इस संबंध में कुछ दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिले हैं क्योंकि ईरान ने फरवरी और मार्च 2025 में संयुक्त अरब अमीरात में “ईरान कॉरिडोर 2025” सम्मेलन के दौरान खाड़ी देशों के साथ एआई साझेदारी का प्रस्ताव रखा था। इसने अपने राष्ट्रीय एआई प्लेटफॉर्म का एक प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया जिसके 2026 तक एक स्थिर संस्करण (स्टेबल वर्ज़न) आने की उम्मीद है। इसके राष्ट्रीय एआई प्लेटफॉर्म में जीपीयू– आधारित प्रसंस्करण अवसंरचना, लार्ज लैंग्वेज और मल्टीमॉडल मॉडल्स, इंटेलिजेंट एजेंट्स और एप्लीकेशन लेयर्स जैसी विशेषताएं शामिल हैं।[xxxv]
पिछले वर्ष, ईरान ने राष्ट्रीय एआई संगठन की स्थापना की क्योंकि एआई पारितंत्र एक मज़बूत शैक्षणिक आधार के कारण फल– फूल रहा है; 2023 तक, ईरान मध्य पूर्व में एआई– संबंधित वैज्ञानिक प्रकाशनों की संख्या और गुणवत्ता के मामले में दूसरे स्थान पर था।[xxxvi] ईरान का ध्यान सैन्य और रक्षा पर है क्योंकि वह स्वदेशी प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहता है जो पश्चिम नियंत्रित प्रणालियों से अलग स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।
इसने सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत डेटा– प्रोसेसिंग ज़ाग्रोस युद्धपोत, एआई नेविगेशन वाले ड्रोन और स्मार्ट लड़ाकू रोबोट शामिल किए गए हैं। ईरान का नेशनल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस एसोसिएशन देश में एआई पारितंत्र बनाने में सबसे आगे है। [xxxvii] उपजाऊ अर्धचंद्राकार देशों में, जॉर्डन और लेबनान एआई में निवेश करने के इच्छुक हैं और उत्तर अफ्रीकी देशों में ट्यूनीशिया, मोरक्को और मिस्त्र ऐसे देश हैं जो मुख्य रूप से एआई के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में देशवार डेटा सेंटर्स की संख्या
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इज़रायल |
55 |
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सऊदी अरब |
36 |
|
संयुक्त अरब अमीरात |
34 |
|
ईरान |
20 |
|
ओमान |
15 |
|
मिस्त्र |
13 |
|
क़तर |
11 |
|
जॉर्डन |
8 |
|
बहरीन |
5 |
|
कुव़ैत |
4 |
|
लेबनान |
2 |
|
इराक |
1 |
वैश्विक एआई पारितंत्र
वैश्विक स्तर पर एआई पारितंत्र तेज़ी से विकसित हो रहा है और ज्यादा– से– ज्यादा देश अवसंरचना विकास, कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं अनुकूल शासन में निवेश कर रहे हैं। वैश्विक एआई अग्रदूत वे देश हैं जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय रणनीतियां समय से पहले बनाई और प्रकाशित कीं, जिनमें अमेरिका, दक्षिण कोरिया और चीन (2016), कनाडा, जापान और सिंगापुर (2017), जर्मनी, फ्रांस, भारत और यूके (2018) एवं रूस (2019) शामिल हैं, जिनका साझा उद्देश्य आपसी सहयोग, मानव– केंद्रित नज़रिया और नैतिक उपयोग है। एआई हायरिंग इंडेक्स (2015-2016) के अनुसार अग्रणी देश सिंगापुर, ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, तुर्कीए, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, स्वीडन, नीदरलैंड, फिनलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, यूके और स्पेन हैं।[xxxviii]
बढ़ती दिलचस्पी और निवेश के साथ एआई नए मानदंड छू रहा है और निकट भविष्य में जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करेगा। स्टैनफोर्ड एआई रिपोर्ट 2025 के अनुसार, उच्च– गुणवत्ता वाले वीडियो, मनुष्यों से बेहतर प्रदर्शन करने वाले तेज़ लैंग्वेज मॉडल्स, चिकित्सा उपकरण और स्वचालित कारों के निर्माण में एआई ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जनरेटिव एआई ने वैश्विक स्तर पर 33.9 अरब अमेरिकी डॉलर का निजी निवेश आकर्षित किया है जिसमें अमेरिका, चीन और ब्रिटेन सबसे आगे हैं। अमेरिका शीर्ष एआई मॉडल बनाने में अव्वल है लेकिन चीन एआई पब्लिकेशंस और पेटेंट करना में अव्वल आ कर गुणवत्ता की खाई को पाट रहा है।
एआई गवर्नेंस पर वैश्विक सहयोग बढ़ा है और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी), यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र एवं अफ्रीकी संघ जैसे संगठन पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दूसरे प्रमुख जिम्मेदार एआई सिद्धांतों पर केंद्रित रूपरेखआएं जारी कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर देश एआई गवर्नेंस पर सहयोग कर रहे हैं। एआई के उपयोग को लेकर आशावाद बढ़ रहा है और यह अधिक सुलभ, कुशल एवं किफायती होता जा रहा है। जहाँ सरकारें बड़े पैमाने पर निवेश पर ध्यान दे रही हैं और एआई नियमन एवं एआई साक्षरता बढ़ रही है वहीं एआई तक पहुँच और इसे अपनाने की तत्परता पिछड़ती जा रही है।
इसके अलावा, जब उद्योग एआई मॉडलों के उपयोग में आगे बढ़ रहा है, तो शीर्ष मॉलों के बीच प्रदर्शन का अंतर तेज़ी से कम हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जटिल तर्क में सीमित दक्षता के कारण उच्च– दांव वाले, सटीकता– गहन मामले (प्रीसिश़न– इंटेंसिव केसेस) एआई के दायरे से बाहर हैं।[xxxix]
निष्कर्ष
एआई के तेज़ विकास के बावजूद, इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें डेटा पूर्वाग्रह और सैन्य अनुप्रयोगों में इसके उपयोग को लेकर चिंताएं शामिल हैं, क्योंकि यह बारीकियों और जटिल परिदृश्यों को समझने एवं उनका जवाब देने में असमर्थ हैं। इसके आलवा, वर्तमान कार्यक्रमों के साथ एआई एकीकरण, डेटा सुरक्षा, प्रासंगिक डेटा संग्रह और उपयोग एवं जनरेटिव एआई में पर्याप्त विशेषज्ञता की कमी से संबंधित चिंताएं हैं।
इनमें से कुछ चुनौतियां एआई के शासन और नैतिकता से संबंधित हैं। वर्ष 2021 में, 193 देशों ने मानवाधिकारों पर केंद्रित एआई की नैतिकता पर अनुशंसा को अपनाया। इन अनुशंसाओं के आधार पर, यूनेस्को की वैश्विक एआई नैतिकता और गवर्नेंस ऑब्जर्वेटरी एआई के प्रयोग से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को संसाधन उपलब्ध कराती हैं।
मध्य पूर्व में एआई विकास की राह में आने वाली बाधाओं में सख्त नियमों के कारण सीमित डेटा आपूर्ति, कुशल मानव संसाधनों की कमी, अपर्याप्त उन्नत तकनीकें और एआई डेटा सेंटर्स के लिए अपर्याप्त शीतलन प्रणालियां शामिल हैं। डेटा सेंटर परंपरागत क्लाउड ऑपरेशंस की तुलना में बहुत अधिक गर्मी पैदा करते हैं और उन्हें ठंडा करने की जरूरत होती है। मध्य पूर्व के देशों में पानी की कमी है और गर्मी के मौसम में यहाँ तापमान 50°सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
इस क्षेत्र में पूरे वर्ष पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी उपलब्ध कराना एक चुनौती है और दो– चरण वाले इमर्शन कूलिंग सिस्टम के जरिए पुनर्चक्रित पानी का प्रयोग आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं है। अपर्याप्त डेटा की उपलब्धता और डेटा सेंटर्स के लिए पानी की कमी का समाधान, घरेलू सर्वेक्षणों और स्थानीय ताप प्रबंधन समाधानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही ढूंढ़ना होगा क्योंकि आयात एक व्यवहार्य विकल्प नहीं है।
डेलॉइट की रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में, सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमीरात की तुलना में क़तर में ए को लेकर ख़तरा अधिक है। क़तर सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग पर अधिक ध्यान दे रहा है जबकि संयुक्त अरब अमीरात विश्वविद्यालयों पर ध्यान दे रहा है और सऊदी अरब एआई अनुसंधान प्रयोगशालाओं में निवेश कर रहा है। कुल मिलाकर, इस क्षेत्र के संगठनों के पास स्पष्ट एआई रणनीति का अभाव है। वे सतही स्तर के अनुप्रयोग से परे उच्च– मूल्यवान उपयोग की पहचान करने में असमर्थ हैं।
इसलिए, एआई का उपयोग मुख्य रूप से सामग्री निर्माण और सारांश तैयार करने के लिए किया जाता है। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देश बायोमेट्रिक्स, साइबर सुरक्षा, स्वचालन, भाषा प्रसंस्करण, पैटर्न पहचान, सिमुलेशन और चैटबॉट के माध्यम से दैनिक उपयोग में एआई को बढ़ावा दे रहे हैं। यह प्रक्रिया कुछ सीमा तक सफल है क्योंकि उनके पास युवा और तकनीक– प्रेमी आबादी है। फिर भी, अपनाने की मानसिकता से इतर नवाचार की मानसिकता अपनाने एवं खरीददार और उभोक्ता बनने की बजाय एआई डेवलपर और उत्पादक बनने का लक्ष्य रखने की जरूरत है।
मध्य पूर्व इस तथ्य से अवगत है कि नैतिकता एआई के प्रचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और परिणामस्वरूप कई देशों ने लोगों द्वारा सुरक्षित और संरक्षित उपयोग हेतु दिशानिर्देश जारी किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात की आर्टिफिशल इंटेलिजेंस 2031 की राष्ट्रीय रणनीति का एक प्रमुख लक्ष्य निष्पक्ष, स्पष्ट और सुरक्षित एआई हेतु स्पष्ट नियम निर्धारित करना है जो लोगों के अधिकारों का सम्मान करता हो। सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी ने एआई के अच्छे व्यवहार और जिम्मेदारी से इस्तेमाल के संबंध में नियम बनाए हैं।
मिस्र अरब जगत का पहला देश है जिसनें ओईसीडी के एआई नियमों को लागू किया है और इसका एआई चार्टर सुरक्षा, जिम्मेदारी, लोगों को प्राथमिकता एवं एआई द्वारा निष्पक्ष व्यवहार जैसे मूल्यों को प्राथमिकता देता है। डेटा सुरक्षा भी एआई नैतिकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है; दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशल सेंटर व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और निष्पक्ष एवं सुरक्षित एआई सिस्टम डिज़ाइन करने के लिए विनियामक लक्ष्य बना रहा है।
सऊदी अरब का व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून लोगों के डेटा की सुरक्षा करता है, व्यवसायों के लिए नियम निर्धारित करता है और लोगों को अपने डेटा तक पहुँचने, उसमें सुधार करने एवं हटाने का अधिकार देता है। बहरीन के नैतिक नियमों के अनुसार, एआई पर नज़र रखी जानी चाहिए और लोगों को एआई के निर्णयों की जांच करनी चाहिए जबकि क़तर की एआई रणनीति एआई के सुरक्षित उपयोग एवं डेटा गोपनीयता पर केंद्रित है।[xl]
इसके अलावा, द अरब लीग एजुकेशनल, कल्चरल एंड साइंटिफिक ऑर्गेनाइज़ेशन (एएलईसीएसओ/ ALECSO) ने "आर्टिफिशल इंटेलिजेंस फोबिया एंड साइंटिफिक रिसर्च एथिक्स" पर 2023 में किए गए अध्ययन की अनुशंसाओं के अनुरूप एआई नैतिकता घोषणापत्र अपनाया है।[xli] इसके बावजूद, इस क्षेत्र के लोग अभी भी एआई को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं।
मनुष्यों की अपेक्षा एआई पर विश्वास करने में सांस्कृतिक विरोध है, साथ ही क्लाइंट डेटा के दुरुपयोग का भी डर है जिससे विश्वास में कमी आती है लेकिन अच्छी बात यह है कि इन देशों द्वारा किए गए प्रयासों से निकट भविष्य में लोगों की धारणा में बदलाव आएगा जिससे देश एआई के लाभों को अधिकतम रूप से प्राप्त कर सकेंगे।
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*डॉ. लक्ष्मी प्रिया, रिसर्च फेलो, भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए)
अस्वीकरण: व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण
[i] Artificial Intelligence, NVIDIA, available at https://www.nvidia.com/en-in/glossary/artificial-intelligence/ accessed on August 06, 2025.
[ii] President Donald J. Trump Secures Historic $600 Billion Investment Commitment in Saudi Arabia, The White House, May 13, 2025, available at https://www.whitehouse.gov/fact-sheets/2025/05/fact-sheet-president-donald-j-trump-secures-historic-600-billion-investment-commitment-in-saudi-arabia/ accessed on August 06, 2025.
[iii] President Donald J. Trump Secures $200 Billion in New US-UAE Deals and Accelerates Previously Committed $1.4 Trillion UAE Investment, The White House, May 15, 2025, available at https://www.whitehouse.gov/fact-sheets/2025/05/fact-sheet-president-donald-j-trump-secures-200-billion-in-new-u-s-uae-deals-and-accelerates-previously-committed-1-4-trillion-uae-investment/#:~:text=The%20U.S.%20and%20UAE%20signed,as%20those%20in%20the%20UAE accessed on August 07, 2025.
[iv] Artificial Intelligence, NVIDIA, available at https://www.nvidia.com/en-in/glossary/artificial-intelligence/ accessed on May 06, 2025.
[v] UK to sign critical minerals partnership with Saudi Arabia, Reuters, January 14, 2025, available at https://www.reuters.com/markets/commodities/uk-sign-critical-minerals-partnership-with-saudi-arabia-2025-01-14/ accessed on August 06, 2025.
[vi] How to get Infrastructure Requirements for Artificial Intelligence Right, Wipro, May 2020, available at https://www.wipro.com/analytics/how-to-get-infrastructure-requirements-for-artificial-intelligence-right/ accessed on August 08, 2025.
[vii] Dylan Sloan, Nvidia shatters stock market record by adding over $230 billion in value in one day. Here’s why it’s dominating the AI chip race, Fortune, February 22, 2024, available at https://fortune.com/2024/02/22/what-does-nvidia-do-chips-ai-jensen-huang/ accessed on August 08, 2025.
[viii] Karen Freifeld and Hadeel Al Sayegh, US close to letting UAE import millions of Nvidia’s AI chips, sources say, Reuters, May 15, 2025, available at https://www.reuters.com/business/finance/us-close-letting-uae-import-millions-nvidias-ai-chips-sources-say-2025-05-14/ accessed on August 10, 2025.
[ix] Yevgeny Demkivskyi, US suspends UAE deal to purchase NVIDIA chips over fears of technology leak to China, Mezha Media, July 18, 2025, available at https://mezha.media/en/news/us-hold-nvidia-uae-chip-deal-303442/ accessed on August 18, 2025.
[x] Google boosts Arabic AI with $15m MENA initiative, TechinAsia, November 04, 2024, available at https://www.techinasia.com/news/google-boosts-arabic-ai-15m-mena-initiative accessed on June 06, 2025.
[xi] Google unveils MENA’s largest AI initiative from Dubai, WAM News, October 31, 2024, available at https://www.wam.ae/en/article/b5ykz4d-google-unveils-menas-largest-initiative-from accessed on August 05, 2025.
[xii] The state of gen AI in the Middle East’s GCC countries: A 2024 report card, McKinsey, November 06, 2024, available at https://www.mckinsey.com/capabilities/quantumblack/our-insights/the-state-of-gen-ai-in-the-middle-easts-gcc-countries-a-2024-report-card accessed on August 10, 2025.
[xiii] $320 billion by 2030? The potential impact of Artificial Intelligence in the Middle East, PwC, available at https://www.pwc.com/m1/en/publications/potential-impact-artificial-intelligence-middle-east.html accessed on August 16, 2025.
[xiv] The Perfect Storm: A Perspective on unlocking AI’s value in the Middle East, State of AI in the Middle East Report, Deloitte AI Institute, February 2025, available at chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://www.deloitte.com/content/dam/assets-zone2/middle-east/en/docs/services/consulting/2025/middle-east-state-of-ai.pdf accessed on August 16, 2025.
[xv] International Monetary Fund, available at https://www.imf.org/external/datamapper/ai_pi[at]aipi/ADVEC/EME/LIC accessed on August 16, 2025.
[xvi] Israeli National AI Program, Ministry of Innovation, Science and Technology, available at https://aiisrael.org.il/about-us/ accessed on August 16, 2025.
[xvii] Artificial intelligence in government policies, The United Arab Emirates Government Portal, available at https://u.ae/en/about-the-uae/digital-uae/digital-technology/artificial-intelligence/artificial-intelligence-in-government-policies accessed on August 18, 2025.
[xviii] Mohammed Soliman, Saudi Arabia’s AI ambition, and what it means for the United States, Middle East Institute, June 05, 2025, available at https://www.mei.edu/publications/saudi-arabias-ai-ambition-and-what-it-means-united-states August 18, 2025.
[xix] Saudi Arabia and UAE Vie for Middle East AI Supremacy, PYMNTS TV, June 09, 2025, available at https://www.pymnts.com/artificial-intelligence-2/2025/saudi-arabia-and-uae-vie-for-middle-east-ai-supremacy/ accessed on August 19, 2025.
[xx] Saudi Arabia to introduce AI education at all grade levels starting this year, Eye on AI, Arab News, July 10, 2025, available at https://www.arabnews.com/node/2607655/saudi-arabia accessed on August 20, 2025.
[xxi] Saudi Data & AI Auhtority, Vision 2030, available at https://sdaia.gov.sa/en/SDAIA/about/Pages/About.aspx accessed on August 20, 2025.
[xxii] Principles and Guidelines for Ethical Use of Artificial Intelligence, Ministry of Communication and Information Technology, Qatar, November 2024, available at chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://www.mcit.gov.qa/wp-content/uploads/sites/4/2025/04/AI-Guidelines-_-En.pdf accessed on August 21, 2025.
[xxiii] Artificial Intelligence, Tasmu Digital Valley, available at https://tdv.motc.gov.qa/Investment-Catalogue/Artificial-Intelligence accessed on August 22, 2025.
[xxiv] Hayden Field, Scale AI working with Qatar to develop AI agents for education, health care and transportation, CNBC, April 16, 2025, available at https://www.cnbc.com/2025/04/16/scale-ai-working-with-qatar-on-ai-agents-for-education-health-care.html accessed on August 22, 2025.
[xxv] World Summit AI, Qatar, 09-10 December 2025, available at https://qatar.worldsummit.ai/ accessed on August 22, 2025.
[xxvi] Government AI Readiness Index 2024, Oxford Insights, available at https://oxfordinsights.com/ai-readiness/ai-readiness-index/ accessed on August 23, 2025.
[xxvii] Oman Launches the National Program for Artificial Intelligence and Advanced Digital Technologies, September 22, 2024, Ministry of Transport, Communications and Information Technology, available at https://www.mtcit.gov.om/ITAPortal/MediaCenter/NewsDetail.aspx?NID=141325 accessed on August 23, 2025.
[xxviii] Artificial Intelligence, Leveraging Artificial Intelligence (AI) for Bahrain, Government of Bahrain, available at https://www.bahrain.bh/wps/portal/en/BNP/ExploreBahrain/ArtificialIntelligence accessed on August 23, 2025.
[xxix] Nasser Artificial Intelligence and Research Centre, Bahrain available at https://www.nairdc.bh/#About%20Us accessed on August 24, 2025.
[xxx] Harnessing the Future: AI and Supercomputing Solutions in Jordan and Kuwait, Qubit Science and Technology, available at https://www.qubitscience.com/harnessing-the-future-ai-and-supercomputing-solutions-in-jordan-and-kuwait/ accessed on August 24, 2025.
[xxxi] Artificial Intelligence law at Kuwait, Law Gratis, May 05, 2025, available at https://www.lawgratis.com/blog-detail/artificial-intelligence-law-at-kuwait accessed on August 24, 2025.
[xxxii] Kuwait National AI Strategy 2025-2028, available at chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://cait.gov.kw/media/filer_public/3f/b4/3fb49a45-4a78-4489-8898-b68e2bd260ca/kuwait_national_strategy.pdf accessed on August 22, 2025.
[xxxiii] National AI Strategy 2021-2025, Türkiye, available at chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://cdn-assets.inwink.com/b0269dea-af7b-4460-b29a-c40b9941c4c5/d32fa511-ac43-49ef-b5b2-d90034d2af03 accessed on August 24, 2025.
[xxxiv] Ibid.
[xxxv] Iran unveils national AI platform prototype, Iran International, March 15, 2025, available at https://www.iranintl.com/en/202503158253 accessed on August 25, 2025.
[xxxvi] Silicon Persia: Iran’s AI Aspirations and the Global Tech Order, Special Eurasia, available at https://www.specialeurasia.com/2025/03/24/iran-ai-silicon-persia/ accessed on August 24, 2025.
[xxxvii] National Association of Artificial Intelligence of Iran, available at https://iranaiai.ir/en/ accessed on August 25, 2025.
[xxxviii] National AI Strategy 2021-2025, Türkiye, available at chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://cdn-assets.inwink.com/b0269dea-af7b-4460-b29a-c40b9941c4c5/d32fa511-ac43-49ef-b5b2-d90034d2af03 accessed on August 24, 2025.
[xxxix] The 2025 AI Index Report, Human Centred Artificial Intelligence, Stanford University, available at https://hai.stanford.edu/ai-index/2025-ai-index-report accessed on August 25, 2025.
[xl] AI Regulation in Middle East: 10 Key Points, December 10, 2024, available at https://dialzara.com/blog/ai-regulation-in-middle-east-10-key-points accessed on September 29, 2025.
[xli] Wagdy Sawahel, First AI ethical code adopted to protect Arab values in HE, University World News, July 23, 2025, available at https://www.universityworldnews.com/post.php?story=20250722122435648#:~:text=Besides%20culture%2C%20the%20AI%20Arab,environmental%2C%20climate%20and%20economic%20challenges accessed on September 29, 2025.