सारांश: मेक्सिको और अमेरिका के संबंधों पर दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि शीनबाम सरकार सुरक्षा, प्रवासन और व्यापार जैसे मुद्दों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव का सामना कर रही है। यह दबाव टैरिफ और सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों के रूप में भी दिखाई दे रहा है।
प्रस्तावना
मेक्सिको और अमेरिका के संबंध इस समय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम की सरकार सुरक्षा, प्रवासन और व्यापार जैसे मुद्दों पर डोनाल्ड ट्रंप के दबाव से जूझ रही है। यह दबाव टैरिफ और सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों के रूप में दिखाई दे रहा है। यह स्थिति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति के ऐसे बड़े पैटर्न को दिखाती है, जिसमें दबाव और व्यक्तिगत शैली की कूटनीति अपनाई जा रही है। इसमें टैरिफ और सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों का उपयोग सहयोगी और विरोधी दोनों से अपनी शर्तें मनवाने हेतु किया जाता है, ताकि अमेरिका अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को हासिल कर सके। शीनबाम के सामने मुख्य चुनौती यह है कि वे मेक्सिको की संप्रभुता को बनाए रखते हुए अपने शक्तिशाली पड़ोसी की मांगों को भी संभालें।
यह शोध-पत्र अमेरिका के दबाव के तीन मुख्य क्षेत्रों: सुरक्षा रणनीति, अवैध प्रवासन का प्रबंधन, और मेक्सिको में चीन के आर्थिक प्रभाव को सीमित करने के प्रयास पर आधारित है, जो मेक्सिको की नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं। इसमें यह भी समझाया गया है कि अमेरिका क्या मांग कर रहा है और मेक्सिको इन दबावों को कैसे संभाल रहा है। यह विश्लेषण खास तौर पर दो महत्वपूर्ण घटनाओं के संदर्भ में किया गया है - आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026, जिससे सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, और यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) की चल रही समीक्षा, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक तालमेल को महत्वपूर्ण बनाती है।
क. सुरक्षा रणनीति और सहयोग - “हग्स, नॉट बुलेट्स” रणनीति (अब्राज़ोस, नो बालाज़ोस) से दूर जाना
सुरक्षा सहयोग लंबे समय से मेक्सिको-अमेरिका संबंधों का एक विवादित पहलू रहा है। तनाव का एक बड़ा कारण मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स का बढ़ता प्रभाव है, जो अवैध नशीले पदार्थों, खासकर फेंटानिल, की अमेरिका में तस्करी करते हैं। इसके कारण ओवरडोज से होने वाली मौतों में तेज़ वृद्धि हुई है, जिससे मेक्सिको के कार्टेल्स अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता बन गए हैं।
जनवरी 2025 में, पद संभालने के पहले ही दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें मेक्सिको के छह कार्टेल्स को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ)[i] घोषित किया गया। इससे मेक्सिको की सरकार पर दबाव और बढ़ गया। यह कदम अमेरिकी सरकार को ऐसे अधिकार दे सकता है, जिससे मेक्सिको की संप्रभुता का उल्लंघन हो सकता है, जैसे मेक्सिको की जमीन पर ड्रोन हमले या सैन्य कार्रवाई।[ii]
मेक्सिको का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी की समस्या को केवल आपूर्ति के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। मेक्सिको के अधिकारियों के अनुसार, वहां काम कर रहे कार्टेल्स की ताकत काफी हद तक हथियारों की उपलब्धता से आती है। क्षेत्र में कड़े हथियार नियंत्रण कानून होने के बावजूद (जिसमें पूरे देश में केवल एक कानूनी रूप से मंजूर बंदूक की दुकान है, जिसे सेना चलाती है), मेक्सिको का कहना है कि आपराधिक समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कई हथियार अमेरिका से तस्करी करके लाए जाते हैं। वे यह भी बताते हैं कि नशीले पदार्थों की तस्करी इसलिए जारी है क्योंकि अमेरिका में इसकी मांग लगातार बनी हुई है, जो दुनिया के सबसे बड़े अवैध नशीले पदार्थों के बाजारों में से एक है। इस तरह इस मुद्दे में दोनों देशों के बीच एक-दूसरे पर आरोप लगाने की स्थिति दिखती है।
2018 में, जब मोरेना पार्टी (मेक्सिको की वर्तमान सत्तारूढ़ पार्टी) के मैनुअल लोपेज़ ओब्राडोर सत्ता में आए, तो उन्होंने अपने चौथे परिवर्तन[iii] के विचार के तहत “अब्राज़ोस, नो बालाज़ोस” (“हग्स, नॉट बुलेट्स”) की रणनीति अपनाई। इस रणनीति में संगठित अपराधियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई के बजाय सामाजिक विकास कार्यक्रमों पर ज़ोर दिया गया।[iv] उनके इस दृष्टिकोण में ड्रग व्यापार से जुड़े गैर-हिंसक अपराधियों के लिए माफी पर चर्चा, सामाजिक योजनाओं का विस्तार, आंतरिक सुरक्षा के लिए सेना के बजाय पुलिस बल को मजबूत और पेशेवर बनाना, और मारिजुआना को वैध बनाने तथा पोपी की खेती को नियंत्रित या लाइसेंस देने जैसे कदमों पर विचार शामिल था। इसका उद्देश्य गरीबी और सामाजिक अलगाव जैसे हिंसा के मूल कारणों को दूर करना था, न कि केवल कार्टेल्स के खिलाफ बल प्रयोग पर निर्भर रहना।
राष्ट्रपति ओब्राडोर की सुरक्षा नीति में यह बदलाव इस समझ के बाद आया कि मेक्सिको की पारंपरिक पार्टियों (जैसे पीआरआई और पीएएन) द्वारा अपनाई गई अधिक सैन्यीकरण और किंगपिन रणनीति[v] के कई अनचाहे परिणाम सामने आए हैं। इन नीतियों के साथ हत्या, लोगों के गायब होने और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी जुड़े रहे हैं।[vi] उदाहरण के लिए, किंगपिन रणनीति यानी बड़े कार्टेल नेताओं को हटाने से अक्सर मेक्सिको में सक्रिय कार्टेल्स के भीतर और उनके बीच हिंसक प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती थी, क्योंकि अलग-अलग समूह क्षेत्रों और ड्रग तस्करी के रास्तों पर नियंत्रण पाने की कोशिश करते थे। इसके परिणामस्वरूप हिंसा बढ़ गई और नए इलाकों तक फैल गई - जिसे “बलून प्रभाव” कहा जाता है। इन परिणामों को समझते हुए राष्ट्रपति ओब्राडोर ने अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव का प्रस्ताव रखा।
हालांकि अब, बढ़ती कार्टेल हिंसा और अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच, राष्ट्रपति शीनबाम (मोरेना पार्टी) के नेतृत्व में मेक्सिको फिर से पुरानी सुरक्षा नीति की ओर लौटता दिखाई दे रहा है।[vii] इस बदलाव में कार्टेल नेतृत्व को निशाना बनाने पर फिर से ज़ोर दिया जा रहा है, जिसमें गिरफ्तारी, प्रत्यर्पण और प्रमुख नेताओं को खत्म करने जैसे कदम शामिल हैं। मेक्सिको पर दबाव तब और बढ़ गया है जब ट्रंप बार-बार चेतावनी दे चुके हैं कि अगर कार्टेल्स को तोड़ने और फेंटानिल लैब्स को बंद करने में ठोस प्रगति नहीं हुई, तो अमेरिका मेक्सिको में सैनिक भेजने यानी “बूट ऑन द ग्राउंड” और ड्रोन हमलों पर भी विचार कर सकता है।
यह बढ़ती स्थिति ट्रंप के इस आकलन को भी दिखाती है कि मेक्सिको को दी गई पहले की अमेरिकी सहायता, जैसे मेरिडा इनिशिएटिव, जिसमें उपकरण, प्रशिक्षण, न्यायिक सुधार और संस्थागत मजबूती पर ध्यान दिया गया था, और जो बाइडेन प्रशासन के दौरान शुरू किया गया बाइसेंटेनियल फ्रेमवर्क, जिसका उद्देश्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षित समुदायों को मजबूत करना था, मेक्सिको में हिंसा कम करने में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का कठोर रुख मेक्सिको में हिंसा को और बढ़ा सकता है। कार्टेल नेताओं को निशाना बनाने से अक्सर संगठन छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाते हैं, जिससे अस्थिरता और बढ़ती है। इसके अलावा, ड्रग प्रयोगशालाओं को खत्म करने से केवल अस्थायी असर पड़ता है, क्योंकि उन्हें जल्दी फिर से स्थापित किया जा सकता है। साथ ही, अमेरिका द्वारा एकतरफा सैन्य कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है और मेक्सिको की संप्रभुता को कमजोर कर सकती है।
राष्ट्रपति शीनबाम ने सैन्य हस्तक्षेप को लेकर ट्रंप की टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।[viii] वहीं दूसरी ओर, उनकी सरकार ने प्रभावशाली वर्ग और अपराधियों के गठजोड़ पर कार्रवाई तेज कर दी है। इसका एक उदाहरण मेक्सिको राज्य[ix] में चलाया गया ऑपरेशन स्वार्म है, साथ ही संगठित अपराधियों को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की कार्रवाई भी बढ़ाई गई है। ऐसे सबसे बड़े प्रत्यर्पणों में से एक 20 जनवरी 2026 को हुआ, जब अमेरिका द्वारा वांछित 37 कार्टेल सदस्यों को प्रत्यर्पित किया गया।[x] इसके अलावा, सरकार ने कार्टेल नेतृत्व को निशाना बनाने वाले अभियान भी तेज कर दिए हैं। हाल का एक बड़ा अभियान जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) के नेता एल. मेंचो के खिलाफ चलाया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।[xi] हालांकि उसकी मौत के बाद मेक्सिको के कम से कम दर्जन भर राज्यों में बदले की हिंसा भड़क गई, जिससे देश की आंतरिक स्थिरता को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है, खासकर तब जब मेक्सिको 2026 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा है।[xii] शीनबाम के सामने मुख्य दुविधा यह है कि यदि वे अमेरिका की सुरक्षा संबंधी मांगों को मानती हैं तो देश के भीतर हिंसा बढ़ने का खतरा है, और यदि वे इन दबावों का विरोध करती हैं तो अमेरिका के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं।
फिर भी, राष्ट्रपति शीनबाम ने संतुलित कूटनीति अपनाने की कोशिश की है, जिसमें वे डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाओं का जवाब सख्ती के साथ लेकिन सावधानी से देती हैं, खासकर जब ट्रंप मेक्सिको को हिंसा का केंद्र बताते हैं।[xiii] शीनबाम ने जोर देकर कहा है कि यदि अमेरिका मेक्सिको को कार्टेल हिंसा से निपटने में मदद करना चाहता है, तो उसे अपने देश के भीतर के कारणों पर भी ध्यान देना होगा, खासकर मेक्सिको में हथियारों की तस्करी और नशीले पदार्थों की मांग पर। यह उनके इस बड़े तर्क को दिखाता है कि ड्रग व्यापार की समस्या को प्रभावी ढंग से हल करने के लिए साझा जिम्मेदारी का ढांचा जरूरी है।[xiv]
ख. अवैध प्रवासन का समाधान
अवैध प्रवासन भी एक बड़ा विवाद का मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका लंबे समय से मेक्सिको से यह उम्मीद करता रहा है कि वह मेक्सिको-अमेरिका सीमा से होने वाले अवैध प्रवासन को रोकने में अधिक सहयोग करे। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में यह दबाव और बढ़ गया, क्योंकि उनकी सरकार सख्त आप्रवासन नीतियों के जरिए अपने चुनावी वादों को पूरा करना चाहती थी।
इसके परिणामस्वरूप, अपने पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की योजना पेश की और माइग्रेंट प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल्स (जिसे आम तौर पर “रिमेन इन मेक्सिको” नीति कहा जाता है) लागू की। इस नीति के तहत अमेरिका की सीमा पर पहुंचने वाले शरणार्थियों को तब तक मेक्सिको में ही रहना पड़ता था, जब तक अमेरिकी अदालतों में उनके आप्रवासन मामलों पर फैसला नहीं हो जाता। इस नीति के कारण मेक्सिको एक तरह के बफर ज़ोन में बदल गया, जो अमेरिका की ओर जाने वाले प्रवासन के दबाव को अपने ऊपर ले लेता था। हालांकि, अगस्त 2022 में जो बाइडेन प्रशासन ने इस कार्यक्रम को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया, क्योंकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने इसे खत्म करने की अनुमति दे दी थी। यह कदम डेमोक्रेटिक पार्टी के व्यापक दृष्टिकोण[xv] को भी दिखाता है, जो आम तौर पर प्रवासन के मामले में अधिक उदार और मानवीय नीतियों का समर्थन करती है। लेकिन 2025 में फिर से सत्ता में आने के बाद ट्रंप प्रशासन ने माइग्रेंट प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल्स को दोबारा लागू कर दिया।[xvi]
इस नीति के दोबारा लागू होने से मेक्सिको पर फिर से दबाव बढ़ गया है। इससे मेक्सिको एक तरह का ठहराव क्षेत्र बन गया है, जहां अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले प्रवासी तब तक रहते हैं, जब तक अमेरिकी अदालतें उनके शरण मामलों पर फैसला नहीं देतीं। इसके साथ ही अमेरिका ने मेक्सिको से निर्वासित प्रवासियों को स्वीकार करने में भी अधिक सहयोग मांगा है, जिनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो मेक्सिको के नागरिक नहीं हैं।[xvii] इस व्यवस्था के कारण मेक्सिको पर मानवीय और व्यवस्थागत बोझ बढ़ जाता है, क्योंकि कई देशों के प्रवासी लंबे समय तक मेक्सिको में फंसे रह सकते हैं।
नजरबंदी केंद्र और आश्रय स्थल भीड़भाड़ और खराब होती परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जिसमें कई प्रवासियों को अस्थायी शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं बहुत सीमित हैं। मेक्सिको पर यह दबाव तब और बढ़ गया जब यूएसएआईडी[xviii] की सहायता में कटौती हुई। यह संस्था लंबे समय से नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय आश्रय स्थलों को समर्थन देती रही थी, जो प्रवासियों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा और अस्थायी ठहरने की सुविधा प्रदान करते थे। अब फंडिंग रुकने के कारण कई गैर-सरकारी संगठनों ने मेक्सिको के अस्थायी शिविरों में प्रवासियों को दी जाने वाली सहायता कम कर दी है।
इसके जवाब में राष्ट्रपति शीनबाम ने अमेरिका की सीमा पर सुरक्षा को और सख्त कर दिया है और अवैध प्रवासन रोकने हेतु नेशनल गार्ड को तैनात किया है। नेशनल गार्ड की स्थापना 2019 में राष्ट्रपति ओब्राडोर ने मुख्य रूप से संगठित अपराध और सार्वजनिक असुरक्षा से निपटने के लिए की थी। हालांकि बाद में अमेरिका के लगातार दबाव के कारण इसका उपयोग प्रवासन नियंत्रण के लिए भी किया जाने लगा। शीनबाम सरकार ने नेशनल गार्ड की इस दोहरी भूमिका को बनाए रखा है और इसे और बढ़ाया भी है।[xix] खास बात यह है कि फरवरी 2025 में ट्रंप ने मेक्सिको पर लगाए गए टैरिफ को निलंबित कर दिया, क्योंकि मेक्सिको ने अवैध प्रवासन और ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए अपनी उत्तरी सीमा पर 10,000 नेशनल गार्ड जवान तैनात करने पर सहमति दी थी।[xx]
इसके प्रभाव की बात करें तो क्लॉडिया शीनबाम और ट्रंप प्रशासन द्वारा मिलकर अपनाई गई प्रवासन नीतियों के कारण अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अवैध पार करने की घटनाओं में कमी आई है। यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के आंकड़ों के अनुसार, अवैध तरीके से सीमा पार करने के मामले 2024 में 21,35,005 से घटकर 2025 में 4,43,671 रह गए।[xxi] हालांकि, इस “सफलता” की सीमा को लेकर विवाद बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि ये आंकड़े मुख्य रूप से केवल पकड़े गए लोगों को दिखाते हैं, जबकि उन लोगों का हिसाब इसमें नहीं होता जो बिना पकड़े अमेरिका में प्रवेश करने में सफल हो सकते हैं।
मेक्सिको के लिए, राष्ट्रपति ट्रंप की आप्रवासन नीतियों ने देश के संसाधनों, अर्थव्यवस्था और समाज पर काफी दबाव डाल दिया है, क्योंकि उसे बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासियों को संभालना पड़ रहा है।
सहयोग के बावजूद, राष्ट्रपति शीनबाम ने प्रवासियों के “अपराधीकरण” की आलोचना भी की है और लॉस एंजिलिस तथा दक्षिणी कैलिफोर्निया में मेक्सिकन प्रवासियों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट द्वारा की गई बड़े पैमाने की छापेमारी की निंदा की है।
ग. यूएसएमसीए, चीन और त्रिकोणीय व्यापार की स्थिति
नशीले पदार्थों और प्रवासन के अलावा, अमेरिका-मेक्सिको संबंधों में तनाव का तीसरा बड़ा कारण मेक्सिको के रास्ते चीन के सामान का अमेरिका में पहुंचना है।
मेक्सिको, यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) के माध्यम से उत्तरी अमेरिका की आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ा हुआ है, जो इन तीनों देशों के बीच व्यापार को नियंत्रित करता है। इसके अलावा, अमेरिका अभी भी मेक्सिको का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और मेक्सिको के अधिकांश निर्यात अमेरिका को ही जाते हैं।
हालांकि अब दूरी के बावजूद चीन मेक्सिको का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। मेक्सिको को होने वाले चीनी निर्यात में काफी वृद्धि हुई है, जो 2017 में 35.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 90.23 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। इसके अलावा, मेक्सिको चीनी निर्मित वाहनों का सबसे बड़ा आयातक बन गया है और चीनी वाहन कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बन रहा है। मेक्सिको के मॉन्टेरी के पास स्थित होफुसान इंडस्ट्रियल पार्क इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां कम से कम 30 चीनी कंपनियां मौजूद हैं, खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में, जिनमें बीवाईडी और चेरी जैसी कंपनियां शामिल हैं।[xxii] मेक्सिको के बंदरगाहों, दूरसंचार और रेलवे में भी चीन की मौजूदगी बढ़ रही है, जो उत्तरी अमेरिका की आपूर्ति श्रृंखलाओं में उसकी धीरे-धीरे बढ़ती रणनीतिक पहुंच को दिखाती है।
दूसरी ओर, अमेरिका के लिए बढ़ते व्यापारिक तनाव के संदर्भ में मेक्सिको में चीन की बढ़ती मौजूदगी गंभीर चिंता का कारण बन गई है। इसका कारण यह है कि चीन मेक्सिको की यूएसएमसीए में मौजूद स्थिति का फायदा उठाकर, खासकर स्टील, एल्युमिनियम और इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगे अमेरिकी टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों से बच सकता है, और इस तरह अमेरिकी बाजार में पीछे के रास्ते से प्रवेश कर सकता है। मेक्सिको में असेंबली प्लांट स्थापित करके और उत्पादों में अतिरिक्त मूल्य जोड़कर, चीनी सामान यूएसएमसीए समझौते के तहत अमेरिका में शुल्क-मुक्त (ड्यूटी फ्री) प्रवेश के योग्य बन सकता है।[xxiii]
इसी कारण अमेरिका मेक्सिको पर चीन के आर्थिक प्रभाव को सीमित करने के लिए टैरिफ, व्यापारिक दबाव और यूएसएमसीए की समीक्षा, पुनः वार्ता या उससे हटने की अप्रत्यक्ष चेतावनी जैसे उपायों का उपयोग कर रहा है। खासकर विनिर्माण एवं बुनियादी ढांचे जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में चीन की भूमिका को सीमित करने के लिए यह दबाव बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) भी सामान के मूल देश की जांच को और सख्त कर रहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि उत्पाद वास्तव में मेक्सिको में बने हैं या केवल चीन से आकर वहां से गुजर रहे हैं।[xxiv]
मेक्सिको के लिए भी चीन से जुड़ा मुद्दा अब अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, खासकर यूएसएमसीए के लागू होने के बाद उसकी पहली संयुक्त समीक्षा के संदर्भ में। हालांकि अमेरिका ने मेक्सिको के श्रम सुधारों (विशेषकर श्रमिक अधिकारों के पालन), ऊर्जा नीतियों (जिन्हें विदेशी निवेशकों के बजाय सरकारी कंपनियों के पक्ष में माना जाता है) और न्यायिक सुधारों[xxv] (विशेषकर न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निवेशकों के भरोसे और विवाद समाधान की निष्पक्षता को लेकर) पर भी चिंता जताई है, लेकिन अब चीन का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक प्रमुख विवाद का विषय बनकर उभरा है।
इन चिंताओं के जवाब में और इन वार्ताओं से पहले, 10 दिसंबर 2025 को मेक्सिको की संसद ने एक कानून पारित किया, जिसमें उन देशों से आयात पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है जिनके साथ उसका कोई व्यापार समझौता नहीं है।[xxvi] मेक्सिको ने इन कदमों को “प्लान मेक्सिको” के तहत सही ठहराया है, जिसका उद्देश्य व्यापार घाटे को कम करना और घरेलू उद्योगों की रक्षा करना है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इसका असली उद्देश्य तीसरे देशों के जरिए चीनी सामान के अप्रत्यक्ष प्रवेश को रोकना है।
फिर भी, अमेरिका के बढ़ते दबाव के बावजूद, मेक्सिको ने चीन से आर्थिक दूरी बनाने की नीति नहीं अपनाई है। हालांकि उसने संवेदनशील क्षेत्रों में चीन की भागीदारी पर निगरानी बढ़ाई है, खासकर यूएसएमसीए के ढांचे के भीतर, लेकिन वह अपने घरेलू आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग जारी रखे हुए है। खासकर बुनियादी ढांचा, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में मेक्सिको अभी भी चीन से मिलने वाले संसाधनों और तकनीक पर निर्भर है। इसके अलावा, टैरिफ लगाने के बावजूद मेक्सिको और चीन के बीच उच्च स्तर की वार्ताएं भी हुई हैं, जिनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों[xxvii] को संतुलित रखना और धीरे-धीरे तथा सावधानी से आगे बढ़ाना है। यह शीनबाम की संतुलित रणनीति को दर्शाता है।
निष्कर्ष
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि मेक्सिको उसकी प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को सुलझाने में अग्रिम भूमिका निभाए। इसमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करके अवैध प्रवासन को रोकना, ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई तेज करना (खासकर फेंटानिल की तस्करी को रोकना) और व्यापार व औद्योगिक नीतियों को इस तरह से समायोजित करना शामिल है कि चीन यूएसएमसीए के तहत मेक्सिको का उपयोग अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए न कर सके। इन अपेक्षाओं को टैरिफ और सैन्य कार्रवाई की धमकियों के जरिए और मजबूत किया जा रहा है, जो यह संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग काफी हद तक इन मुद्दों पर मेक्सिको की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
मेक्सिको और अमेरिका के बीच गहरे आर्थिक संबंधों और यूएसएमसीए की चल रही समीक्षा को देखते हुए, क्लॉडिया शीनबाम की सरकार ने काफी हद तक ट्रंप की अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश की है। साथ ही राष्ट्रपति शीनबाम ने यह स्पष्ट किया है कि ड्रग्स और प्रवासन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग और संवाद चार मुख्य सिद्धांतों के ढांचे के भीतर ही आगे बढ़ेंगे: संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारी, आपसी विश्वास, और बिना अधीनता के सहयोग।
इसी के साथ राष्ट्रपति शीनबाम ने कई मुद्दों पर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का विरोध करने की भी जगह बनाई है। इसमें मेक्सिको में संभावित सैन्य हस्तक्षेप पर ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना करना, कैरेबियन में नौकाओं पर अमेरिकी हमलों और वेनेजुएला में हस्तक्षेप को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताना, “गल्फ ऑफ मेक्सिको” का नाम बदलने के प्रस्ताव का कड़ा जवाब देना, और “बोर्ड ऑफ पीस” में भाग लेने से इनकार करना शामिल है।
राष्ट्रपति शीनबाम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अमेरिका के दबाव का ऐसा संतुलित जवाब दें जिससे तनाव बढ़ने से बचा रहे, साथ ही मेक्सिको की संप्रभुता भी सुरक्षित रहे और देश के भीतर राजनीतिक समर्थन भी बना रहे। फिर भी, कभी-कभी होने वाली कूटनीतिक तनातनी के बावजूद अमेरिका–मेक्सिको संबंध व्यावहारिक सहयोग से ही आगे बढ़ते रहे हैं, जो इस साझा समझ को दर्शाता है कि सीमा के दोनों ओर स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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*डॉ. गिरिशंकर एस.बी, रिसर्च एसोसिएट, विश्व मामलों की भारतीय परिषद, नई दिल्ली
अस्वीकरण: व्यक्त किए गए विचार व्यक्तिगत हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
संदर्भ
[i] The White House. “Designating Cartels And Other Organizations As Foreign Terrorist Organizations And Specially Designated Global Terrorists.” January 21, 2025. https://www.whitehouse.gov/presidential-actions/2025/01/designating-cartels-and-other-organizations-as-foreign-terrorist-organizations-and-specially-designated-global-terrorists/.
[ii] Raziel, Zedryk. “Trump after Declaring Cartels Terrorist Organizations: ‘Mexico Is Not Going to like It.’” EL PAÍS English, January 21, 2025. https://english.elpais.com/international/2025-01-21/trump-after-declaring-cartels-terrorist-organizations-mexico-is-not-going-to-like-it.html.
[iii] Note- The nomenclature of President Obrador’s ‘Fourth Transformation’ comes after the three major historical episodes- the Mexican War of Independence (1810–1821), the Reform War (1857–1861), and the Mexican Revolution (1910–1920). It represents President Obrador's vision for a profound social and political overhaul, addressing systemic issues in security, governance, and social inequality along with emphasising self-sufficiency.
[iv] “Challenges Before the Mexican President-Elect - Indian Council of World Affairs (Government of India).” Accessed March 20, 2026. /show_content.php?lang=1&level=3&ls_id=10980&lid=6982.
[v] Note- The kingpin strategy is a law enforcement and security approach focused on capturing, extraditing or eliminating the top leaders (“kingpins”) of criminal organizations.
[vi] Jones, Nathan P. “The Unintended Consequences of Kingpin Strategies: Kidnap Rates and the Arellano-Felix Organization.” Baker Institute for Public Policy, January 16, 2013. https://www.bakerinstitute.org/research/the-unintended-consequences-of-kingpin-strategies-kidnap-rates-and-the-arellano-felix-organization.
[vii] Matamis, Joaquin. “Bullets Not Hugs? Mexico’s New Old Security Strategy • Stimson Center.” Stimson Center, March 9, 2026. https://www.stimson.org/2026/bullets-not-hugs-mexicos-new-old-security-strategy/.
[viii] Lopez, Oscar. “Sheinbaum Rejects US ‘Invasion’ after Trump Orders Military to Target Mexico Cartels.” World News. The Guardian, August 9, 2025. https://www.theguardian.com/world/2025/aug/08/mexico-us-military-invasion-sheinbaum-trump.
[ix] “The Structural Redesign of Security in Mexico | Wilson Center.” December 11, 2024. https://www.wilsoncenter.org/article/structural-redesign-security-mexico.
[x] Office of Public Affairs | 37 Mexican Nationals Wanted for Serious Crimes Transferred to the United States from Mexico, Including Leaders of Foreign Terrorist Organizations | United States Department of Justice.” January 21, 2026. https://www.justice.gov/opa/pr/37-mexican-nationals-wanted-serious-crimes-transferred-united-states-mexico-including.
[xi] “Mexico’s Most Wanted Drug Lord ‘El Mencho’ Killed in Military Operation.” February 23, 2026. https://www.bbc.com/news/articles/cy4wywnrdd8o.
[xii] “Violence Erupts in Mexico after Drug Lord El Mencho Killed.” February 23, 2026. https://www.bbc.com/news/articles/c795qgejzpxo.
[xiii] Graham, Thomas. “Sheinbaum tells Trump: stop illegal arms trade from the US to Mexico.” The Guardian, March 9, 2026. https://www.theguardian.com/world/2026/mar/09/mexican-cartels-guns-come-from-us-sheinbaum-trump.
[xiv] Lopez, Oscar. “Sheinbaum Tells Trump: Stop Illegal Arms Trade from the US to Mexico.” World News. The Guardian, March 9, 2026. https://www.theguardian.com/world/2026/mar/09/mexican-cartels-guns-come-from-us-sheinbaum-trump.
[xv] “Migrant Protection Protocols (Biden Administration Archive) | Homeland Security.” Accessed March 19, 2026. https://www.dhs.gov/archive/migrant-protection-protocols-biden-administration.
[xvi] “The ‘Migrant Protection Protocols’: An Explanation of the Remain in Mexico Program.” American Immigration Council, n.d. Accessed March 19, 2026. https://www.americanimmigrationcouncil.org/fact-sheet/migrant-protection-protocols/.
[xvii] Refugees International. “Protection, Not Concession: Mexico’s Responsibility to Third Country Nationals Deported by the United States.” Accessed March 19, 2026. https://www.refugeesinternational.org/reports-briefs/protection-not-concession-mexicos-responsibility-to-third-country-nationals-deported-by-the-united-states/.
[xviii] Refugees International. “Mexico.” Accessed March 19, 2026. https://www.refugeesinternational.org/mexico/.
[xix] Raúl Benítez Manaut, “Security, Drug Trafficking, and Migration: Mexico in the Era of Trump 2.0,” Voices of Mexico, no. 126 (Summer 2025). file:///C:/Users/hp/Downloads/BENITEZ%20VOICES%20OF%20MEXICO%20SECURITY%20DRUG-25%20(1).pdf.
[xx] Daphne Psaledakis and David Lawder, “Trump Says Americans May Feel ‘Pain’ in Trade War with Mexico, Canada, China,” Reuters, February 3, 2025. https://www.reuters.com/world/us/trump-says-americans-may-feel-pain-trade-war-with-mexico-canada-china-2025-02-03/.
[xxi] “Southwest Land Border Encounters | US Customs and Border Protection.” Accessed March 20, 2026. https://www.cbp.gov/newsroom/stats/southwest-land-border-encounters.
[xxii] “Chinese Industrial Parks In Mexico, Mexico A Growing Hub For Chinese FDI (And BYD).” Accessed March 19, 2026. https://www.mondaq.com/unitedstates/international-trade-investment/1583716/chinese-industrial-parks-in-mexico-mexico-a-growing-hub-for-chinese-fdi-and-byd.
[xxiii] Brookings. “Is China Circumventing US Tariffs via Mexico and Canada?” Accessed March 19, 2026. https://www.brookings.edu/articles/is-china-circumventing-us-tariffs-via-mexico-and-canada/.
[xxiv] “Marking of Country of Origin on U.S. Imports | U.S. Customs and Border Protection.” Accessed March 19, 2026. https://www.cbp.gov/trade/rulings/informed-compliance-publications/marking-country-origin-us-imports.
[xxv] “Mexico’s Judicial Reforms Lead to Friction with the US And Canada - Indian Council of World Affairs (Government of India).” Accessed March 20, 2026. /show_content.php?lang=1&level=3&ls_id=11886&lid=7216.
[xxvi] “Mexico Approves up to 50% Tariffs on China and Other Countries.” December 11, 2025. https://www.bbc.com/news/articles/c36z43ll06zo.
[xxvii] CGTN. “China, Mexico Discuss Trade in Hopes of Smoothing Bilateral Relations.” Accessed March 19, 2026. https://newsus.cgtn.com/news/2026-02-23/China-Mexico-discuss-trade-in-hopes-of-smoothing-bilateral-relations--1KZ5nGcWwzm/p.html.