सारांश: जब से वर्ष 1938 में सऊदी अरब में पहली बार तेल की खोज हुई है, यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। हालांकि, ऐसे समय में जब कई देश हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता को कम कर रहे हैं, सऊदी अरब भी अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है। विज़न 2030 प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य अन्य उद्देश्यों के साथ-साथ सऊदी अर्थव्यवस्था की हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता को कम करना है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था में विविधता आ रही है, सामाजिक संरचना में भी स्पष्ट परिवर्तन देखने को मिला है। इस कार्यक्रम का एक प्रभाव सऊदी में महिलाओं की स्थिति पर भी पड़ा है।
वर्ष 2025 में विज़न दस्तावेज़ के एक दशक पूरे होने पर, सऊदी समाज तथा अर्थव्यवस्था में महिलाओं की स्थिति में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। इस संदर्भ में, यह शोधपत्र विज़न 2030 की पृष्ठभूमि और उसके पीछे के तर्क को समझने का प्रयास करता है तथा यह बताता है कि विगत दस वर्षों में इसने महिलाओं की स्थिति पर किस प्रकार प्रभाव डाला है।
प्रस्तावना
सऊदी राज्य की स्थापना वर्ष 1932 में किंग अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के शासन के दौरान हुई थी। छह वर्ष पश्चात्, फरवरी 1938 में, तेल की खोज हुई, जिसने इस रेगिस्तानी साम्राज्य की किस्मत को बदल दिया। तेल से प्राप्त संपदा ने अल सऊद शासकों के शासन को अधिक सुरक्षित बना दिया, क्योंकि राज्य तथाकथित ‘जन्म से मृत्यु तक की कल्याण व्यवस्था’ लागू करने में सक्षम हो सका।[i] हालांकि, इस्लाम ने अल सऊद राजाओं को वैधता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्हें ‘दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक’[ii] के रूप में भी जाना जाता है, वहीं तेल के मिलने से उन्हें ऐसी आर्थिक शक्ति प्रदान की, जिसकी विश्व में बहुत कम समानताएँ हैं। यह सऊदी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बना रहा और वर्ष 2015 में विज़न 2030 के आरंभ होने तक इसके सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी से आता था।[iii]
संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सऊदी अरब के घनिष्ठ संबंधों का कारण काफी हद तक उसके तेल संसाधन हैं, जिसके कारण वर्ष 1945 में यूएसएस क्विन्सी जहाज़ पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट और अल सऊद वंश के प्रमुख किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुल रहमान अल सऊद के बीच ऐतिहासिक ‘तेल के बदले सुरक्षा समझौता’[iv] संपन्न हो सका। अपने समृद्ध हाइड्रोकार्बन आधार के कारण सऊदी अरब पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन का वास्तविक नेता बनकर उभरा। एक स्विंग उत्पादक होने के नाते, उसके पास वैश्विक तेल बाज़ार को नियंत्रित करने की शक्ति थी, विशेष रूप से ऐसे समय में जब वैश्विक तेल आपूर्ति संकट में होती थी, जैसे 1973 का तेल संकट, 1980 के दशक की तेल अधिकता और 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट, सहित अन्य अवसरों पर।
हालांकि, अपनी शक्ति तेल संसाधनों से प्राप्त करने के बावजूद, हाइड्रोकार्बन एक अस्थिर संसाधन हैं, और उन पर अत्यधिक निर्भरता लंबे समय में किसी देश के लिए हानिकारक हो सकती है। जबकि तेल पर निर्भरता कम करने की वैश्विक प्रवृत्ति 1973 के तेल संकट[v] के बाद आकार लेने लगी थी, इसे वर्ष 2015 में पेरिस समझौते के बाद उल्लेखनीय गति मिली। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका में शेल तेल क्रांति ने उसे सऊदी अरब जैसे देशों से तेल आयात पर कम निर्भर बना दिया, और वर्ष 2003 के बाद से आयात में 85 प्रतिशत की गिरावट आई।[vi] इन कारकों ने सऊदी अरब को एक सुदृढ़ विविधीकरण नीति अपनाने हेतु प्रेरित किया, जिसके अंतर्गत उसने तेल संसाधनों पर अपनी निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा। इसका परिणाम विज़न 2030 नामक महत्वाकांक्षी योजना के रूप में सामने आया।
विविधीकरण केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, विशेष रूप से सऊदी अरब के मामले में, जहां तेल उसकी आर्थिक रीढ़ होने के साथ-साथ अल सऊद शासकों को वैधता भी प्रदान करता था और सामाजिक जुड़ाव का आधार था, जिसके तहत शासकों और सऊदी जनता के बीच देश ने लोगों की शासन के प्रति निष्ठा के बदले सार्वजनिक कल्याण तंत्र की एक सशक्त प्रणाली उपलब्ध कराई। जब इस आर्थिक रीढ़ का स्थानांतरण हो रहा है, तो इससे सामाजिक जुड़ाव का पुनर्गठन भी हो रहा है और यह देश के सामाजिक दृष्टिकोण में स्पष्ट परिवर्तन के रूप में सामने आया है। इसका सबसे स्पष्ट क्षेत्र जहां यह परिवर्तन दिखाई देता है, वह साम्राज्य में महिलाओं की स्थिति है, जिसमें विज़न 2030 की घोषणा के बाद के काल में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। यह शोधपत्र सऊदी अरब में विविधीकरण प्रक्रिया के लैंगिक पहलू का विश्लेषण करने का प्रयास करता है और यह समझने का प्रयास करता है कि विज़न 2030 के अंतर्गत किए गए आर्थिक सुधारों ने किस प्रकार साम्राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के संदर्भ में सकारात्मक परिवर्तन को जन्म दिया है।
विज़न 2030 क्या है, और इसके घटक क्या हैं?
तेल एक अस्थिर संसाधन होने के कारण, अपनी महत्वपूर्ण आय के बावजूद, सऊदी अरब को अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने हेतु प्रेरित किया। अर्थव्यवस्था के विविधीकरण के प्रयास 1970 के दशक से जारी थे, फिर भी कोई उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को नहीं मिला।[vii] इसके अलावा, जब तेल की कीमतें वर्ष 2013 में 115 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर वर्ष 2015 में 40 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, तो सार्वजनिक वित्त पर गहरा प्रभाव पड़ा। इससे सऊदी अरब के लिए गंभीर आर्थिक सुधारों के बारे में मूलभूत रूप से सोचने की ज़रुरत उत्पन्न हुई। इसी से विज़न 2030 नामक महत्वाकांक्षी योजना का जन्म हुआ, जिसके अंतर्गत सऊदी अरब ने वर्ष 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने, हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता कम करने और सतत विकास की दिशा में कार्य करने का लक्ष्य रखा।
हालांकि इसे आधिकारिक रूप से अप्रैल 2016 में प्रस्तुत किया गया, लेकिन सऊदी विज़न 2030 वर्ष 2015 से ही लागू था, जब किंग सलमान के सिंहासन संभालने के तुरंत बाद उन्होंने प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को उप युवराज नियुक्त किया।[viii] विज़न के तीन व्यापक विषय हैं: एक जीवंत समाज, एक समृद्ध अर्थव्यवस्था, और एक महत्वाकांक्षी राष्ट्र।[ix] हालांकि, विज़न 2030 दस्तावेज़ विविधीकरण के उद्देश्यों का व्यापक अवलोकन पेश करता है, वहीं राष्ट्रीय रूपांतरण कार्यक्रम और राजकोषीय संतुलन कार्यक्रम उद्देश्यों को अधिक विस्तार से निर्धारित करते हैं।[x]
एक जीवंत समाज के विषय के अंतर्गत कई लक्ष्य आते हैं, जिनमें औसत जीवन प्रत्याशा बढ़ाना, सामाजिक पूंजी सूचकांक रैंकिंग में दसवां स्थान हासिल करना, स्थानीय संस्कृति और मनोरंजन पर घरेलू खर्च को 6 प्रतिशत तक बढ़ाना और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन की विश्व धरोहर सूची में सऊदी अरब की उपस्थिति को दोगुना करना शामिल है।[xi] एक समृद्ध अर्थव्यवस्था के विषय के अंतर्गत लक्ष्यों में गैर-तेल निर्यात बढ़ाना, निजी क्षेत्र के योगदान को 65 प्रतिशत तक बढ़ाना, सकल घरेलू उत्पाद में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के योगदान को 5.7 प्रतिशत तक बढ़ाना, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में शीर्ष 10 देशों की सूची में प्रवेश करना, सार्वजनिक निवेश कोष की परिसंपत्तियों को 159 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 1.86 ट्रिलियन डॉलर करना, तेल व गैस क्षेत्र के स्थानीयकरण को 75 प्रतिशत तक बढ़ाना, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को 30 प्रतिशत तक पहुंचाना, और बेरोज़गारी स्तर को 7 प्रतिशत तक कम करना शामिल है।[xii] ‘एक महत्वाकांक्षी राष्ट्र’ के विषय के अंतर्गत लक्ष्यों में गैर-लाभकारी क्षेत्र को सकल घरेलू उत्पाद के 5 प्रतिशत तक बढ़ाना, घरेलू बचत को कुल आय के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना और सरकारी प्रभावशीलता सूचकांक में 20वां स्थान हासिल करना शामिल है।[xiii]

इसके अलावा, अब तक हुई प्रगति पर नज़र रखने और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम्स (वीआरपी) विस्तृत पहलों को रेखांकित करते हैं ताकि विज़न 2030 को लागू किया जा सके। इस तरह, कुल 11 विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम्स हैं, जिनमें राजकोषीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम, आवास कार्यक्रम, राष्ट्रीय रूपांतरण कार्यक्रम, सार्वजनिक निवेश कोष कार्यक्रम, राजकोषीय स्थिरता कार्यक्रम, मानव क्षमता विकास कार्यक्रम, तीर्थयात्री अनुभव कार्यक्रम, स्वास्थ्य क्षेत्र रूपांतरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स कार्यक्रम, निजीकरण कार्यक्रम, और जीवन गुणवत्ता कार्यक्रम शामिल हैं।[xiv]
तीन विषय और 11 विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम्स यह दर्शाते हैं कि विज़न 2030 के उद्देश्यों को हासिल करने हेतु सऊदी अरब को दशकों पुराने प्रणालीगत कार्यप्रणाली में पूर्ण और व्यापक परिवर्तन की ज़रुरत है। महिलाओं की इसमें एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके माध्यम से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। महिलाएँ एक विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम में स्पष्ट रूप से शामिल हैं: राष्ट्रीय रूपांतरण कार्यक्रम, जिसमें श्रम बाज़ार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य है। हालांकि, समग्र विज़न की प्राप्ति में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका निहित रूप से मौजूद है, और राज्य ने महिलाओं को सऊदी अर्थव्यवस्था तथा समाज में अधिक सक्रिय बनाने हेतु कई उपाय किए हैं।
लैंगिकता और विज़न 2030
महिलाओं का सशक्तिकरण सऊदी विज़न 2030 के केंद्र में रहा है। देश में हुए सबसे नाटकीय परिवर्तनों में से एक, अन्य परिवर्तनों के साथ-साथ, लैंगिक क्षेत्र में देखने को मिला है। सऊदी अरब एक पारंपरिक समाज रहा है, जिसकी जड़ें जनजातीय संस्कृति में हैं, जहां महिलाओं को मुख्यतः घरेलू दायरे तक सीमित माना जाता था। हालांकि, परिस्थितियाँ तेज़ी से बदल रही हैं। यहां यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि सऊदी अरब में महिलाओं के संदर्भ में परिवर्तन की हवाएँ विज़न 2030 द्वारा आधिकारिक रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने से पहले ही चलने लगी थीं।
जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, विज़न दस्तावेज़ स्वयं विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम में राष्ट्रीय रूपांतरण कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं का एक बार स्पष्ट रूप से उल्लेख करता है, जिसमें श्रम बाज़ार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना रणनीतिक उद्देश्यों में से एक बताया गया है। हालांकि यह एक व्यापक लक्ष्य है और इसे साकार करने हेतु कई छोटे-स्तर की नीतियों और प्रयासों की आवश्यकता होती है, फिर भी विज़न 2030 के समग्र उद्देश्य को प्राप्त करने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण और निर्णायक है। इसी कारण देश ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी सऊदी महिलाओं की भागीदारी और दृश्यता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
राजनीतिक क्षेत्र
महिलाएँ धीरे-धीरे राजनीतिक क्षेत्र में भी अधिक दिखाई देने लगी हैं और उन्हें उन पदों पर नियुक्त किया जा रहा है, जिन पर पहले पुरुषों का वर्चस्व था। प्रिंसेस रीमा बिंत बंदर वर्ष 2019 में संयुक्त राज्य अमेरिका में सऊदी अरब की राजदूत नियुक्त होने वाली पहली सऊदी महिला बनीं।[xv] इसके बाद वर्ष 2020 में अमल अल-मौअल्लिमी को नॉर्वे में राजदूत नियुक्त किया गया।[xvi] वर्ष 2013 से शूरा परिषद की 150 में से 30 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। सितंबर 2024 में परिषद के लिए 19 नई महिला प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया।[xvii] शूरा परिषद के अलावा, महिलाएँ अब देश में प्रमुख मंत्रिस्तरीय पदों पर भी कार्यरत हैं। अल-शेहाना बिंत सालेह अल-अज़्ज़ाज़ मंत्रिपरिषद की पहली महिला उप महासचिव बनीं।[xviii] वर्ष 2024 में उन्हें शाही दरबार की सलाहकार नियुक्त किया गया।[xix] प्रिंसेस हैफ़ा मोहम्मद अल सऊद को वर्ष 2022 में पर्यटन की उप मंत्री नियुक्त किया गया।[xx] ये पद भले ही सबसे शक्तिशाली न हों, लेकिन ये महिलाओं को कूटनीतिक और राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी का अवसर देते हैं, जिससे वे उन तरीकों से शामिल हो पा रही हैं जो पहले संभव नहीं थे। वर्ष 2018 से महिलाएँ सेना[xxi] में भी शामिल होने लगी हैं, जो महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैन्य क्षेत्र न केवल सऊदी अरब में बल्कि पूरी दुनिया में सबसे अधिक पुरुष प्रधान क्षेत्र रहा है।
आर्थिक क्षेत्र
विज़न 2030 की शुरुआत के बाद से आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कुल सऊदी महिला कार्यबल की हिस्सेदारी 34.5 प्रतिशत[xxii] रही, जबकि वर्ष 2016 में यह 23.2 प्रतिशत[xxiii] थी, और वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में यह और भी अधिक रही, जब महिला कार्यबल की हिस्सेदारी लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच गई।[xxiv] वर्ष 2016 में प्रारंभिक रूप से निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2030 तक 30 प्रतिशत महिला कार्यबल का था।[xxv] हालांकि, निर्धारित लक्ष्य से काफी पहले ही इस संख्या को पार कर लेने के कारण, इसे संशोधित कर वर्ष 2030 तक 40 प्रतिशत महिला कार्यबल का लक्ष्य रखा गया।[xxvi] कार्यबल में अधिकांश महिलाएँ निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्ष 2024 तक निजी क्षेत्र में 9,96,929 महिलाएँ कार्यरत थीं, जबकि सरकारी क्षेत्र में यह संख्या 5,06,028 थी।[xxvii] वर्ष 2024 में सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की संख्या सबसे कम रही, जहां 1,57,603 महिलाएँ कार्यरत थीं।[xxviii] आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर प्रगति हुई है, जहां वर्ष 2010 से 2020 के बीच रोजगार वृद्धि लगभग 10 प्रतिशत वार्षिक रही।[xxix] इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 45 प्रतिशत हो गई।[xxx] सऊदी महिलाएँ उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं, और वर्ष 2024 में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वे देश के लघु और मध्यम उद्यमों के 45 प्रतिशत की हिस्सेदार थीं।[xxxi]
वर्ष 2023 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत सऊदी महिलाओं का औसत वेतन 12,872 एसआर था, जबकि पुरुषों की औसत आय 14,053 एसआर रही।[xxxii] दूसरी ओर, निजी क्षेत्र में महिलाओं की औसत आय 5,373 एसआर थी, जबकि उनके पुरुष समकक्षों की आय 8,953 एसआर थी।[xxxiii] इससे यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में वेतन समानता के संदर्भ में एक बड़ा अंतर मौजूद है। इसके बावजूद, ये आंकड़े वर्ष 2018 की तुलना में सकारात्मक परिवर्तन की ओर संकेत करते हैं, जब सऊदी अरब वैश्विक लैंगिक वेतन अंतर में 107वें स्थान पर था और निजी क्षेत्र में महिलाएँ अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में 56 प्रतिशत कम कमाती थीं।[xxxiv] वर्ष 2018 से 2023 के बीच हुई प्रगति वर्ष 2030 तक बेहतर लैंगिक वेतन समानता की आशा जगाती है।

2017 से महिला श्रम बल भागीदारी का ग्राफ़। स्रोत: https://www.theglobaleconomy.com/Saudi-Arabia/Female_labor_force_participation/

1990 से सऊदी अरब में महिला श्रम बल भागीदारी। स्रोत: https://www.theglobaleconomy.com/Saudi-Arabia/Female_labor_force_participation/
सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र
विगत एक दशक में सऊदी महिलाओं ने सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। जबकि कला व शिल्प देश की पुरानी विरासत रहे हैं, विज़न 2030 की घोषणा के बाद और विशेष रूप से वर्ष 2018 में संस्कृति मंत्रालय की स्थापना के बाद इस क्षेत्र को नया जीवन मिला है। इसके पश्चात सरकार ने 11 सांस्कृतिक आयोगों के साथ राष्ट्रीय सांस्कृतिक रणनीति की शुरुआत की, जो कला, फ़िल्म, पाक कला, फैशन, संग्रहालय आदि जैसे उप-क्षेत्रों की देखरेख करते हैं।[xxxv] इन प्रयासों के परिणामस्वरूप सांस्कृतिक क्षेत्र का विस्तार हुआ है और यह सऊदी सकल घरेलू उत्पाद में 60 बिलियन एसआर का योगदान देने लगा है।[xxxvi] जैसे-जैसे इस क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है, सऊदी महिला कलाकार, उदाहरण के लिए मनाल अल दोवायन, अब जलवायु से लेकर समाज तक के विषयों के अपने कलात्मक चित्रण हेतु विश्वभर में पहचानी और सम्मानित की जा रही हैं।[xxxvii] दूसरी ओर, फ़िल्म उद्योग में भी महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई है, जहां हाइफ़ा अल मंसूर जैसी महिला निर्देशकों की फ़िल्म वज्दा को अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।[xxxviii]
खेल एक और ऐसा क्षेत्र है जहां सऊदी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। जुलाई 2020 में खेल मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन तुर्की अल फ़ैसल ने घोषणा की कि महद स्पोर्ट्स अकादमी नामक एक नई खेल अकादमी शुरू की जाएगी, जो 6-14 वर्ष के आयु वर्ग के लड़के और लड़कियों दोनों को 20 विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण देगी।[xxxix] इस खेल अकादमी को दुनिया की सबसे बड़ी खेल सुविधा के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है।[xl] वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 883 सऊदी महिला खिलाड़ियों ने तैराकी में पदक या पुरस्कार जीते हैं, जबकि ताइक्वांडो में यह संख्या 661 महिलाओं की रही।[xli] सऊदी अरब में महिलाओं के लिए यह प्रगति अभूतपूर्व है, जो सुधारों के कारण संभव हो सकी है।

स्थानीय या अंतर्राष्ट्रीय खेल चैंपियनशिप में सऊदी महिलाओं द्वारा जीते गए मेडलों या पुरस्कारों की संख्या। स्रोत: सऊदी महिला सांख्यिकी रिपोर्ट, 2024
शिक्षा क्षेत्र
विज़न 2030 की घोषणा से पहले ही शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की पर्याप्त हिस्सेदारी थी, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र की शिक्षा में, क्योंकि यह उन कुछ क्षेत्रों में से एक था जहां महिलाओं का कार्य करना सामाजिक रूप से स्वीकार्य था।[xlii] अब, जब सऊदी अरब कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, तो शिक्षा को नया महत्व मिला है। देश महिलाओं की शिक्षा में अंतर को पाटने हेतु काफी कदम उठा रहा है। अतीत में महिलाएँ मुख्य रूप से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा तक सीमित थीं। लेकिन वर्ष 2019 में उच्च शिक्षा में महिलाओं की संख्या बढ़कर 70.9 प्रतिशत हो गई, जबकि वर्ष 2000 में यह मात्र 25.2 प्रतिशत थी।[xliii]
सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित के क्षेत्रों के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में भी महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, जिन्हें पहले महिलाओं के लिए द्वितीय श्रेणी की शैक्षिक गतिविधियाँ माना जाता था।[xliv] वर्ष 2016 में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी के संदर्भ में सऊदी अरब सबसे निचले स्थान पर रहने वाले देशों में शामिल था।[xlv] हालांकि, पिछले एक दशक में देश के 29 महाविद्यालयों में 17,959 महिलाओं ने तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकन कराया।[xlvi] वर्ष 2022 तक साम्राज्य में अब लड़कियों के लिए 14 अंतरराष्ट्रीय तकनीकी महाविद्यालय, 37 महिला तकनीकी महाविद्यालय और तीन डिजिटल तकनीकी महाविद्यालय हैं, जो 21,000 से अधिक छात्राओं को डिग्री प्रदान कर रहे हैं।[xlvii]
जैसा कि विज़न दस्तावेज़ का मुख्य उद्देश्य सऊदी अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना है, इसलिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन जाता है। अतः इस क्षेत्र में अध्ययन करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ाना, जो दस वर्ष पहले मुख्य रूप से पुरुष प्रधान था, सऊदी अरब के लिए केवल लैंगिक समानता का विषय नहीं है, बल्कि यह आर्थिक ज़रुरत का भी प्रश्न है। वर्ष 2025 तक सऊदी अरब के विश्वविद्यालयों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित के छात्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक हो गई।[xlviii] कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वर्ष 2020 से 2025 के बीच 60 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।[xlix]
विश्लेषण
विज़न 2030 के अस्तित्व में आने के बाद से विगत एक दशक में सऊदी अरब में कई परिवर्तनकारी बदलाव देखे गए हैं। तेल पर अपनी निर्भरता कम करने के साथ-साथ सऊदी अरब ने अपनी महिला आबादी को भी सशक्त बनाया है। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में तेज़ी से वृद्धि हुई है, और वे पहले की तुलना में बेहतर शिक्षित हुई हैं। इसके अलावा, कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने और महिलाओं को बिना पुरुष संरक्षक के वाहन चलाने और यात्रा करने की अनुमति देने जैसी देश की नीतियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण को और बढ़ावा दिया है। यह इस बात से स्पष्ट है कि महिलाएँ कला, सिनेमा व अन्य सांस्कृतिक क्षेत्रों में किस तरह अपनी जगह बना रही हैं। महिलाओं उद्यमियों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो उन्हें अपने स्वयं के व्यवसायिक उपक्रम शुरू करने का अवसर प्रदान करते हैं। आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती संख्या सऊदी अरब को वैश्विक स्तर पर दो स्तरों पर पुनः स्थापित करने में मदद कर रही है: पहला, उसके पास दुनिया को देने हेतु केवल तेल ही नहीं है, और दूसरा, वह धीरे-धीरे एक अधिक खुला, सहिष्णु और आधुनिक समाज बनता जा रहा है।
देश ने विज़न 2030 के अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु विधायी उपाय भी किए हैं। इनमें से एक वर्ष 2018 की वह घोषणा है, जिसके तहत महिलाओं को स्वतंत्र रूप से वाहन चलाने की अनुमति दी गई। वुसूल कार्यक्रम देश की एक और पहल का उदाहरण है, जिसके अंतर्गत सऊदी महिला कामगारों को परिवहन सुविधाओं पर किराए में 80 प्रतिशत की छूट मिलती है।[l] दूसरी ओर, क़ुर्रह कार्यक्रम कार्यरत माताओं को उनके बच्चों के लिए मान्यता प्राप्त नर्सरी और डे-केयर केंद्र उपलब्ध कराता है।[li] ये सभी कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने में सहायक हैं।
हालांकि, ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां सऊदी अरब सुधार कर सकता है। कार्यबल में शामिल अधिकांश महिलाएँ अभी भी निजी क्षेत्र में ही जा रही हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र महिलाओं की नियुक्ति को लेकर अब भी कुछ हद तक संकोच कर रहा है। हालांकि, कार्यस्थल पर उत्पीड़न विरोधी और भेदभाव निषेध से संबंधित देश का कानून स्वागत योग्य कदम हैं, फिर भी सार्वजनिक क्षेत्र को अधिक महिला कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु अधिक समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। हालांकि लैंगिक वेतन अंतर में तुलनात्मक रूप से कमी आई है, फिर भी यह अभी भी काफी अधिक है। दूसरी ओर, जबकि क़ुर्रह कार्यक्रम बाल देखभाल की सुविधा प्रदान करता है, देश को मातृत्व लाभों के लिए एक केंद्रीकृत प्रणाली अपनाने की आवश्यकता है।[lii] महिलाओं ने खुदरा, आतिथ्य, शिक्षण, स्वास्थ्य सेवा, सिविल सेवा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रगति की है।[liii] लेकिन साथ ही, वर्ष 2020 से कार्यबल में महिलाओं का प्रतिशत लगभग 33-36 प्रतिशत के आसपास ही बना हुआ है, जो एक स्थिर होती प्रवृत्ति का संकेत देता है। इसके अलावा, शीर्ष नेतृत्व पदों पर महिलाओं का होना अब भी मुश्किल है। शिक्षा क्षेत्र में भी, विगत एक दशक में उच्च शिक्षा में महिलाओं की संख्या में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं देखी गई है। सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी कुछ हद तक सीमित बना हुआ है।
वैश्विक लैंगिक अंतर रिपोर्ट 2025 में सऊदी अरब को 132वां स्थान दिया गया है।[liv] हालांकि यह कुछ हद तक सुधार को दर्शाता है, लेकिन यह भी स्पष्ट करता है कि लैंगिक समानता हासिल करने से पहले देश को अभी लंबा रास्ता तय करना है।
निष्कर्ष
सऊदी विज़न 2030 के एक दशक के भीतर देश ने अपनी सबसे परिवर्तनकारी यात्राओं में से एक यात्रा की शुरुआत की है। इसकी शुरुआत सऊदी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने, नए उद्योगों के सृजन और हाइड्रोकार्बन पर आधारित अपनी आर्थिक नींव को प्रतिस्थापित करने हेतु देश को तैयार करने की आवश्यकता से हुई। हालांकि ये उद्देश्य अब भी केंद्र में बने हुए हैं, लेकिन विज़न के ढांचे ने देश की सामाजिक गतिशीलता को भी बदल दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अर्थव्यवस्था कोई अलग-थलग इकाई नहीं है, और आर्थिक आधार को बदलने का कोई भी प्रयास अनिवार्य रूप से समाज के कार्य करने के तरीकों को भी बदल देता है। इसके अलावा, जिस स्तर का आर्थिक विविधीकरण सऊदी अरब करना चाहता है, वह महिलाओं को शामिल किए बिना संभव नहीं है। इस तरह, कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, सांस्कृतिक क्षेत्र में उनकी बढ़ती उपस्थिति, और उनके शैक्षिक प्रोफ़ाइल का सुदृढ़ होना आर्थिक विविधीकरण योजना के केवल गौण परिणाम नहीं हैं, बल्कि वे इसके केंद्रीय स्तंभ बन चुके हैं।
हालांकि आंकड़े उत्साहजनक हैं, फिर भी कुछ क्षेत्रों में सुधार की ज़रुरत बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र को महिलाओं की भर्ती हेतु और कदम उठाने की आवश्यकता है, मातृत्व लाभों से संबंधित कानूनों को सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए, और लैंगिक समानता हासिल करने हेतु और अधिक प्रयासों की जरूरत है। साथ ही, संबंधित देश के ऐतिहासिक संदर्भ को समझना भी आवश्यक है। जिस तरह सऊदी समाज और देश का संचालन होता रहा है, उसे देखते हुए सदियों पुरानी परंपराओं में तुरंत बदलाव की अपेक्षा नहीं की जा सकती। हालांकि, विज़न 2030 ने परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है, फिर भी सऊदी अरब में लैंगिक समानता हासिल करने हेतु धैर्य और समय की आवश्यकता होगी, इसके बावजूद एक अभूतपूर्व परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है।
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*स्तुति गोगोई, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण:
[i] Riedel, Bruce. 2017. “Saudi Arabia Shifts Policy from Risk Averse to Downright Dangerous” Yale Global Online, November 28. Accessed December 11, 2025.
[ii] Sayeed, Ausaf. 2025. “History of the Title of the Custodian of the Two Holy Mosques”, West Asia Review, March 23. Accessed December 11, 2025. https://westasiareview.com/history-of-the-title-custodian-of-the-two-holy-mosques/
[iii] Nouri, Majde. 2025. “Saudi Arabia Economic Diversification: Saudi Economy Attracts the World’s Attention” CFI, May 14. Accessed November 15, 2025. https://cfi.trade/en/uk/blog/mena/saudi-arabia-economic-diversification-the-saudi-economy-attracts-the-worlds-attention
[iv] Spaldin, Jenny. 2023. “The Deal that Keeps the Oil Flowing”, Epicentre, June 1. Accessed 11 December 2025. https://epicenter.wcfia.harvard.edu/blog/deal-keeps-oil-flowing
[v] Ross, Michael L. 2013. “How the 1973 Oil Embargo Saved the Planet: OPEC gave the Rest of the World a Headstart Against Climate Change”, Foreign Affairs, October 15. Accessed December 11, 2025. https://www.foreignaffairs.com/articles/north-america/2013-10-15/how-1973-oil-embargo-saved-planet
[vi] Blas, Javier. 2024. “US reliance on Saudi Oil is Nearing its Endgame.” Money Control, January 14. Accessed December 2, 2025. https://www.moneycontrol.com/news/opinion/us-reliance-on-saudi-oil-is-nearing-its-endgame-12910027.html
[vii]Ghafar, Abdel Abdel. 2018. “A New Kingdom of Saud?” The Cairo Review of Global Affairs. Accessed November 19, 2025 https://www.thecairoreview.com/essays/a-new-kingdom-of-saud/
[viii] Grand, Stephen & Wolff, Katherine. 2020. “The Origins of Vision 2030” Atlantic Council. Accessed 19 November 2025. https://www.jstor.org/stable/pdf/resrep29468.6.pdf?refreqid=fastly-default%3A53371c47f9449cfb03a7f46133db4073&ab_segments=&initiator=&acceptTC=1
[ix]Kingdom of Saudi Arabia. “Vision 2030: A Vibrant Society” Accessed November 19,2025. https://www.vision2030.gov.sa/en/overview/pillars/a-vibrant-society
[x]op. Cit. 2
[xi]Schulte, Alex. 2025. “Saudi Vision 2030: Saudi Arabia’s Transformation Programme Explained”. June 11. Accessed November 20, 2025. https://www.centuroglobal.com/article/saudi-arabia-vision-2030/
[xii]Ibid.
[xiii] Ibid.
[xiv]Kingdom of Saudi Arabia. “Vision Realisation Programs". Accessed 20 November 2025. https://www.vision2030.gov.sa/en/explore/programs
[xv] Parveen, Musrrat. 2023. “Reflection of Saudi Women’s Participation and Leadership: A Study on Gender Differences in Leadership and Structural Barriers”. Accessed December 2, 2025.
[xvi] Ibid.
[xvii] Al Amir, Khitam. 2024. “19 More Women Join Saudi Shura Council, Female Representation Reaches 20%”. Gulf News, 3 September. Accessed December 2, 2025. https://gulfnews.com/world/gulf/saudi/19-more-women-join-saudi-shura-council-female-representation-reaches-20-1.1725357429952
[xviii] “Female Leadership in Saudi Arabia’s Government” Accessed December 2, 2025. https://www.allocationassist.com/female-leadership-in-saudi-arabias-government/
[xix] “Saudi Arabia Issues Royal Decrees”. Arab News, May 15, 2024. Accessed December 2, 2025. https://www.arabnews.com/node/2510741/saudi-arabia#:~:text=Khalid%20bin%20Mohammed%20bin%20Abdulaziz,Saudi%20Authority%20for%20Intellectual%20Property.
[xx] Ibid.
[xxi] Alfayez, Talal Khalid., & Almohamadi, Sara Fouad. 2018. “Women soldiers – Another milestone for Saudi Arabia”. 6 March. Accessed December 2, 2025. https://www.iiss.org/online-analysis/online-analysis/2018/03/saudi-arabia-women-soldiers/
[xxii]General Authority of Statistics. 2025. “Labour Market Statistics Q2 OF 2025” September 30. Accessed 21 November 2025 https://www.stats.gov.sa/en/w/news/93
[xxiii]Polok, Beata., Akeel, Maha. 2024. “Vision 2030 has done wonders for women. But there is still room to enhance their economic roles in Saudi Arabia”. October 16. Accessed November 21, 2025. https://www.atlanticcouncil.org/blogs/menasource/vision-2030-women-economy-saudi-arabia/
[xxiv]General Authority for Statistics. 2024. “Labour Force Participation Rate of Saudi Females Reaches 36.2%”. December 31. Accessed November 21, 2025. https://www.stats.gov.sa/en/w/news/6
[xxv]Op. Cit. 11
[xxvi]Proctor, Rebecca Anne. 2023. “Saudi Females are Driving SME Boom”. Arab News, July 10. Accessed November 21, 2025. https://www.arabnews.com/node/2334436/business-economy
[xxvii] General Authority of Statistics. 2024. “Saudi Women’s Statistics Report 2024”. Accessed 22 November 2025 https://www.stats.gov.sa/documents/20117/2435273/Saudi+Women+Statistics+2024_EN+%281%29.pdf/9aa5a79c-cea5-9239-bd9f-ece710b6c33d?t=1755765504279
[xxviii]Ibid
[xxix]El-Komy, Farah. 2024. “Vision 2030: Empowered Women, Transformed Kingdom”. Al Habtoor Research Centre, December 17. Accessed November 25, 2025 https://www.habtoorresearch.com/programmes/vision-2030-empowered-women-transformed-kingdom/
[xxx] Ibid
[xxxi] El-Shaeri, Nour. 2024. “Saudi Arabia: A Beacon for Female Entrepreneurship according to Industry Leaders”. Arab News, April 12. Accessed November 28, 2025. https://www.arabnews.com/node/2491916/business-economy
[xxxii] Global Business Outlook. 2023. “Gender Pay Gap Narrows in Saudi Arabia”. December 22. Accessed November 23, 2025. https://globalbusinessoutlook.com/finance/gender-pay-gap-narrows-saudi/
[xxxiii] 2023. “Average Monthly Salary of Male and Female Saudis Accounts for $2,632 and $1,674” Saudi Gazette, December 18. Accessed November 23, 2025. https://www.zawya.com/en/economy/gcc/average-monthly-salary-of-male-and-female-saudis-accounts-for-2-632-and-1-674-p5y92bbk
[xxxiv]2018. “Saudi Women Paid Up to 56% less”, Arabian News, January 18. Accessed November 23, 2025. https://www.arabianbusiness.com/politics-economics/387618-saudi-women-paid-up-to-56-less
[xxxv] Kingdom of Saudi Arabia. 2019. “Our Cultural Vision for the Kingdom of Saudi Arabia” Ministry of Culture. Accessed November 24, 2025.
[xxxvi] Al Saud, Badr bin Abdullah bin Farhan. 2025. “Cultural Investment: A Mine of Promising Opportunities sin Saudi Arabia” Asharq al Awsat, November 13. Accessed November 24, 2025. https://aawsat.com/%D8%A7%D9%84%D8%B1%D8%A3%D9%8A/5208249-%D8%A7%D9%84%D8%A7%D8%B3%D8%AA%D8%AB%D9%85%D8%A7%D8%B1-%D8%A7%D9%84%D8%AB%D9%82%D8%A7%D9%81%D9%8A-%D9%85%D9%86%D8%AC%D9%85-%D8%A7%D9%84%D9%81%D8%B1%D8%B5-%D8%A7%D9%84%D9%88%D8%A7%D8%B9%D8%AF%D8%A9-%D9%81%D9%8A-%D8%A7%D9%84%D8%B3%D8%B9%D9%88%D8%AF%D9%8A%D8%A9
[xxxvii]“Female Artists Lead Creative Awakening” Visit Saudi. Accessed November 24, 2025 https://www.visitsaudi.com/en/stories/female-artists-lead-creative-awakening
[xxxviii] Flynn, Patrice. 2015. “Metaphors of Resistance: What the Film Wadjda Says About Present Day Saudi Arabia as seen from the perspective of a female guest worker”. International Research Journal of Arts an Social Sciences. Accessed November 24, 2025. https://www.interesjournals.org/articles/metaphors-of-resistance-what-the-film-wadjda-saysabout-presentday-saudi-arabia-as-seen-from-theperspective-of-a-female-g.pdf
[xxxix]“Female Athletes Change the Game in Saudi Arabia” Visit Saudi. Accessed November 24, 2025. https://www.visitsaudi.com/en/stories/female-athletes-change-the-game-in-saudi
[xl] Ibid
[xli] Op. Cit. 15
[xlii]Almutarie, Aljawhara O. 2025. “Joining the Workforce, Saudi Women and Vision 2030”. In Gender Economics and Gender Pay Gap - Trends and Explanations edited by Feyza Bhatti. InTechOpen. Accessed November 24, 2025 https://www.intechopen.com/chapters/1196624
[xliii]Op Cit 17.
[xliv]El-Kogali, Safaa el Tayab; Pankratova, Ekaterina; AlRayess, Dana & Loots, Sonja. 2025. “Saudi Arabia’s Transformative Journey in Empowering Women in Technical and Vocational Training” World Bank, 22 September. Accessed November 27, 2025 https://blogs.worldbank.org/en/arabvoices/saudi-arabia-s-transformative-journey-in-empowering-women-in-technical-and-vocational-training
[xlv] Ibid.
[xlvi] Ibid.
[xlvii] Ibid.
[xlviii]Set up in SA. 2025. “Women in STEM: Saudi Arabia’s Push to Empower Female Tech Leaders”. August 24. Accessed November 27, 2025. https://setupinsa.com/women-in-stem-saudi-arabias-push-to-empower-female-tech-leaders/
[xlix] Ibid
[l]Polok, Beata & Saci, Karima. 2025. “Promoting Sustainable Women’s Empowerment in Saudi Arabia in Accessing the Job Market: Legal, Financial Transformation”. In Proceedings of the 1st International Conference on Creativity, Technology and Sustainability. Springer Nature. Accessed December 1, 2025. https://link.springer.com/chapter/10.1007/978-981-97-8588-9_31
[li] Ibid.
[lii] Op. CIt. 11
[liii] Adamczyk, Alicia. 2025. “Saudi Arabia has doubled the share of women in the workforce since 2015 – but obstacles remain.” Fortune, 23 May. Accessed December 2, 2025. https://fortune.com/2025/05/23/saudi-arabia-women-workforce-progress-and-obstacles/
[liv]World Economic Forum. 2025. “The Global Gender Gap Index 2025”. Accessed December 1, 2025.