विश्व मामलों की भारतीय परिषद

सप्रू हाउस, नई दिल्ली
महामहिम श्री ओलाफुर राग्नर ग्रिमसन, आइसलैंड के भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं आर्कटिक सर्कल के चेयरमैन द्वारा 33 वां सप्रू हाउस व्याख्यान सह विशेष संबोधन, 4  मार्च 2020
महामहिम श्री ओलाफुर राग्नर ग्रिमसन, आइसलैंड के भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं आर्कटिक सर्कल के चेयरमैन द्वारा 33 वां सप्रू हाउस व्याख्यान सह विशेष संबोधन, 4 मार्च 2020
माननीय विंस्टन पीटर्स, उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री, न्यू ज़ीलैण्ड द्वारा
माननीय विंस्टन पीटर्स, उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री, न्यू ज़ीलैण्ड द्वारा "हिन्द-प्रशांत: सिद्धांतों से साझेदारी तक" पर 35 वां सप्रू हाउस व्याख्यान | 26 फरवरी 2020
डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. 6 वें हिंद महासागर संवाद [IOD] मे, नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2019।
डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. 6 वें हिंद महासागर संवाद [IOD] मे, नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2019।
डॉ. ए. अप्पोरादाई, पूर्व महासचिव, विश्वमामलों कि भारतीय परिषद् के जीवन और कार्यों का स्मरण करते हुए, 10 दिसम्बर 2019.
डॉ. ए. अप्पोरादाई, पूर्व महासचिव, विश्वमामलों कि भारतीय परिषद् के जीवन और कार्यों का स्मरण करते हुए, 10 दिसम्बर 2019.
श्री वी. मुरलीधरन, राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय और संसदीय मामले द्वारा
श्री वी. मुरलीधरन, राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय और संसदीय मामले द्वारा "टेकिंग स्टोक ऑफ़ इंडिया-लेटिन अमेरिका एंड कैरेबियन रिलेशन" विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में विशेष संबोधन देते हुए, 8 अगस्त, 2019.
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 17वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए (4 अक्टूबर 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 17वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए (4 अक्टूबर 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 'बदलते वैश्विक परिवेश में भारत-अफ्रीका साझेदारी: प्राथमिकताएँ, संभावनाएँ और चुनौतियाँ’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में समापन सत्र को संबोधित करते हुए (सप्रू हाउस, 4 सितंबर, 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 'बदलते वैश्विक परिवेश में भारत-अफ्रीका साझेदारी: प्राथमिकताएँ, संभावनाएँ और चुनौतियाँ’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में समापन सत्र को संबोधित करते हुए (सप्रू हाउस, 4 सितंबर, 2019)
महामहिम श्री माटामेला सिरिल रामफ़ोसा, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा प्रथम इब्सा (IBSA) गांधी-मंडेला मेमोरियल फ्रीडम व्याख्यान दिया गया | इस अवसर पर डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. द्वारा भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए, नई दिल्ली, 25 जनवरी, 2019.
महामहिम श्री माटामेला सिरिल रामफ़ोसा, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा प्रथम इब्सा (IBSA) गांधी-मंडेला मेमोरियल फ्रीडम व्याख्यान दिया गया | इस अवसर पर डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. द्वारा भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए, नई दिल्ली, 25 जनवरी, 2019.
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, आईसीडब्ल्यूए, परिषद के  प्रकाशन का विमोचन करते हुए, 4 सितंबर 2019
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, आईसीडब्ल्यूए, परिषद के प्रकाशन का विमोचन करते हुए, 4 सितंबर 2019
महामहिम प्रो. तिजजानी मुहम्मद-बंदे, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष,
महामहिम प्रो. तिजजानी मुहम्मद-बंदे, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष, "74 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए प्राथमिकताएं" विषय पर अभिभाषण देते हुए, 2 सितंबर 2019.
प्रो. डेविड न्यूमैन, मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय, बेन-गुरियन विश्वविद्यालय
प्रो. डेविड न्यूमैन, मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय, बेन-गुरियन विश्वविद्यालय "इजरायल के चुनाव और इजरायल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया के भविष्य" विषय पर व्यख्यान देते हुए, 7 मई, 2019.

अध्यक्ष आईसीडब्ल्यूए

भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू विश्व मामलों की भारतीय परिषद के पदेन अध्यक्ष हैं।

महानिदेशक आईसीडब्ल्यूए

डॉ टी सी ए राघवन महानिदेशक विश्व मामलों की भारतीय परिषद (24 जुलाई 2018 के बाद)

आईसीडब्ल्यूए विश्लेषण

अस्वीकरण: विश्व मामलों की भारतीय परिषद के सभी प्रकाशनों में व्यक्त विचार और मत अध्येता के हैं और परिषद या इसके किसी भी पदाधिकारी की राय को प्रतिबिंबित नहीं करते।

27 अक्टूबर
2020

डॉ. टेम्जेनमरेन एओ

14 दिसंबर 2005 को स्थापित ईएएस की सदस्य राष्ट्रों की संख्या दस आसियान देशों ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका [यूएस],...

23 अक्टूबर
2020

डॉ. अन्वेषा घोष

अफगानिस्तान के इस्लामिक गणराज्य और तालिबान का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच बहुप्रतीक्षित अंतर-अफगान शांति वार्ता 12 सितंबर 2020 को दोहा की राजधानी कतरी...

12 अक्टूबर
2020

डॉ.अंकिता दत्ता

1970 के बाद से कई मुद्दों पर गतिरोध का सामना कर रहे ग्रीस और तुर्की का भूमध्य सागर में तनाव कोई नई बात नहीं है। हाल ही में तनाव की शुरुआत जुलाई 2020 में हुई जब तुर्की...

07 अक्टूबर
2020

डॉ स्तुति बनर्जी

20 मई 2020 को, व्हाइट हाउस ने एफवाई 2019 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम के अनुसार एक रिपोर्ट जारी की, जिसका शीर्षक 'यूनाइटेड स्टेट्स स्ट्रेटेजिक अप्रोच टू द...

02 अक्टूबर
2020

डॉ. प्रज्ञा पाण्डेय

प्रथम भारत-फ्रांस-ऑस्ट्रेलिया त्रिपक्षीय वार्ता का वरिष्ठ स्तर पर 9 सितंबर, 2020 को वर्चुअल आयोजन किया गया था। भारतीय विदेश सचिव, हर्षवर्धन श्रृंगला, महासचिव, फ्रांसीसी...

10 सितंबर
2020

डॉ. जोजिन वी. जॉन

28 अगस्त को प्रधानमंत्री (पीएम) शिंजो आबे का अचानक इस्तीफा देना जहाँ एक ओर दूरदर्शिता का संकेत देता है तो वहीं दूसरी ओर इसने जापानी राजनीतिक प्रतिष्ठान को तगड़ा...

सप्रू हाउस व्याख्यान माला

सप्रू हाउस व्याख्यान माला
महामहिम श्री ओलाफुर राग्नर ग्रिमसन, आइसलैंड के भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं आर्कटिक सर्कल के चेयरमैन द्वारा 33 वां सप्रू हाउस व्याख्यान सह विशेष संबोधन, 4 मार्च 2020

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सप्रू हाउस लाइव वेबकास्ट Archive

आईसीडब्ल्यूए अतिथि विचार

आईसीडब्ल्यूए जर्नल

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परिषद का प्रमुख प्रकाशन 'इंडिया क्वार्टरली' (ए जर्नल ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स) है। यह 1945 में शुरू किया गया था और 2010 में प्रकाशन के अपने 66 वें वर्ष में प्रवेश किया था। वर्ष 2020 से 'इंडिया क्वार्टरली' का हिंदी प्रकाशन भी शुरू किया जा चूका है ।

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मौखिक इतिहास परियोजना

विश्व मामलों की भारतीय परिषद का ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट, जिसके तहत पूर्व वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों ने सेवा में रहते हुए अपने अनुभव सुनाए, उन्हें राजदूत किशन एस राणा और राजदूत इशरत अजीज ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया। ओरल हिस्टरीज़ को एक बुकलेट फॉर्म में मुद्रित किया गया है, और आईसीडब्ल्यूए लाइब्रेरी, एमईए लाइब्रेरी और एफएसआई लाइब्रेरी में रखा गया है।

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राजनय की विरासत

"राजनय की विरासत" राजदूतों और वरिष्ठ राजनयिकों द्वारा लिखित पुस्तकों का एक गुलदस्ता है। यह विशेष संग्रह विश्व मामलों की भारतीय परिषद के पुस्तकालय में उपलब्ध है। इस संग्रह में हमारे राजदूतों द्वारा भारत के अन्य देशों के साथ अनुभवजन्य किस्से, संस्मरण, लघु कथाएँ, आत्मकथात्मक लेख और भारत के अन्य देशों के साथ संबंधों का छिद्रान्वेषण हैं।

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परिषद की पुस्तकें

भारत-पाकिस्तान संबंधों में कश्मीर का अध्ययन - सिसिर गुप्ता (पुन: र्मुद्रण 2020)
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फोटो गैलरी

परिषद की विरासत

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सप्रू हाउस पुस्तकालय